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शुक्रवार, 10 मार्च 2017

पति से प्रेम करने वाली महिलाएं इन 4 कार्यों को करने से बचें

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1. गरुड़ पुराण के नियम
इसमें कोई संदेह नहीं है कि हिन्दू ग्रंथ एवं शास्त्रों में मनुष्य के जानने योग्य काफी जानकारी उल्लिखित है। यदि मनुष्य चाहे तो इस प्रत्येक जानकारी को अपने जीवन में अमल कर सफलता के कदम चूम सकता है। जीवन को सही मार्ग दिखाने से लेकर सुख-शांति भी दिलाती हैं शास्त्रों की ये बातें।

2. पत्नियों के लिए नियम



आज हम आपको गरुड़ पुराण की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी से परिचित कराने जा रहे हैं। यह जानकारी विशेष तौर से उन महिलाओं के लिए है जो विवाहित हैं और अपने पति के प्रति कुछ कर्तव्य निभाने की आस्था रखती हैं।

3. गरुड़ पुराण में दर्ज नियम



हम आपको गरुड़ पुराण में दर्ज कुछ विशेष नियम बताने जा रहे हैं जिन्हें हर महिला को अपने वैवाहिक जीवन पर लागू करना चाहिए, ताकि उन्हें पति का सम्पूर्ण प्रेम एवं सम्मान हासिल हो सके और दोनों का वैवाहिक जीवन सुखी बीते।

4. पति या प्रेमी से अधिक दूर ना रहें



गरुड़ पुराण के अनुसार एक पत्नी को अपने पति से या एक प्रेमिका को अपने प्रेमी से अधिक दिनों तक दूर नहीं रहना चाहिए। क्योंकि जीवनसाथी से दूरी स्त्री को मानसिक रूप से कमजोर बनाती है।

5. अधिक दूरी ना बनाये



पति और पत्नी दोनों ही एक-दूजे के लिए समर्पित रहते हैं, दोनों के लिए यह साथ बेहद महत्वपूर्ण है। एक-दूसरे से दूर रहना उनके लिए सामाजिक परेशानियां भी उत्पन्न करता है। इसी तरह से प्रेमी-प्रेमिका के रिश्ते को भी मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों का साथ बेहद आवश्यक है।


6. बुरे चरित्र के लोगों से बचें



स्त्रियों को ऐसे लोगों से सम्पर्क या मित्रता नहीं बनानी चाहिए जिनका चरित्र बुरा हो, क्योंकि ‘सेब के ढेर में पड़ा एक खराब सेब, बाकी सभी सेबों को भी खराब कर देता है’। बुरे व्यक्ति के स्वभाव का असर उस महिला पर भी हो जाता है।

7. ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में ना आए



इसके अलावा ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में ना आए जो आपके पति के विरुद्ध हो। जो आपके पति के बारे में बुरा बोलता हो, उसकी निंदा करता हो और उसे हानि पहुंचाने की भी कोशिश करे। ऐसे लोगों की बुरी नीयत को पहचानकर उनसे दूरी बनाना ही पत्नी के लिए सही है।

8. अपनों का तिरस्कार ना करें



मीठा बोलने वाली और सबका भला सोचने वाली स्त्री ही गुणी स्त्री कहलाती है और ऐसी ही स्त्री की ओर आकर्षित होते हैं पुरुष। लेकिन कई बार अपनों की बातों के चलते जब ठेस पहुंचती है तो मुख से कटु वचन आना स्वाभाविक है। परंतु जो स्त्री खुद के क्रोध पर नियंत्रण करती है वही समाज में मिसाल कायम करती है।

9. पराए घर में ज्यादा देर ना ठहरें



अपना घर अपना ही होता है और वहीं रहने से सबसे अधिक सम्मान प्राप्त होता है। यह केवल कहने वाली बात नहीं है, बल्कि सामाजिक रूप से जांच-परखा उदाहरण है। इसलिए कहते हैं कि एक स्त्री को पराए घर में अधिक समय नहीं रहना चाहिए।

10. मान-सम्मान



जो मान-सम्मान वह अपने घर में पाती है, जिस प्रकार की जायज स्वतंत्रता उसे अपने घर में है, वह उसे पराए घर में कभी हासिल नहीं होगी। इसके अलावा पराए घर में अधिक रुकने से समाज में वह निंदा की पात्र भी बनती है।

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