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मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

चाणक्‍य की ये 10 नीतियां

सफलता की गारंटी है चाणक्‍य की ये 10 नीतियां

1. दूसरों की गलतियों से ही सीखो. खुद पर प्रयोग करके सीखोगे तो तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी. 
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2. कुछ लोग हालात बदलने का प्रयास नहीं करते. जीवन जैसे चल रहा है, बस जीते चले जाते हैं. पर जो प्रगति करना चाहते हैं, ऊपर उठना चाहते हैं - वे अपना सब कुछ दांव पर लगाने से नहीं डरते. संभावना है कि वे हार जाएं, कुछ न कर पाएं लेकिन यह जो कुछ कर दिखाने का प्रयास है - यही उन्हें औरों से अलग बनाता है. 
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3. हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए और न ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए. विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते हैं.
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4. कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयं से तीन सवाल जरूर कीजिये - मैं ये क्यों कर रहा हूं, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल हो पाऊंगा? और जब गहराई से सोचने पर इन सवालों के संतोषजनक जवाब मिल जाएं, तभी आगे बढ़ें.
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5. कोई व्यक्ति अपने कर्मों से ही महान बनता है, अपने जन्म से नहीं.
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6. भय को नजदीक न आने दो. अगर यह नजदीक आए तो इस पर हमला कर दो यानी भय से भागो मत इसका सामना करो.
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7. एक बार जब आप कोई काम शुरु करते हैं, तो असफलता से डरे नहीं और ना ही उसे त्‍यागें. ईमानदारी से काम करने वाले लोग खुश रहते हैं.
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8. ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं, उन्हें दोस्त न बनाओ. वे तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे। समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं.
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9. शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है. शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है. शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और सौंदर्य, दोनों ही कमजोर हैं.
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10. किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना चाहिए. सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं.

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