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रविवार, 7 फ़रवरी 2016

सोमवार को है मौनी अमावस्या, बिना भूले करें ये शुभ काम

सोमवार को है मौनी अमावस्या, बिना भूले करें ये शुभ काम 


संगम नगरी इलाहाबाद और चित्रकूट समेत समूचे उत्तर प्रदेश में सोमवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर करोडों श्रद्धालु पवित्र नदियों और सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाएंगे। सोमवार के दिन मौनी अमावस्या होने से सोमवती अमावस्या भी साथ मनाई जाएगी। दो महत्वपूर्ण पर्वों के एक साथ पडने से घाटों पर श्रद्धालुओं की तादाद में खासी बढोत्तरी के आसार है। प्रयाग में माघ महीने की महिमा का वर्णन करते हुए गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है,
माघ मकर गति रवि जब होई, तीरथ पतिहिं आउ सब कोई। देव दनुज किन्नर नर श्रेणी, सादर मज्जहि सकल त्रिवेणी।।
माघ महीने में प्रयाग में देव, दनुज, किन्नर, गरीब, अमीर, धनी, निर्धन सभी मनुष्य आते हैं । यहां गंगा यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम का दर्शन कर मुक्ति प्राप्त करने की कामना करते हैं इसलिए कहा भी गया है - \'गंगे, तव दर्शनात्मुक्ति:।\'
कामदगिरी मुख्य द्वार के महंत रामस्वरुप दास महाराज ने बताया कि सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहकर मंदाकिनी में स्नान करने और कामदगिरि की परिक्रमा लगाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार मौनी अमावस्या सोमवार को पढऩे से इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है इस दिन मंदाकिनी नदी में स्नान करने से और कामदगिरि की परिक्रमा लगाने से घर में सुख शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। इसी मान्यता के चलते सोमवती अमावस्या के दिन कई प्रदेशों से लाखों श्रद्धालु चित्रकूट में एकत्रित होते हैं और पूजा अर्चना करते हैं।
मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को शुरू हुए माघ मेले का सोमवार को तीसरा सबसे अधिक महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या है। इस दिन सभी भक्तजन तीनों नदियों के संगम स्थल पर स्नान कर पुण्य कमाते हैं। इस दिन सोमवती अमावस्या होने के कारण पितरों का तर्पण करना भी अत्यन्त शुभ रहेगा। ऐसा करने से घर के सभी संकट दूर होकर समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

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