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मंगलवार, 3 अक्तूबर 2017

भारत के अनोखे रीति रिवाज



 
आग पर चलने का रिवाज
आपको बता दें कि यह रिवाज तमिलनाडु में निभाया जाता है जहां पर अंगारों पर लोग चलते हैं। यह माना जाता है कि महाभारत रामायण मैं भी इस प्रकार की प्रक्रियाओं को निभाया जाता था। इस रिवाज को निभाने के लिए 2 से 3 महीने का अभ्यास किया जाता है और उसके बाद इस प्रक्रिया को बड़े जोर शोर से निभाया जाता है।

बालों को खींचकर निकालने का रिवाज
इस प्रक्रिया को केश लोचन कहा जाता है और यह मुख्य तौर पर जैन समाज में की जाती है। जैन समाज में जब भी किसी व्यक्ति को धर्म गुरु की उपाधी दी जाती है तो उसके बालों को खींच-खींच कर सर से निकाला जाता है। यह बेहद ही दर्दनाक प्रक्रिया है लेकिन फिर भी इसे एक रिवाज के तौर पर किया जाता है। यह माना जाता है कि आप अपने दर्द को सह कर ही ऊपर उठ सकते हैं।

बच्चों को छत पर से फेंकना
यह रिवाज महाराष्ट्र और कर्नाटक में काफी प्रचलित है लेकिन यह बच्चों की जिंदगी के लिए बेहद ही खतरनाक है। इस रिवाज के अनुसार बच्चों को छत पर से फेंका जाता है। आपको बता दें कि बाबा उमर दरगाह जो कि शोलापुर के पास है वहां पर इस प्रकार के रिवाज को निभाया जाता है। ऐसा ही रिवाज श्री संकेश्वर टेंपल कर्नाटक में भी होता है कई बार इस प्रकार की प्रक्रिया पर सवालिया निशान भी उठे मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

जानवरों से विवाह का रिवाज़
पूरे भारत में इस प्रकार की प्रक्रिया निभाई जाती है कहीं पर इसे मंगल दोष हटाने के लिए किया जाता है तो कहीं पर भूत पिशाच हटाने के लिए। लेकिन यह प्रक्रिया आपको पूरे देश में कई राज्यों में देखने के लिए मिल जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी जानवर से इंसान की शादी करा दी जाती है और यह माना जाता है कि आपके सारे दोष उस जानवर पर आ जाएंगे। कभी हम यह सुनते हैं कि मेंढक से शादी कराई गई तो कभी मुर्गे से यहां तक कि पेड़ से भी लोगों की शादी करा दी जाती है।

बानी उत्सव आंध्र प्रदेश
यह एक विचित्र प्रकार का उत्सव है जिसमें लोग एक दूसरे को डंडों से पीटते हैं। इस प्रक्रिया में कई लोगों की जान भी चली जाती है लेकिन यह उत्सव देवरागट्टू टेंपल में किया जाता है।

अपने शरीर को छेदना
तमिलनाडु जिले में भगवान मुरगन की आराधना में यह एक विशेष प्रकार का रिवाज निभाया जाता है जिसमें लोग अपने शरीर को सुईयों और सलाखों से छेद लेते हैं। यह बेहद ही दर्दनाक रिवाज है लेकिन लोग इसे निभाते हैं।

सर पर नारियल तुड़वाने का रिवाज
यह बात सुनकर ही आपको बेहद दुख हो रहा होगा लेकिन यह रिवाज तमिलनाडु में निभाया जाता है जिसमें लोग अपने सर पर नारियल तुड़वाते हैं। यह नारियल यहां के पुजारी इन लोगों के सर पर तोड़ते हैं और यह माना जाता है कि जिसके सर पर नारियल टूट गया वह बेहद ही भाग्यशाली है।

हुक के सहारे खुद को लटकाना
यह खतरनाक उत्सव केरल में मनाया जाता है जिसके अंदर इंसान अपनी चमड़ी के अंदर हुक फसाकर उससे लटकता है यह उत्सव मुख्य तौर पर Garuda थुकं नामक जगह पर मनाया जाता है और यह भगवान विष्णु और काली माता की आराधना के दौरान किया जाता है।

गायों से खुद को कुचलवाना
एक विशेष प्रकार की पूजा है जो मध्यप्रदेश में की जाती है दिवाली के अगले दिन भीवडावाद गांव के लोग गायों को सजा कर उन्हें एक साथ भगाते हैं और उनके नीचे लेट जाते हैं। गाय इन्हें कुचल कर आगे निकल जाती हैं और यह माना जाता है कि जिस व्यक्ति पर से गाय निकल गयी है उसे भगवान का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है लेकिन इस प्रक्रिया में कई लोगों की जानें भी जाती है।

अग्नि खेली रिवाज
यह विशेष प्रकार का रिवाज बैंगलोर में निभाया जाता है जिस में आग लगी हुई रस्सियों को लोग अपने शरीर पर मारते हैं इसमें कई लोग दुर्घटना का शिकार भी होते हैं।


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