Adsense responsive

गुरुवार, 9 जून 2016

शराब पीने के बाद लड़की बन जाती है 'धर्मकन्या', अजीब हैं यहां शादी की रस्में

भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित राष्ट्रीय जनजातीय संग्रहालय की तीसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस समारोह के दौरान अगले सात दिनों तक लोक कलाओं के कई पहलुओं से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इस मौके पर आपको बता रहा है बैगा आदिवासियों की शादी की परंपरा के बारे में। यहां शराब बिना शादी की कई रस्में पूरी नहीं होतीं। शराब पीने के बाद लड़की कैसे बन जाती है धर्मकन्या?...



शराब पीते ही लड़की बन जाती है पंचों की धर्मकन्या
होली के बाद मप्र समेत देश में कई जगह आदिवासी समुदयों में शादी-ब्याह शुरू हो जााते हैं। बैगा जनजाति के लोग विवाह के समय गीत गाकर नृत्य करते हैं। डांस के बाद गांव के बड़े-बूढ़े और बाराती आंगन में बैठ जाते हैं। इसके बाद एक बोतल शराब मुकद्दम (बैगा समाज का सम्मान प्राप्त सदस्य) को दिया जाता है। शराब पाते ही वह विवाह का जिम्मेदार व्यक्ति बन जाता है और गांव की लड़की को अपनी लड़की मानता है। आठ बोतल शराब पंचों को दी जाती है। शराब पीते ही लड़की पंचों की धर्मकन्या बन जाती है। इस शराब को पंच बारात-दारू कहते हैं।


आठ बोतल शराब पीने के बाद होती है शादी
विवाह लड़की के घर पर होता है। बाजे की आवाज सुन गांव के लोग लड़की के घर इकट्ठा होने लगते हैं। यहां गांव वालों और रिश्तेदारों को भोजन कराया जाता है। भोजन के बाद आठ बोतल शराब पंचों को लड़के-लड़की के नाम पर पिलाई जाती है। इसके बाद दोनों की शादी कर दी जाती है।


हल्दी की रस्म के बाद सब पंच और महिलाएं शराब पीती हैं
हल्दी की रस्म के बाद लड़का-लड़की चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद फिर से आठ बोतल शराब निकाली जाती है। सभी पंच और महिलाएं शराब पीती हैं। इसके बाद सगाई पक्की हो जाती है और लड़की के पिता को चार बोतल शराब दी जाती है। इसे तरपनी मद (शराब) कहते है। लड़की का पिता इस शराब को घर में बने देवालय में चढ़ाता है। घर के लोग ही उस शराब को पीते हैं। सगाई के बाद बची शराब को सभी मिलकर पीते हैं। इसी समय बेटी वालों की ओर से शादी की तारीख तय कर दी जाती है।


कुंवारी कन्याएं लड़का-लड़की को हल्दी लगाती हैं
पंच बारात-दारू रस्म के बाद लड़का-लड़की के माता-पिता और कुछ अन्य लोग घर में जाते हैं। लड़का-लड़की की मां आमने-सामने उत्तर-दक्षिण की दिशा में पैर फैला कर बैठ जाती हैं। उन पैरों पर लड़का पूर्व की ओर तथा लड़की उत्तर की दिशा में पैर फैला कर बैठती है। दोनों पक्षों की कुंवारी कन्याएं लड़का-लड़की को हल्दी लगाती हैं और गीत गाती हैं।


शराब पीकर शादी में बजाते हैं नगाड़े
शादी में बाजा बजाने वाले लोगों को आने के लिए एक बोतल शराब के साथ न्योता दिया जाता है। बाजे वाले जब लड़की वालों के घर आते हैं तब उन्हें लड़की की मां पैसे और उपहार देती है। इसके बाद वह उनके पैर पखारती (पानी से पैर धोना) हैं और बाजों पर हल्दी का टीका लगाती है। लड़के या लड़की का पिता बाजे वाले को एक बोतल शराब देता है। शराब पीकर सभी बाजा बजाने लगते है।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें