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शनिवार, 8 अक्तूबर 2016

घर-दुकान का मेन गेट भी बनता है दुर्भाग्य का कारण, बचा सकते हैं ये 5 उपाय





घर का मेन गेट बहुत ही खास माना जाता है, क्योंकि यहीं से सबसे ज्यादा एनर्जी घर में प्रवेश करती है। इसी कारण घर का मेन गेट भी घर-परिवार के दुर्भाग्य का कारण हो सकता है। इससे बचने के लिए वास्तु की मदद ली जा सकती है। वास्तु में कुछ ऐसी आसान बातें बताई गई हैं, जिनका ध्यान रखा जाए तो घर में खुशी और सुख-शांति हमेशा बनी रहेंगी।








दरवाज़ा और विंड चाइम
घर के मेन गेट पर छह छड़ वाली धातु की बनी विंड चाइम लगानी चाहिए। विंड चाइम वास्तु दोषों को दूर करने में बहुत ही लाभदायक होता है। इसकी खनखनाहट से मेन गेट के आसपास के बुरे प्रभाव दूर होते हैं।

दरवाज़े का रंग
मेन गेट का रंग महरून, यलो या रेड होना चाहिए। ऐसा होने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। अगर ऐसा करना संभव न हो तो गेट पर इनमें से किसी रंग की पेंटिंग या कोई शो-पीस टांग दें।


मेन गेट और शुभ चिन्ह
घर के मेन गेट पर पवित्र चिन्ह जैसे ॐ, श्री गणेश, स्वास्तिक, शुभ-लाभ आदि बनाना चाहिए। ऐसा करने से घर पर सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है और बुरी नज़र से घर की रक्षा होती है।

मेन गेट और सजावट
मेन गेट के बाहर ऊपर की ओर वंदनवार लगानी चाहिए। यदि वंदनवार अशोक के वृक्ष की पत्तियों से बनी हो तो बहुत शुभ रहेगा। अगर ऐसा न कर सकें तो बाज़ार में मिलने वाले वंदरवार भी लगा सकते है।


दरवाज़े और पौधे
मेन गेट के आस-पास तुलसी का पौधा या चमेली की बेल रखना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली सारी नेगेटिव एनर्जी पॉजिटिव में बदल जाती है और गलत दिशा में बने दरवाज़े के दुष्प्रभाव कम होते है।




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