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शनिवार, 12 मार्च 2016

ये है दुनिया के 5 सबसे रहस्मय खजाने, जो भी खोजने गया वो वापस नहीं आया



ये है दुनिया के 5 सबसे रहस्मय खजाने, जो भी खोजने गया वो वापस नहीं आया



दुनिया के सबसे हॉन्टेट प्लेसेज में शुमार 5 पांच ऐसी जगहें हैं जहां अकूत खजाने भरे पड़े हैं, लेकिन ये बेहद डरावने हैं। माना जाता है कि इन रहस्यमय खजानों को खोजने में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा कई लोगों को खजाने का कुछ हिस्सा भी मिला, लेकिन वो जिंदा नहीं लौट सके।



द अंबेर रूम का निर्माण 1707 ईस्वी में पर्सिया में किया गया था। यह एक पूरी तरह से एक सोने का चेंबर है। 1941 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजियों ने इस पर कब्जा कर लिया था। इस खजाने को सुरक्षित रखने के लिए इसे अलग-अलग भागों में बांट दिया। इसके बाद 1943 में इसे एक म्यूजियम में प्रदर्शन के लिए रखा गया। लेकिन आश्चर्य तो यहां है कि उसके बाद ये पूरा चेंबर ही गायब हो गया। इसके बाद आज तक चेंबर का पता नहीं चला और जो इसकी तलाश में गए उनकी मौत हो गई।..

ओक आइलैंड (oak island) के रहस्य को सबसे 1795 में कुछ लड़कों द्वारा उजागर किया गया था। इन लड़कों को कनाडा के नोवा स्कोटिया तट के पास एक छोटे से द्वीप पर हल्की रोशनी दिखी थी। इसके बाद जब ये वहां पहुंचे तो उन्होंने पाया कि किसी ने यहां खुदाई की है। इसके बाद जब इन्हीं लड़कों ने वहां और खुदाई की तो उन्हें लकड़ी और नारियल की परतें मिली। इन लड़कों को यहां एक पत्थर भी मिला जिस पर लिखा था कि 40 फीट की गहराई पर दो मिलियन पाउंड गड़े हैं। इसके बाद बहुत से लोगों ने इस खजाने को खोजने के कोशिश की और आज भी खोज कर रहे हैं, लेकिन किसी को अभी तक कुछ नहीं मिला। बल्कि खजाना खोजते समय अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है।...

अमरीका के दक्षिण-पश्चिम इलाके में सोने की खदान (the lost dutchman mine) थी। 1510-1524 के बीच स्पेन के फ्रांसिस्को वास्क डी कोरोनाडो ने इस खदान को खोजने की कोशिश की। इस खजाने को खोजने के लिए उन्होंने जिन लोगों को इस काम में लगाया उनकी एक के बाद एक मौत हो गई। हालांकि यहां 1845 में डॉन मिगुएल पेराल्टा को कुछ सोना मिला, लेकिन स्थानीय अपाचे आदिवासियों ने उनको मौत के घाट उतार डाला। 1931 में इसी खजाने को खोजने के चक्कर में एडोल्फ रूथ लापता हो गए और इसके 2 साल बाद उनका कंकाल मिला था। 2009 में भी डेनवर निवासी जेस केपेन ने यह खजाना खोजने की कोशिश की थी लेकिन 2012 में उनका शव मिला।

मैक्सिको के राष्टपति बेनिटो जुआरेज ने 1864 अपने सैनिकों को खजाने के साथ सेन फ्रांसिस्को भेजा था। इसमें सोने के सिक्के और कीमती जेवरात भरे थे। इसके बाद एक सैनिक की रास्ते मौत हो गई तो बाकी सैनिकों इस खजाने को रास्ते में ही गाड़ दिया। सैनिकों को ऐसा करते हुए डियागो मोरेना ने देख लिया था और उसने बाद में इस खजाने को निकाला और दूसरी जगह गाड़ दिया। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि डियागो की मौत के बाद एक दोस्त जीसस मार्टिनेज ने इस खजाने को पाना चाहा लेकिन उसकी भी मौत हो गई। 1885 में बास्क शेफर्ड को इस खजाने का कुछ हिस्सा मिला था, लेकिन वो ही बाद में उसकी मौत का कारण बना। इसके बाद 1939 में इस खजाने की खुदाई की गई, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। इस खजाने को खोजने के वालों में से 9 लोगों की मृत्यु हो गई।


अमरीका में मिलफोर्ड के पास एक छोटा द्वीप (charles island) है। लेकिन इस द्वीप को शापित माना जाता है। कहा जाता है कि 1721 में मैक्सिकन सम्राट गुआजमोजिन का खजाना चोरी कर चोरों ने इस द्वीप पर छुपा दिया था। इसके बाद 1850 में कुछ लोग यहां पर खजाने की तलाश में आए लेकिन उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद जो भी इस खजाने को खोजने गया उसकी मौत हो गई।






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