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सोमवार, 23 अक्तूबर 2017

Reeti -Rivaaj va Rasmen

रीति -रिवाज व रस्में

1. लगभग हर समुदाय और धर्म की दुल्हन शादी के बाद अगर अपने बाएं पैर को पहले बढाकर अपने ससुराल में प्रवेश करती है तो इससे कहीं ना कहीं अपशगुन माना जाता है और दाहिने पैर के जरिए ही घर में प्रवेश करने को शगुन माना जाता है.

2. ऐसा माना जाता है कि शादी में फेरों के बाद दुल्हन अपनी जिस सहेली अथवा रिश्तेदार के सिर पर अपना कलीरा तोड़ती है तो उस रिश्तेदार अथवा सहेली की शादी जल्दी होने के योग बन जाते हैं.

3. भारत में लगभग हर धर्म में ही दुल्हन का चेहरा शादी के समय ढका जाता है या उसके चेहरे के आगे एक पर्दा डाल दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि ऐसा करना उसे बुरी नजर और दुर्भाग्य से बचाता है. क्योंकि शादी की दुल्हन को दुनिया की सबसे सुंदर स्त्री माना जाता है और इसीलिए उसे किसी की नजर ना लगे या फिर कोई उसकी तरफ गलत नजर ना डालें इसलिए उसका चेहरा ढक दिया जाता है.

4. कई हिंदू परिवार में लड़की की सगाई होने के बाद और शादी होने से पहले उसे एक छोटा चाकू अपने पास रखने के लिए दिया जाता है. इसका अर्थ यह माना जाता है की लड़की बुरी नजर और दुर्भाग्य से बची रहेगी तथा जरूरत पड़ने पर वह अपनी रक्षा भी कर सकेगी.

5. भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार अगर शादी वाले दिन बारिश हो जाती है तो इसे बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है और यह माना जाता है कि यह शादी अवश्य ही सफल होगी. यह बात अलग है कि बारिश होने से व्यवस्थाएं खराब हो सकती है.

6. आमतौर पर भारतीय शादियों में लड़की पक्ष वालों की तरफ से लड़के पक्ष को अपनी तरफ से कुछ राशि अथवा तोहफे दिए जाते हैं, जिसे दहेज कहा जाता है. लेकिन मुस्लिम समाज में इसका उल्टा है इसमें लड़के वालो की तरफ से लड़की वालों को एक विशेष रकम दी जाती है जिसे मेंहर कहा जाता है.

7. भारत के पंजाबी समुदाय में विवाह के समय लड़कियां चूड़ा पहनती हैं, इनका रंग लाल और सफेद होता है जो उन्हें कई महीनों तक पहनना होता है. कहा जाता है कि यह चूड़ा सौभाग्य और वृद्धि का संकेत है जिससे ससुराल में खुशहाली और वृद्धि आती है.

8. ईसाई धर्म में भी कुछ विशेष परंपराएं होती है. इसमें एक रिवाज होता है जिसमें दुल्हन की सहेलियां और मेहमान उसे चारों तरफ से घेर कर रखते हैं और उसे तरह-तरह के उपहार दिए जाते हैं. इसके बदले में दुल्हन उन्हें गुलाबी रंग का केक खिलाती है जिसके अंदर एक अंगूठी छुपी होती है. कहते हैं कि जिस लड़की के हिस्से में वह अंगूठी वाला केक आ जाता है उसकी शादी जल्दी ही हो जाती है.

9. पुराने समय में केरल में एक विशेष शादी का चलन था. वैसे तो यह शादी नकली शादी मानी जाती थी लेकिन यह ज्योतिषिय तौर तरीकों पर आधारित होती थी तथा विशेष कामों के लिए ही इस नकली शादी का आयोजन किया जाता था और शादी के बाद दूल्हा और दुल्हन अपने-अपने घर वापस चले जाते थे तथा शादी को बाद में नकार दिया जाता था.

10. भारतीय परंपराओं में मंगला स्नान का सदा से ही विशेष महत्व रहा है. हम आपको मंगला सनान के बारे में संक्षेप में बता देते हैं कि सूर्य की पहली किरण के साथ ही जो स्नान किया जाता है उसे मंगला स्नान कहते हैं और कुछ लोग इसे शुद्धि स्नान भी कहते है. शादी के बाद कई भारतीय समाजों में दूल्हा और दुल्हन को विशेष मंगला स्नान करवाया जाता है जिससे शादी के रीती रिवाज शुरू हो जाते हैं.शादी की रसमें

11. सिख धर्म के लोग जब शादी होने के बाद दुल्हन अपने ससुराल आती है तो ससुराल में दूल्हे की बहने एक लम्बी साड़ी में कई गांठे लगा देती है और वह गांठे दूल्हा दुल्हन को खोलने के लिए दी जाती है. यह माना जाता है कि जितनी जल्दी दूल्हा और दुल्हन इन गांठो को खोल देंगे उनके जीवन में उतनी ही जल्दी और उतनी ही ज्यादा खुशहाली आएगी.

12. आमतौर पर भारत में विदाई के समय लड़की की आंखों में आंसू आ ही जाते हैं लेकिन समय के साथ-साथ यह एक परंपरा भी हो गई है और इस परंपरा को लोगों ने अपने अपने अनुसार कई अर्थ भी दे दिए हैं. जैसे कि कहा जाता है की विदाई के समय दुल्हन जितना रोएगी, शादी के बाद जिंदगी में उसे कभी रोना नहीं होगा.

13. गुजराती समाज में शादी के वक्त एक विचित्र परंपरा निभाई जाती है. इस परंपरा के अनुसार दुल्हन की मां दूल्हे की नाक को पकड़ती है और उसे इस बात का एहसास दिलाया जाता है कि वह अपनी जान से ज्यादा प्यारी बेटी की जिम्मेदारी उसे सौप रहे हैं तथा भविष्य में उसकी बेटी की खुशियों और उसकी आवश्यकताओं को पूरा करना उसकी जिम्मेदारी है.

14. सिखों में शादी से एक रात पहले एक विशेष रस्म निभाई की जाती है जिसे “वतना” कहते हैं. वैसे यह रस्म केवल सिख ही नहीं बल्कि लगभग हर हिंदू शादी में की जाती है. शादी की इस रस्म के अनुसार घर की औरतें लड़की के शरीर पर हल्दी और बेसन का लेप लगाती है तथा पारंपरिक गाने गाती है.

15. इस परंपरा का बहुत ही ज्यादा विशेष महत्व मना गया है. हल्दी में आकर्षण का गुण सदा से ही माना गया है तथा हल्दी एवं बेसन लगाने से त्वचा में तो निखार आता ही है तथा बीमारी में भी बचाव होता है तथा दूल्हे दुल्हन के बीच में आकर्षण भी बढ़ता है.

16. हिंदू परंपराओं में जब लड़की अपने ससुराल में कदम रखती है तो वह घर की दहलीज पर ही वह चावल से भरे एक कलश को अपने पैरों से गिरा कर प्रवेश करती है, इसका अर्थ यह रहता है की आने वाली लड़की के पैर इतने शुभ हो की दुर्भाग्य की रेखाएं मिट जाएं और घर में धन धान्य बना रहे.

17. मंगला स्नान केवल हिंदू धर्म में ही नहीं बल्कि मुस्लिम धर्म में भी किया जाता है. मुस्लिम धर्म में इसे एक शुद्धि स्नान की तरह किया जाता है. इसमें निकाह से पहले दुल्हन को घर की औरते गाने और संगीत के साथ स्नान करवाती है तथा इसे एक त्यौहार की तरह ही मनाया जाता है.

18. इसाई धर्म में एक विशेष विश्वास माना जाता है, इस विश्वास के अनुसार अगर शादी के वक्त दुल्हन को मकड़ा दिख जाए तो उसकी शादीशुदा जिंदगी में खुशहाली आती है और पति पत्नी के बीच मनमुटाव नहीं होता.सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

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