Adsense responsive

मंगलवार, 19 जनवरी 2016

राजाओं की भूमि-राजस्थान

राजाओं की भूमि-राजस्थान


राजस्थान अर्थात् ‘राजाओं की भूमि’ सांस्कृतिक व प्राकृतिक दृष्टि से काफी सम्पन्न है|यहाँ अरावली पर्वत, थार मरुस्थल व मेवाड़ का पठार व अनेक झीलें पायी जाती हैं,साथ ही यह राज्य किलों के लिए भी प्रसिद्ध है जिनमें से कुछ तो विश्व विरासत स्थल में भी शामिल किये जा चुके हैं| भारतीय इतिहास में यह राज्य राजपूत राजाओं की वीरता के लिए प्रसिद्ध है|
राजस्थान क्षेत्रफल के मामले में भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जिसका कुल क्षेत्रफल 342,239 वर्ग किमी./ 132,139 वर्ग मील(भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.4%) है| यह भारत
का पश्चिमी राज्य है जिसका अधिकांश पश्चिमी भाग ‘थार मरुस्थल’ से घिरा है जिसे ‘राजस्थान मरुस्थल’ भी कहते हैं| इसकी पश्चिमी सीमा पकिस्तान के पंजाब व सिंध प्रान्त से लगी हुई है| राजस्थान के उत्तर में पंजाब व हरियाणा, पूर्व में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश एवं दक्षिण में गुजरात राज्य स्थित है|
इंदिरा गाँधी नहर भारत की सबसे बड़ी नहर प्रणालियों में से एक है, जो फिरोजपुर(पंजाब) के हरिके स्थान से निकलकर पंजाब से होते हुए राजस्थान की पश्चिमी सीमा के सहारे प्रवाहित होती है | पहले इसे राजस्थान नहर कहा जाता था, लेकिन 1985 ई. में इसका नाम इंदिरा गाँधी नहर कर दिया गया| इस नहर से प्राप्त सिंचाई के कारण श्रीगंगानगर जैसे मरुस्थलीय जिलों में भी हरित क्रांति संभव हो सकी है|
क्षेत्रफ़ल
342,239 वर्ग किमी. (क्षेत्रफल के मामले में भारत का सबसे बड़ा राज्य)
जनसंख्या (2011की जनगणना के अनुसार)
​​6.85 करोड़
भाषाएँ
राजस्थान की राजकीय भाषा हिंदी है| यहाँ हिंदी की जयपुरी,मेवाती व मालवी बोलियाँ बोली जाती हैं|
जलवायु
अरावली पर्वत राजस्थान की जलवायु को दो भागों में बाँट देता है, इसके पश्चिम  में थार मरुस्थल की उपस्थिति के कारण शुष्क (Dry) मरुस्थलीय जलवायु पाई जाती है जबकि पूर्व में अपेक्षाकृत आर्द्र(Humid) जलवायु पाई जाती है| राजस्थान के पश्चिमी भाग में दिन व रात के तापमान में काफी अंतर पाया जाता है|
राजधानी 
जयपुर(इसे ‘गुलाबी शहर’ या ‘पिंक सिटी’ भी कहा जाता है)
लोकसभा सदस्य
25
विधानमंडल
एकसदनीय
प्रमुख नगर (जनसंख्या के घटते क्रम में)
जयपुर(3,073,349), जोधपुर(1,138,300), कोटा(1,001,365), बीकानेर(647,804), अजमेर(551,101), उदयपुर(474,531),भीलवाड़ा(360,009)

झीलें
राजसमंद, सांभर, उदयसागर, नक्की, पिछोला, फ़तेहसागर, अनासागर, पुष्कर, पचपद्रा, कैलाना आदि|

जिले
33
थार मरुस्थल में स्थिल जिले
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, पाली (राजस्थान का लगभग 70% भाग मरुस्थल से घिरा हुआ है, इसी कारण से इसे ‘भारत का मरुस्थलीय राज्य (Desert State)’ भी कहते हैं|
अर्थव्यवस्था
अर्थव्यवस्था का आकार= US$ 101 बिलियन , मुख्यतः कृषि पर आधारित
साक्षरता
66.11 %
लिंगानुपात(जनगणना-2011)
928 महिलाएँ प्रति हजार पुरुष
शिशु लिंगानुपात (जनगणना-2011)
888
प्रमुख लोक नृत्य
भवाई,चारी,ख्याल,घूमर(तीज व गणगौर उत्सव के दौरान भील जनजाति द्वारा), पनिहारी, चारी, कच्ची घोड़ी, कालबेलिया(सपेरा नृत्य)
मेले व त्यौहार
मरू उत्सव (जैसलमेर), नागौर मेला(नागौर), पुष्कर मेला(पुष्कर) मारवाड़ महोत्सव(जोधपुर), ऊंट दौड़ महोत्सव(बीकानेर), मेवाड़ महोत्सव(उदयपुर), उर्स महोत्सव(अजमेर), कैला देवी मेला (करौली), ग्रीष्म उत्सव(माउन्ट आबू)
विश्व विरासत स्थल

विश्व विरासत समिति की नोम-पेन्ह (कम्बोडिया) में हुई 34वीं बैठक में राजस्थान के छह किलों को विश्व विरासत स्थल के रूप में शामिल किया गया,इनमें चित्तौड़गढ़, कुंभनगढ़, जैसलमेर, रणथम्भौर(सवाईमाधोपुर), गागरोन (झालावाड़) और आमेर(जयपुर) के किले शामिल हैं| इसके अलावा केवलादेव घाना राष्ट्रीय पार्क (भरतपुर) व जंतर-मंतर (जयपुर) भी विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल हैं|
प्रमुख फसलें
गेहूँ, दलहन, तिलहन, बाजरा, मक्का, सरसों, ज्वार, जौ
प्रमुख खनिज
जास्पर (Jaspar) व वोलैस्तोनाईट(Wollastonite) (यह दोनों खनिज केवल राजस्थान में पाए जाते हैं), जस्ता(Zinc), फ्लूओराइट(Fluorite), जिप्सम, एस्बेसटस, संगमरमर, अभ्रक (Mica), चाँदी, पेट्रोलियम,तांबा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें