Adsense responsive

सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

होली के कुछ खास टोने टोटके

होली के कुछ खास टोने टोटके 


होली का दिन तांत्रिक क्रियाओं के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इस दिन अभिमंत्रित और आमंत्रित कर जडी-बूटी घर लाई जाती है। कई प्रकार के मंत्रों की सिद्धियां भी की जाती हैं। होली की पूजा मुख्यत: भगवान विष्णु (नरसिंह अवतार) को ध्यान में रखकर की जाती है। घर के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में देशी घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अवश्य चढाना चाहिए। होली की ग्यारह परिक्रमा करते हुए होली में सूखे नारियल की आहुति देनी चाहिए। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है, कष्ट दूर होते हैं।

होली पर पूरे दिन अपनी जेब में काले कपड़े में बांधकर काले तिल रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें। यदि पहले से ही कोई टोटका होगा तो वह भी खत्म हो जाएगा। होली दहन के समय सात गोमती चक्र लेकर भगवान से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में कोई शत्रु बाधा न डालें। प्रार्थना के पश्चात पूर्णश्रद्धा व विश्वास के साथ गोमती चक्र दहन में डाल दें।

होली दहन के दूसरे दिन होली की राख को घर लाकर उसमें थोड़ी सी राई एवं नमक मिलाकर रख लें। इस प्रयोग से भूतप्रेत या नजर दोष से मुक्ति मिलती है। होली के दिन से शुरु होकर बजरंग बाण का 40 दिन तक नियमित पाठ करनें से हर मनोकामना पूर्ण होगी। यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति नहीं हो रही हो, तो 21 गोमती चक्र लेकर होली दहन के दिन रात्रि में शिवलिंग पर चढा दें। नवग्रह बाधा के दोष को दूर करने के लिए होली की राख से शिवलिंग की पूजा करें तथा राख मिश्रित जल से स्नान करें।

होली वाले दिन किसी गरीब को भोजन अवश्य करायें। होली की रात्रि को सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर पूजा करें एवं भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। इस प्रयोग से बाधा निवारण होता है। यदि बुरा समय चल रहा हो तो होली के दिन पेंडुलम वाली नई घडी पूर्वी या उत्तरी दीवार पर लगाएं। परिणाम स्वयं देखे।

राहु का उपाय- एक नारियल का गोला लेकर उसमे अलसी का तेल भरकर उसी में थोडा सा गुड़ डालें। फिर उस नारियल के गोले को राहु से ग्रस्त व्यक्ति अपने शारीर के अंगो से स्पर्श करवाकर जलती हुई होलिका में डाल दे। पूरे वर्ष भर राहु से परेशानी की संभावना नहीं रहेगी। मनोकामना की पूर्ति हेतु होली के दिन से शुरू करके प्रतिदिन हनुमान जी को पांच लाल पुष्प चढ़ाएं, मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी।

होली की प्रात: बेलपत्र पर सफेद चंदन की बिंदी लगाकर अपनी मनोकामना बोलते हुए शिवलिंग पर सच्चे मन से अर्पित करें। बाद में सोमवार को किसी मंदिर में भोलेनाथ को पंचमेवा की खीर अवश्य चढ़ाएं, मनोकामना पूरी होगी। स्वास्थ्य लाभ हेतु मृत्यु तुल्य कष्ट से ग्रस्त रोगी को छुटकारा दिलाने के लिए जौ के आटे में काले तिल एवं सरसों का तेल मिला कर मोटी रोटी बनाएं और उसे रोगी के ऊपर से सात बार उतारकर भैंस को खिला दें। यह क्रिया करते समय ईश्वर से रोगी को शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना करते रहें।

व्यापार लाभ के लिए होली के दिन गुलाल के एक खुले पैकेट में एक मोती शंख और चांदी का एक सिक्का रखकर उसे नए लाल कपड़े में लाल मौली से बांधकर तिजोरी में रखें, व्यवसाय में लाभ होगा। होली के अवसर पर एक एकाक्षी नारियल की पूजा करके लाल कपड़े में लपेट कर दुकान में या व्यापार स्थल पर स्थापित करें। साथ ही स्फटिक का शुद्ध श्रीयंत्र रखें। उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी।

धनहानि से बचाव के लिए होली के दिन मुख्य द्वार पर गुलाल छिडक़ें और उस पर द्विमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय धनहानि से बचाव की कामना करें। जब दीपक बुझ जाए तो उसे होली की अग्नि में डाल दें। यह क्रिया श्रद्धापूर्वक करें, धन हानि से बचाव होगा। दुर्घटना से बचाव के लिए होलिका दहन से पूर्व पांच काली गुंजा लेकर होली की पांच परिक्रमा लगाकर अंत में होलिका की ओर पीठ करके पांचों गुन्जाओं को सिर के ऊपर से पांच बार उतारकर सिर के ऊपर से होली में फेंक दें।

होली के दिन प्रात: उठते ही किसी ऐसे व्यक्ति से कोई वस्तु न लें, जिससे आप द्वेष रखते हों। सिर ढक कर रखें। किसी को भी अपना पहना वस्त्र या रुमाल नहीं दें। इसके अतिरिक्त इस दिन शत्रु या विरोधी से पान, इलायची, लौंग आदि न लें। ये सारे उपाय सावधानीपूर्वक करें, दुर्घटना से बचाव होगा। आत्मरक्षा हेतु किसी को कष्ट न पहुंचाएं, किसी का बुरा न करें और न सोचें। आपकी रक्षा होगी।
सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार शुभ और अशुभ



पौराणिक शास्त्रों के अनुसार शुभ और अशुभ के बारे में कई बार हम पढ़ते आए हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं वास्तुशास्त्र के अनुसार भी कुछ ऐसे संकेत हैं, जिन्हें बेहद अशुभ माना जाता है। दरअसल इन संकेतों का दिखना बताता है कि जिस काम को आप करने जा रहे हैं, वह असफल रहेगा और साथ ही ये आपके आने वाले बुरे समय की ओर भी इशारा करते हैं। चलिए जानें, कौन से है वह अशुभ संकेत...

वास्तुशास्त्र के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि जिस भी घर में प्रचूर मात्रा में काली चींटियां झुंड में आती हैं, वहां धन वर्षा होने लगती है। लेकिन अगर यह चींटियां काली ना होकर लाल हैं तो यह बड़े नुकसान के होने का संकेत है। इसके साथ ही अगर आपके घर में दीमक आ गई है या मधुमक्खी ने अपना छत्ता बना लिया है तो यह दर्शाता है कि गृहस्वामी को कोई असहनीय शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है।

अगर आपका घर बहुत पथरीली या टेढ़ी-मेढ़ी जमीन पर बना हुआ है तो यह इस बात का संकेत है कि घर में रहने वाले लोगों को हर समय किसी ना किसी परेशानी का सामना पड़ सकता है। इसके साथ ही अगर घर में अचानक से ही काले चूहों का आना-जाना शुरू हो जाए या उनकी संख्या में अचानक से वृद्धि हो तो यह आने वाली विपत्तियों की ओर इशारा करता है।

भवन-निर्माण के लिए अगर आप किसी भूमि की खुदाई कर रहे हैं और वहां कोई मृत जीव, खासकर सर्प दिख जाए यह अशुभ है। यह दर्शाता है कि बुरा समय आपके बहुत नजदीक है। वहीं अगर भूमि की खुदाई करते हुए राख या हड्डी जैसी वस्तुएं मिलती हैं तो यह पहचान है कि आपके ऊपर कोई अनजाना खतरा मंडरा रहा है। जिसके लिए आपको जल्द ही शांति पूजा करवा लेनी चाहिए।

भवन-निर्माण के लिए अगर आप किसी भूमि की खुदाई कर रहे हैं और वहां कोई मृत जीव, खासकर सर्प दिख जाए यह अशुभ है। यह दर्शाता है कि बुरा समय आपके बहुत नजदीक है। वहीं अगर भूमि की खुदाई करते हुए राख या हड्डी जैसी वस्तुएं मिलती हैं तो यह पहचान है कि आपके ऊपर कोई अनजाना खतरा मंडरा रहा है। जिसके लिए आपको जल्द ही शांति पूजा करवा लेनी चाहिए।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

महाशिवरात्रि पर महादेव को मनाने के कुछ उपाय

महाशिवरात्रि पर महादेव को मनाने के कुछ उपाय

महाशिव रात्रि अपने आप में विशेषकर पुण्यदायक साधना पर्व है क्योंकि शिव वही है, जिन्होंने रावण को अटूट बल दिया। मार्कण्डेय को अपना कर यमराज से मुक्ति दिलवाई। परशुराम को बलशाली बनाया और समस्त दीन-दुखियों, दरिद्र प्राणियों, संकटग्रस्त जीवों, लावारिसों आदि समस्त प्राणियों के जीवन की रक्षा कर उन्‍हें समृद्ध बनाते हैं।

शिव का अर्थ मंगलमय और मंगलदाता है। शिव के इस मंगलमय रूप की उपासना समस्त जातकों, सिद्धों और साधकों के लिए मंगलमय है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से साधुओं को मोक्ष प्राप्ति, रोगियों को रोगों से मुक्ति, सभी साधकों को मनवांछित फल प्राप्ति होती है। भगवान शिव की पूजा गृहस्थ जातकों के लिए जरूरी कही जा सकती है। इस दिन पूजा करने से गृहस्थ जीवन में चल रहा मतभेद, पूर्व गृहस्थ सुख, अखंड सौभाग्य की प्राप्ति आदि शुभ फलों की प्राप्ति होती है। भगवान शिव कई रूपों में जातक की मनोकामना पूरी करते है। वहीं महामृत्युंजय रूप में शिव अनेक रोगों का भी हरण करते हैं। शिव एक मात्र ऐसे परमबह्म हैं, जो साधक की कामना से क्षण भर में प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्राप्ति का वर दे देते हैं।

शारीरिक पीड़ा, अकाल मृत्यु दूर करने के लिए
अनेक जातकों की कुंडली में कुछ ऐसे अशुभ योग होते हैं, जिनके कारण उनकी आकस्मिक मृत्यु या उन्हें आकस्मिक मृत्युतुल्य कष्ट होता है। ऐसी स्थिति में शिवपूजा से ही समस्त बाधाओं का निवारण किया जा सकता है। शिवरात्रि के दिन शिव भगवान की प्रतिमा और महामृत्युंजय यंत्र को लाल रंग के वस्त्र पर बिछाकार रखें, उसके बाद विधि-विधान से उसकी पूजा अर्चना कर इस मंत्र का जाप करें- ओम हौं जूं: स: ओम भूर्भव: स्व: ओम त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम् पुष्टिवद्र्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्युर्मुक्षीय मामृतात्। ओम स: भूर्भव: भू: ओम स: जूं: हौम ओम । मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 

व्यापार बाधा की समाप्ति के लिए 
अक्सर यह देखने में आता है कि किसी जातक का अच्छा चलता हुआ व्यवसाय रूक जाता है। कभी-कभी व्यवसाय में विशेष हानि हो जाती है। इन समस्त समस्याओं का निवारण शिवरात्रि के दिन शिव के आशीर्वाद स्वरूप से ही हो जाता है। इसके लिए व्यापार वृद्धि यंत्र लगाकर पूजा करें। इस मंत्र की एक माला का जाप करें। ओम हृीं क्लीं नित्य दर्शनाय क्लीं हृीं ओम । माला जपने के बाद व्यापार वृद्धि यंत्र को व्यापार क्षेत्र में स्थापित करें।

मानसिक बाधा, चिंता दूर करने के लिए 
आज के दौर में ज्यादातर लोग डिप्रेशन, मानसिक चिंता और सिरदर्द जैसे कई रोगों से परेशान रहते हैं। मानसिकता का संकीर्ण होना किसी कार्य में मन नहीं लगना, दिन भर व्यर्थ में घूमना। इस तरह के विकारों से बचने के लिए शिव पूजा करना अति श्रेष्ठ होता है। इसके लिए पारद शिवलिंग की पूजा करें। उसके बाद निम्न मंत्र की एक माला का जाप करें। ओम सदाशिव भव फट। एक माला जप करने के बाद पारद शिवलिंग को पूजाकक्ष में स्थापित करें। नित्य प्रति शिवपूजा करें। ऐसा करने से अशुभ फलों से निवारण संभव होता है। 

मुकदमेबाजी और कलह से छुटकारा 
कभी-कभी अनायास ही कुछ लोग मुकदमेबाजी में फंस जाते हैं। केसबाजी में कई लोगों को कभी-कभी बेहद तकलीफ भी उठानी पड़ती है। पारिवारिक या पैतृक सम्पत्ति के लिए घर में कलह होता है, मुकदमेबाजी होती है। यदि कोई जातक इस तरह की भयानक समस्या से पीडि़त हो तो पांचमुखी रूद्राक्ष की माला का प्रयोग करके निम्न मंत्र से शिव की पूजा करना अतिश्रेष्ठ होता है। ओम क्रीं नम: शिवाय क्रीं । इस मंत्र की माला जप पांचमुखी रूद्राक्ष माला से करें और फिर उसे गले में धारण करें। सभी अशुभ फलों में कमी होकर शुभ फल प्राप्त होंगे।




कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए 
कालसर्प दोष की मुक्ति के लिए शिवरात्रि के दिन भोर के समय शिवमंदिर में जाकर शिवलिंग पर सबसे पहले दूध और फिर जल से स्नान करवाएं। शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। पूजा की आखिर में धतूरा चढ़ाते हुए निम्न मंत्र की एक माला का जाप करें। नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गराय महेश्वराय, नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै न काराय नम: शिवाय। इससे कालसर्प के अशुभ दोष से मुक्ति मिलती है। 

इच्छित कार्य की पूर्ति के लिए 
मनोकामना पूरी करने के लिए शिवरात्रि के दिन हल्दी की तीन पुडिय़ा बनाएं। शिव-पार्वती की तस्वीर के सामने अपनी समस्या के निवारण के लिए संकल्प करें। उसके बाद एक पुडिय़ा पार्वती माता के चरणों में रखें। दूसरी पुडिय़ा को जल में प्रवाहित करें। तीसरी पुडिय़ा हमेशा अपने पास रखें। ऐसा करने से निश्चित रूप से समस्त इच्छित कार्यो की पूर्ति होगी। इच्छा पूर्व होने के बाद पार्वती मां के चरणों में रखी पुडिय़ा और स्वयं के पास रखी पुडिय़ा, दोनों को मिलाकर जल में प्रवाहित करें।