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बुधवार, 8 मार्च 2017

होली दहन की लपट बताती है, कैसा रहेगा आने वाला


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शकुन शास्त्र में होलिका दहन के समय वायु प्रवाह की दिशा से जन जीवन पर पडने वाले प्रभावों का फलित निर्णय किया जाता है तथा आगामी वर्ष कैसा रहेगा, इसका निष्कर्ष भी निकाला जाता है।

दिशा के अनुसार होली की लौ (झल) का फलाफल शकुन शास्त्र में इस प्रकार बताया गया है।

पूर्व दिशा की ओर - सुखद
आग्नेय की ओर - आगजनी कारक
दक्षिण दिशा की ओर - दुर्भिक्ष एवं पशु पीडाकारक
नैऋत्य - फसल हानि
पश्चिम - सामान्यतया तेजीप्रद
वायव्य - चक्रवात, पवनवेग, आंधीकारक
उत्तर एवं ईशान कोण में - मेघगाज, अच्छी बारिश की सूचक

चारों दिशाओं में धूमने पर - संकट का परिचायक। होली की झल ऊंचे आकाश को जाए तथा वायु शांत हो तो उत्पाद सूचक है। यदि इस दिन मेघ गाज, बारिश, आंघी तथा तेज वायु वेग हो, तो आगामी वर्ष में धन-धान्य, गल्ला, कार्य व्यवसाय तथा व्यापार में लाभ होता है।



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