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शनिवार, 9 जुलाई 2016

समुद्र शास्त्र- जानिए होंठ, गाल और आँखों से इंसान का नेचर



समुद्र शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति का चेहरा एक खुली किताब की तरह होता है, जिसके माध्यम से उसके व्यक्तित्व व स्वभाव के बारे में काफी कुछ आसानी से जाना जा सकता है। आज हम आपको बता रहे हैं की किसी इंसान के होंठ, गाल और आँखों से उसके स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है।
समुद्र शास्त्र और होंठ (Samudrika Shastra and Lips)


1. संकुचित होंठ – ऐसे होंठ छोटे व पतले होते हैं, इनमें कोई रंग नहीं होता। जिन लोगों के होंठ ऐसे होते हैं, वे आमतौर पर दिखावा करने वाले होते हैं। ये सोचते हैं जो ये कर रहे हैं, वही ठीक है। ये थोड़ा कम बोलते हैं। इसलिए कई बार इन्हें घमंडी भी समझ लिया जाता है।

2. मोटे होंठ – अधिक थुलथुले, मांस से भरपूर होंठ जो देखने में बदसूरत लगते हैं। जिन लोगों के होंठ ऐसे होते हैं वे क्रोधी स्वभाव के होते हैं। कभी-कभी ये बहुत भावुक भी हो जाते हैं। इनका स्वभाव थोड़ा जिद्दी होता है।

3. रसिक होंठ – ऐसे होंठ लाल रंग के, चिकने व दिखने में कलात्मक होते हैं। जिन लोगों के होंठ ऐसे होते हैं, वे दिखने में सुंदर व आकर्षक होते हैं। इनके स्वभाव में अपनापन होता है। ये अपने जीवन में हर सुख प्राप्त करते हैं। इन्हें अपने जीवन में कई उपधब्धियां भी मिलती हैं।

4. लाल होंठ – इस प्रकार के होंठ कर्मठता के प्रतीक होते हैं। जिन लोगों के होंठ ऐसे होते हैं, वे जल्दी गुस्सा होने वाले व साहसी होते हैं। ये लोग वो काम भी आसानी से कर लेते हैं, जो दूसरों के लिए मुश्किल होता है। ये अपने काम के प्रति ईमानदार होते हैं।

5. गुलाबी होंठ – गुलाबी होंठो वाले लोग व्यवहार कुशल, अच्छी सोच वाले व तीव्र बुद्धि वाले होते हैं। ऐसे लोग किसी को भी एक ही मुलाकात में अच्छा दोस्त बना लेते हैं। ये दोस्ती निभाने में विश्वास रखते हैं। इनके जीवन में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती। ऐसे होंठ अक्सर महिलाओं के होते हैं।

6. उभरे हुए होंठ – जिनके होंठ उभरे हुए होते हैं, ऐसे लोग आमतौर पर मांसाहारी व छोटी बुद्धि वाले होते हैं। ये स्वयं को बहादुर दिखाते हैं, लेकिन अंदर से डरपोक होते हैं।
समुद्र शास्त्र और गाल (Samudrika Shastra and Lips)


गाल चेहरे का ही एक हिस्सा है। चेहरे को सुंदर बनाने में इनका विशेष महत्व होता है। जानिए कैसे गाल वाले व्यक्ति का स्वभाव कैसा होता है-

1 . गालों का रंग लाल हो तो – जिन लोगों के गालों का रंग लाल होता है, वे थोड़े गुस्से वाले होते हैं। छोटी-छोटी बातों में ही इन्हें गुस्सा आ जाता है। ये लोग साहसी शीघ्र उत्तेजित व्यक्तित्व वाले होते हैं।

2. गालों का रंग गुलाबी हो तो – जिन लोगों के गालों का रंग गुलाबी दिखाई देता है, वे लोग संतुलित मानसिकता के होते हैं। किसी भी परिस्थिति में खुद को बहुत अच्छे से सेट कर लेते हैं। हर काम को अपनी विशेष शैली से पूरा करना पसंद करते हैं। इन लोगों को जीवन में कई उपलब्धियां हासिल होती हैं।

3. गालों का रंग पीला हो तो – गालों का पीला रंग अस्वस्थता का प्रतीक है। ऐसे लोगों में जीवन शक्ति की कमी पाई जाती है। ये लोग उत्साहहीन व हमेशा भयभीत रहने वाले होते हैं।

4. गालों का रंग गेहुंआ हो तो – अधिकांश लोगों के गालों का रंग गेहुंआ ही होता है। ऐसे गाल वाले लोग समान मानसिकता वाले होते हैं। विपरीत परिस्थितियों में आसानी से खुद को ढाल सकते हैं। इन्हें मेहनत के साथ ही कई उपलब्धियां हासिल होती हैं।

5. गाल भरे हुए हों तो – ऐसे लोग जिनके गाल अधिक भरे हुए होते हैं, वे मोटे शरीर वाले, भोगी, समृद्ध तथा विलासी होते हैं। उनका मानसिक विकास शरीर की अपेक्षा कम होता है।

6. सामान्य गाल हों तो – यदि किसी व्यक्ति के गाल सामान्य मांसल यानी सामान्य भरे हुए, चिकने एवं चमकदार होते हैं तो व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत होता है। इन लोगों में आकर्षण अधिक होता है। इनमें व्यावहारिकता के गुण भी होते हैं।

7. सूखे गाल हों तो – जिन लोगों के गाल सूखे और रूखे होते हैं, वे असंतुलित आहार, मानसिक चिंता एवं द्वेष प्रवृत्ति वाले होते हैं। ऐसे लोग क्रोधी, चिड़चिड़े व जीवन में कई बार असफल होते हैं।

8. गुलाबी और सामान्य गाल – इस प्रकार के गाल सामान्य भरे हुए, गुलाबी रंग के व चिकने होते हैं। ऐसे गाल व्यक्ति के सौंदर्य, सहनशीलता, चतुराई, मेहनत, उदारता, आकर्षण एवं समृद्धि को व्यक्त करते हैं।

9. गालों को रंग सफेद हो तो – जिन लोगों के गालों का रंग सफेद होता है, उनके साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां चलती रहती हैं। इन्हें निराशा रहती है और ये लोग आलसी भी हो सकते हैं। इन लोगों में निश्चितता की भावना अधिक होती है। ये हर काम को अपने ही ढंग से करना पसंद करते हैं।

आंखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। समुद्र शास्त्र के अनुसार मस्तिष्क के अंदर जो चल रहा होता है उसका प्रतिबिंब आंखों में देखा जा सकता है। शरीर लक्षण विज्ञानियों के अनुसार आंखों के कई भेद होते हैं जैसे-
समुद्र शास्त्र और आँखें (Samudrika Shastra and Eyes)


1. कमल नयन – इसका अर्थ है कमल के पत्ते के समान आंखें। ये आंखें आदर्श मानी जाती हैं। इसकी पुतलियों का रंग गहरा काला या भूरा होता है। कमल नयन आंखों वाले लोग सभ्य, पढ़ाई में अव्वल आने वाले, सभी सुखों को प्राप्त करने वाले, मेहनती तथा सबका दिल जीतने वाले होते हैं। ऐसी महिलाएं मन मोहने तथा सबको आकर्षित करने वाली होती हैं। इनमें नेतृत्व क्षमता भी होती है।

2. नशीली आंखें – नशीली आंखों वाले लोग हर समय नशे में दिखते हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है। यह आंखें सामान्य से कुछ कम खुलती हैं। इसकी पुतलियों का रंग काला होता है। ऐसे लोग शातिर तथा अपनी बात मनवाने वाले होते हैं। इनके दिमाग में हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है। यह लालची भी होते हैं। ऐसी आंखों वाली महिला दिखने में सुंदर परंतु झगड़ालू स्वभाव की होती है।

3. मृगनयनी आंखें – ऐसी आंखें गोल व बड़ी होती हैं। ऐसी आंखें सिर्फ महिलाओं की होती हैं। इनका रंग भूरा या नीला होता है। ऐसे लोग जीवन में जो चाहते हैं वह प्राप्त करते हैं। सभी क्षेत्रों में इन्हें सफलता मिलती है। उदार, संवेदनशील, स्नेही तथा चंचलता इनका मुख्य गुण होता है।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

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