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बुधवार, 22 जून 2016

क्यों लगाते हैं ललाट पर तिलक



अपने-अपने संप्रदायों के अनुसार ललाट पर विविध प्रकार के तिलक लगाए जाते हैं। किसी भी धार्मिक कार्यक्रमों में या पूजा करते समय ललाट पर तिलक लगाया जाता है। ललाट पर तिलक लगाने के पीछे भी कारण है।

कठोपनिषद् में तिलक धारण करने के पीछे नाडी का वर्णन किया गया है। सुषुमा नाम की नाडी हमारे मस्तक के सामने वाले हिस्से यानी ललाट पर से निकलती है।
यह नाडी ह्रदय से निकलने वाली नाडियों में से एक है। कहते हैं इस नाडी से मोक्ष मार्ग निकलता है। सुषुमा नाडी मार्ग ऊध्र्व दिशा की ओर ही रहता है। सुषुमा नाडी को केंद्र मानकर तिलक लगाया जाता है।
धन विद्युत बहते समय उत्पन्न हुई उष्णता को रोकने के लिए भी तिलक लगाना उपयोगी बताया गया है। साथ ही अलग-अलग प्रकार के तिलकों का महत्तव भी अलग-अलग बताया गया है। चंदन का तिलक लगाना अध्यात्म के लिए अनुकूल माना गया है।

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