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मंगलवार, 14 फ़रवरी 2017

क्या आपको पता है वैलेंटाइन मनाने के पीछे का राज

Do you know the secret behind the observance of Valentine


फूलों से गुलजार वसंत महीने में चारों तरफ प्यार और उल्लास का महीना होता है। वैलेंटाइन डे हर साल 14 फरवरी को मनाया जाता है। यह रोम के संत वैलेंटाइन की याद में मनाया जाता है। माना जाता है कि वह सामाजित कुरीतियों को दूर कर लोगों के बीच प्यार व सद्भाव का प्रचार-प्रसार करते थे, वह 269 ईस्वी में शहीद हो गए और 14 फरवरी 269 को वह फ्लेमेनिया में दफनाए गए। उनके अवशेष रोम के सेंट फ्रेक्स्ड चर्च और डबलिन (आयरलैंड) के स्ट्रीट कामिलेट चर्च में रखे हुए हैं।

एक अन्य बिशप टर्नी को भी वैलेंटाइन का सूत्रपात करने वाला माना जाता है, जो 197 ईस्वी में सम्राट ऑरोलियन के उत्पीड़न से शहीद हो गए थे, लेकिन रोम के वेलेंटाइन की समाधि से उन्हें अलग दफनाया गया। समाज के लोगों के बीच आपसी प्यार व सद्भाव की कामना से शुरू हुआ वैलेंटाइन अब मुख्य रूप से प्रेमी जोड़ों के प्यार के त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा है। 


भारत में 1992 के आसपास वैलेंटाइन डे मनाने का प्रचलन शुरू हुआ। वैश्विक बाजार की प्रतिस्पर्धा और पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव से भारतीय युवाओं ने भी वेलेंटाइन को धूमधाम से मनाना शुरू कर दिया।

वेलेंटाइन डे के मौके पर बाजारों में अलग ही रौनक छाई रहती है, दिल के आकार वाले हीरे के पेंडेंट से लेकर टेडी बीयर, हार्ट शेप के कार्ड्स, चांदी का गुलाब, आई लव यू लिखे चांदी के पायल और कई गिफ्ट आइटम धड़ल्ले से बिकते हैं। इस दौरान 15-20 रुपये में बिकने वाला एक लाल गुलाब 30 से 80 रुपये में बिकता है।


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