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बुधवार, 10 फ़रवरी 2016

मृत्यु के बाद भी जीवनसाथी प्रभावित करता है आपका जीवन

मृत्यु के बाद भी जीवनसाथी प्रभावित करता है आपका जीवन


क्या आप यकीन करेंगे, आपक जीवनसाथी भले ही इस दुनिया को अलविदा कहकर जा चुका हो लेकिन आज भी उनकी आदतें और उनका आचरण आपके स्वास्थ्य और जीवन को प्रभावित कर रहा है?
अब भले ही आप इस बात पर यकीन करें या ना करें लेकिन वैज्ञानिक तो इस बात को प्रमाणित कर चुके हैं कि जीवनसाथी के जाने के बाद भी हमारा जीवन उनकी आदतों के ही आधार पर बनता और बिगड़ता है।
यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के अध्ययनकर्ताओं ने अपने एक अध्ययन में इस बात को प्रमाणित किया है कि हमारे प्रियजनों की मृत्यु या उनसे दूरी हमारे जीवन की गुणवत्ता को बहुत प्रभावित करती है।
इतना ही नहीं इस अध्ययन द्वारा यह भी साबित हुआ है कि जिस तरह दो जीवित साथियों के बीच भावनात्मक संबंध होता है, एक की मृत्यु के बाद दूसरा साथी अपने दिवंगत साथी के साथ भी वही जुड़ाव रखता है। शायद यह जुड़ाव पहले से कहीं ज्यादा ही होता है।
जरनल साइकोलॉजिकल साइंस में प्रकाशित इस अध्ययन के अंतर्गत इजराइल और यूरोपीय देशों के 546 वृद्ध दंपतियों का एक-दूसरे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का अध्ययन किया गया। बहुत से दंपत्तियों के जीवनसाथी की इस अध्ययन काल में मृत्यु भी हुई लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उनकी दूरी उन्हें उनके प्रति और ज्यादा जुड़ाव रखने के लिए प्रेरित करती है।
इस अध्ययन की स्थापनाओं के अनुसार यह कहा जा सकता है कि मृत्यु के पश्चात जीवनसाथियों के बीच परस्पर निर्भरता और ज्यादा बढ़ जाती है। एक की मृत्यु दूसरे को और ज्यादा उसके निकट ले जाती है, वह उन्हें याद कर खुश भी होते हैं, दुखी भी होते हैं और अपने वर्तमान जीवन को भी उन्हीं के अनुसार चलाने का प्रयत्न करते हैं, ताकि किसी भी तरह से उन दोनों के बीच दूरी ना पैदा हो सके।























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