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सोमवार, 1 फ़रवरी 2016

डूबती किस्मत को जगाने भारत के इस मंदिर आए थे फेसबुक के मालिक

डूबती किस्मत को जगाने भारत के इस मंदिर आए थे फेसबुक के मालिक


फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग की मेहनत अपनी जगह है लेकिन उनकी सफलता का राज भारत की भूमि से जुड़ा हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात में मार्क जकरबर्ग ने अपनी सफलता का राज भारत के एक मंदिर को बताया. जकरबर्ग ने जब यह कहा कि एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स की सलाह पर वह भारत के एक मंदिर में आए थे तो हर तरफ उस मंदिर को जानने की जिज्ञासा पैदा हो गई. जकरबर्ग जब दुआ के लिए भारत आए थे तब बहुत कठिन दौर से गुजर रहे थे. वह समय फेसबुक का शुरुआती दिन था. बिकने के कगार पर आए फेसबुक की किस्मत जकरबर्ग की भारत यात्रा के बाद बदल गई.

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भारतीय प्रधानमंत्री से बात करते हुए जकरबर्ग ने कहा कि बुरे समय में उन्हें भारत के एक मंदिर में जाने की प्रेरणा मिली थी. भारत दौरे पर जकरबर्ग ने उत्तराखंड में स्थित नीम करोली साधु के आश्रम में समय बिताया था. यह वही जगह है जहां एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स भी आए थे. जकरबर्ग कहते हैं कि उनकी कंपनी एक मुश्किल दौर में थी, तब स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत के इस आश्रम में जाने की सलाह दी थी.

यह मंदिर नैनीताल के पास कैंची में स्थित साधु नीब किरौरी का आश्रम था. मंदिर के सेक्रेटरी विनोद जोशी को सब कुछ तो याद नहीं लेकिन वह बताते हैं कि कुछ साल पहले अमेरिकी फिजिशन और Google.org के पूर्व डायरेक्टर लैरी ब्रिलियंट ने उन्हें फोन किया था. लैरी ने बताया कि कोई मार्क एक दिन के लिए आश्रम में आएगा.

साधारण दिखने वाले, हमेशा कंबल ओढ़कर रहने वाले इस साधु ने जूलिया रॉबर्ट्स, आध्यात्मिक गुरु रामदास, स्टीव जॉब्स और मार्क जकरबर्ग जैसे कई बड़े शख्सियतों को दुनियाभर में पहचान दिलाया है. साधु नीब किरौरी ने ही इन्हें कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित किया. आपको जानकार हैरानी होगी कि साधु नीब किरौरी से प्रेरणा लेने वाली हस्तियों में लोकप्रिय किताब इमोशन इंटेलिजेंस के लेखक डेनियल गोलमैन, पूर्व राष्ट्रपति वीवी गिरी और बिड़ला ग्रुप के जुगल किशोर बिड़ला थे

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