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शनिवार, 30 जनवरी 2016

रात में बाएं ओर करवट लेकर सोने के फायदे

रात में बाएं ओर करवट लेकर सोने के फायदे

स्वास्थ्य

हम पूरे दिन क्या करते हैं, क्या खाते हैं, कैसे वातावरण में अपना दिन गुज़ारते हैं, इन सभी बातों का हमारे स्वास्थ्य पर खासा असर होता है। लेकिन रात को हम कहां सोते हैं, किस तरह के बेड पर सोते हैं, वह आरामदायक है या नहीं या फिर हम किस दिशा का प्रयोग करके सोते हैं, यह बातें भी हमारे स्वास्थ्य पर प्रभावी होती हैं।

सोते समय हम जिस भी पोजीशन

आज हम आपको इसी मुद्दे से संबंधित एक सलाह देने जा रहे हैं, जो आपको तब याद रखनी है जब आप रात को सोने के लिए बिस्तर पर जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोते समय हम जिस भी पोजीशन का इस्तेमाल करते हैं वह ना केवल हमारे अंगों पर, बल्कि साथ ही मस्तिष्क पर भी असर करती है।

फायदेमंद

लेकिन सबसे फायदेमंद स्लीपिंग पोज़ीशन है बाईं ओर करवट लेकर सोना। यहां आगे हम यही बताने जा रहे हैं कि कैसे बाईं तरफ करवट लेकर सोना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

एक ही ओर करवट लेकर सोना

इसमें कोई दो राय नहीं कि पूरी रात एक ही ओर करवट लेकर सोना संभव नहीं है। नींद में हम हम ना जाने कितनी बार करवट बदलते हैं, और अंत में किस पोज़ीशन में सो रहे होते हैं यह हमें खुद भी मालूम नहीं होती। हमें जिस ओर लेटने से आराम मिलता है शायद हम उसी ओर की पोज़ीशन लेकर पूरी रात सोए रहते हैं।

सोने के फायदे

लेकिन बाईं ओर करवट लेकर सोने के फायदे जानने के बाद शायद आपकी भी यही कोशिश होगी कि रातभर बाएं ओर की पोज़ीशन पकड़कर ही सोएं। दरअसल बाईं ओर करवट लेकर सोने से हमें स्वास्थ्य की दृष्टि से कई लाभ मिलते हैं।

पेट की कई समस्याओं

जिसमें से पहला है पेट की कई समस्याओं का खत्म हो जाना। या यूं कहें कि बाईं ओर करवट लेकर सोने से पेट की कई बीमारियां आने से पहले ही समाप्त हो जाती हैं। इनमें से जो आम हैं वे हैं पेट के फूलने की परेशानी, पेट में गैस होने की परेशानी या फिर एसिडिटी बनने की परेशानी, आदि सभी बाईं ओर करवट लेकर सोने से हल हो जाती हैं।

डॉक्टरों की सलाह

लेकिन यह बीमारियां कैसे खत्म हो जाती हैं, जानिए यह भी... डॉक्टरों के मुताबिक बाएं ओर करवट लेकर सोने से शरीर में जमा होने वाले टॉक्सिन धीरे-धीरे लसिका तंत्र द्वारा निकल जाते हैं। दरअसल बाईं ओर सोने से हमारे लीवर पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं पड़ता, इसलिए यह टॉक्सिन शरीर से बाह निकलने में सफल हो जाते हैं।

बाएं ओर सोना

बाएं ओर सोने का दूसरा फायदा हमारे पाचन तंत्र को मिलता है। इस तरह सोने से पेट और अग्न्याशय अपना काम जो कि खाना पचाने का कार्य है, उसको आराम से करने लगते हैं। अग्न्याशय से एंजाइम सही समय पर निकलना शुरू होता है। खाया गया भोजन भी आराम से पेट के जरिए नीचे पहुंचता है और आराम से खाना हज़म हो जाता है।

हाज्मा

यदि किसी का हाज्मा गड़बड़ रहता है और बदहजमी की शिकायत रहती है, तो उन्हें बायीं ओर करवट लेकर ही सोना चाहिए। आप स्वयं इससे मिलने वाले फायदे का अनुभव कर सकेंगे।

पाचन तंत्र

अगला फायदा अपने आप ही दूसरा फायदा मिलने के बाद मिल जाता है। जब पाचन तंत्र मजबूत हो जाएगा, तो अपने आप ही सुबह पेट आसानी से साफ हो जाएगा। बाएं ओर सोने की वजह से ग्रेविटी, भोजन को छोटी आंत से बड़ी आंत तक आराम से पहुंचाने में मदद करती है। इस वजह से सुबह के समय आपका पेट आराम से साफ होगा।

लीवर

बाएं ओर सोने से हमारे लीवर के अलावा, किडनी को भी फायदा मिलता है। बाएं ओर करवट लेकर सोने से कभी भी हमारे लीवर और किडनी पर कोई प्रेशर नहीं पड़ता, इसका परिणाम यह होता है कि जो पेट का एसिड होता है, वह ऊपर की जगह नीचे की ओर ही जाता है, जिससे एसिडिटी और सीने की जलन नहीं होती।

खाना पचाने में दिक्कत

तो यदि किसी को खाना पचाने में दिक्कत होती हो या फिर पेट में निरंतर एसिड बनने की परेशानी हो तो उन्हें रात में बाएं ओर करवट लेकर ही सोना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

दिल को फायदा

बाएं ओर करवट लेकर सोने से मिलने वाले फायदों में अभी तक हमने पेट संबंधी फायदे ही बताए थे। लेकिन इस पोज़ीशन में सोने का एक फायदा हमारे दिल को भी मिलता है। बाएं करवट सोने से दिल पर जोर कम पड़ता है क्योंदकि उस समय दिल तक खून की सप्लाई काफी अच्छील मात्रा में हो रही होती है।

सही मात्रा में खून पहुंचता है

डॉक़्टरों के अनुसार हमारे हृदय को हमेशा सही मात्रा में खून पहुंचना चाहिए। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। बायीं करवट में सोने से रक्त का प्रवाह सही रहता है, जो गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ के लिए भी अच्छा है। इसके अलावा आपके गुर्दों को काम करने में भी मदद मिलती है। एड़ी, पैरों और हाथों में सूजन भी आने की आशंका कम रहती हैं।

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