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शनिवार, 30 जनवरी 2016

रात में बाएं ओर करवट लेकर सोने के फायदे

रात में बाएं ओर करवट लेकर सोने के फायदे

स्वास्थ्य

हम पूरे दिन क्या करते हैं, क्या खाते हैं, कैसे वातावरण में अपना दिन गुज़ारते हैं, इन सभी बातों का हमारे स्वास्थ्य पर खासा असर होता है। लेकिन रात को हम कहां सोते हैं, किस तरह के बेड पर सोते हैं, वह आरामदायक है या नहीं या फिर हम किस दिशा का प्रयोग करके सोते हैं, यह बातें भी हमारे स्वास्थ्य पर प्रभावी होती हैं।

सोते समय हम जिस भी पोजीशन

आज हम आपको इसी मुद्दे से संबंधित एक सलाह देने जा रहे हैं, जो आपको तब याद रखनी है जब आप रात को सोने के लिए बिस्तर पर जाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोते समय हम जिस भी पोजीशन का इस्तेमाल करते हैं वह ना केवल हमारे अंगों पर, बल्कि साथ ही मस्तिष्क पर भी असर करती है।

फायदेमंद

लेकिन सबसे फायदेमंद स्लीपिंग पोज़ीशन है बाईं ओर करवट लेकर सोना। यहां आगे हम यही बताने जा रहे हैं कि कैसे बाईं तरफ करवट लेकर सोना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

एक ही ओर करवट लेकर सोना

इसमें कोई दो राय नहीं कि पूरी रात एक ही ओर करवट लेकर सोना संभव नहीं है। नींद में हम हम ना जाने कितनी बार करवट बदलते हैं, और अंत में किस पोज़ीशन में सो रहे होते हैं यह हमें खुद भी मालूम नहीं होती। हमें जिस ओर लेटने से आराम मिलता है शायद हम उसी ओर की पोज़ीशन लेकर पूरी रात सोए रहते हैं।

सोने के फायदे

लेकिन बाईं ओर करवट लेकर सोने के फायदे जानने के बाद शायद आपकी भी यही कोशिश होगी कि रातभर बाएं ओर की पोज़ीशन पकड़कर ही सोएं। दरअसल बाईं ओर करवट लेकर सोने से हमें स्वास्थ्य की दृष्टि से कई लाभ मिलते हैं।

पेट की कई समस्याओं

जिसमें से पहला है पेट की कई समस्याओं का खत्म हो जाना। या यूं कहें कि बाईं ओर करवट लेकर सोने से पेट की कई बीमारियां आने से पहले ही समाप्त हो जाती हैं। इनमें से जो आम हैं वे हैं पेट के फूलने की परेशानी, पेट में गैस होने की परेशानी या फिर एसिडिटी बनने की परेशानी, आदि सभी बाईं ओर करवट लेकर सोने से हल हो जाती हैं।

डॉक्टरों की सलाह

लेकिन यह बीमारियां कैसे खत्म हो जाती हैं, जानिए यह भी... डॉक्टरों के मुताबिक बाएं ओर करवट लेकर सोने से शरीर में जमा होने वाले टॉक्सिन धीरे-धीरे लसिका तंत्र द्वारा निकल जाते हैं। दरअसल बाईं ओर सोने से हमारे लीवर पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं पड़ता, इसलिए यह टॉक्सिन शरीर से बाह निकलने में सफल हो जाते हैं।

बाएं ओर सोना

बाएं ओर सोने का दूसरा फायदा हमारे पाचन तंत्र को मिलता है। इस तरह सोने से पेट और अग्न्याशय अपना काम जो कि खाना पचाने का कार्य है, उसको आराम से करने लगते हैं। अग्न्याशय से एंजाइम सही समय पर निकलना शुरू होता है। खाया गया भोजन भी आराम से पेट के जरिए नीचे पहुंचता है और आराम से खाना हज़म हो जाता है।

हाज्मा

यदि किसी का हाज्मा गड़बड़ रहता है और बदहजमी की शिकायत रहती है, तो उन्हें बायीं ओर करवट लेकर ही सोना चाहिए। आप स्वयं इससे मिलने वाले फायदे का अनुभव कर सकेंगे।

पाचन तंत्र

अगला फायदा अपने आप ही दूसरा फायदा मिलने के बाद मिल जाता है। जब पाचन तंत्र मजबूत हो जाएगा, तो अपने आप ही सुबह पेट आसानी से साफ हो जाएगा। बाएं ओर सोने की वजह से ग्रेविटी, भोजन को छोटी आंत से बड़ी आंत तक आराम से पहुंचाने में मदद करती है। इस वजह से सुबह के समय आपका पेट आराम से साफ होगा।

लीवर

बाएं ओर सोने से हमारे लीवर के अलावा, किडनी को भी फायदा मिलता है। बाएं ओर करवट लेकर सोने से कभी भी हमारे लीवर और किडनी पर कोई प्रेशर नहीं पड़ता, इसका परिणाम यह होता है कि जो पेट का एसिड होता है, वह ऊपर की जगह नीचे की ओर ही जाता है, जिससे एसिडिटी और सीने की जलन नहीं होती।

खाना पचाने में दिक्कत

तो यदि किसी को खाना पचाने में दिक्कत होती हो या फिर पेट में निरंतर एसिड बनने की परेशानी हो तो उन्हें रात में बाएं ओर करवट लेकर ही सोना चाहिए। इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

दिल को फायदा

बाएं ओर करवट लेकर सोने से मिलने वाले फायदों में अभी तक हमने पेट संबंधी फायदे ही बताए थे। लेकिन इस पोज़ीशन में सोने का एक फायदा हमारे दिल को भी मिलता है। बाएं करवट सोने से दिल पर जोर कम पड़ता है क्योंदकि उस समय दिल तक खून की सप्लाई काफी अच्छील मात्रा में हो रही होती है।

सही मात्रा में खून पहुंचता है

डॉक़्टरों के अनुसार हमारे हृदय को हमेशा सही मात्रा में खून पहुंचना चाहिए। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है। बायीं करवट में सोने से रक्त का प्रवाह सही रहता है, जो गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ के लिए भी अच्छा है। इसके अलावा आपके गुर्दों को काम करने में भी मदद मिलती है। एड़ी, पैरों और हाथों में सूजन भी आने की आशंका कम रहती हैं।

भारतीय महिलाओं के बारे में 13 रोचक बाते जो उन्हें बनाती है सबसे अलग

भारतीय महिलाओं के बारे में 13 रोचक बाते जो उन्हें बनाती है सबसे अलग

1. रिस्‍क न लेनासामान्‍यत: भारतीय महिलाएं बहुत घरेलू होती हैं, उन्‍हे कई नए काम करने में हिचकिचाहट होती है और मन में हमेशा डर रहता है। तभी भारत में बहुत कम महिलाओं का नैट बैकिंग एकाउंट होता है क्‍योंकि वह कभी भी रिस्‍क नहीं लेना चाहती हैं।

2. पहल न करना-भारतीय महिला के मन में अगर कोई बात है तो वह कभी भी उसकी पहल नहीं करेगी। उनकी ये आदत शुरू से ही होती है, कॉलेज के दिनों में प्‍यार हो, तो भी वह यही सोचेगी कि लड़का प्रपोज करे, शादी के बाद लवमेकिंग हो तो उसमें भी उन्‍हे पार्टनर के पहल करने की जरूरत होती है।

3. तारीखें याद रखना-इंडियम वूमन को डेट्स बहुत याद रहती है। उनकी दोस्‍ती किससे, किस दिन, कब कहां क्‍यों हुई, सारा लेखा जोखा उनके पास रहता है। अगर आप कभी उनसे कोई बात करें तो वह गड़े मुर्दे उखाड़ देगी, ऐसी बातें याद दिलाएगी तो आपको याद ही न हों।

4. वो ठीक, बाकी सब गलत-भारतीय महिलाओं की खास आदत होती है कि वह किसी की बात सुनना नहीं चाहती। उन्‍हे लगता है वह जो कर रही हैं, वो ठीक है और सारे लोग गलत है।

5. इमोशनल ब्लैकमेल-दुनिया में अगर सबसे ज्‍यादा कोई इमोशनल ब्‍लैकमेल के शिकार होते है तो वह भारतीय पुरूष होते है। भारतीय महिलाएं नजदीकी रिश्‍ते में कभी भी बात को सही ढंग से नहीं कहती, वह हमेशा उसे इमोशनल टच देती हैं ताकि कोई भी पिघल जाये और उनकी बात मान ले।

6. लालची-लालची शब्‍द, शायद कुछ ज्‍यादा ही हार्ड लगे, लेकिन यह एक फैक्‍ट है। इंडिया की फीमेल 22 साल की उम्र पार करने के बाद लालची हो जाती है, उन्‍हे गहने, रूपए – पैसे, घर गाड़ी, बंगला आदि दिखने लगता है। खुद पर खर्च करने में नहीं चूकेगी लेकिन दूसरे के ऊपर एक रूपए भी खर्च करने में उन्‍हे खुद की सेविंग्‍स का ख्‍याल आ जाएगा।

7. फाइटर नहीं होती-भारतीय महिलाओं की परवरिश कुछ इस तरीके से होती है कि वह बुरी स्थितियों में फाइट नहीं कर पाती है और तुंरत गिव-अप करके बैठ जाती हैं, कि जो होगा वो राम भरोसे, जबकि दूसरे देशों की महिलाएं अपने ह़क के लिए ज्‍यादा लम्‍बे समय तक लड़ती हैं और भारतीय महिलाओं की अपेक्षा सुसाइड भी कम करती हैं।

8. सजना संवरना –हर भारतीय महिला का शौक होता है कि वह खूब सजे, तैयार हो, गहने पहने आदि। यही कारण है कि दुनिया में कॉस्‍मेटिक प्रोडक्‍ट की खपत भारत में भारी संख्‍या में होती  है.

9. जो हां कहें, वो नहीं होता है-भारतीय महिलाओं की ये आदत बहुत खतरनाक होती है, उनका मूड बहुत अजीब और न समझने वाला होता है। वह आपको जिस काम को करने के लिए कहेगी और अगर आप उसे ही करें तो उन्‍हे बुरा लग जाता है। जैसे – अगर उनका पति कहे कि मैं बाहर जा रहा हूं तो बोलेगी कि जाओ, और दस दिन बाद उसी बात को लेकर हंगामा मचा देगी।

10. लड़कों से तुलना करना-भारतीय महिला कितने भी अच्‍छे परिवार की हो, लेकिन वो लड़कों और मर्दो से अपनी तुलना हमेशा करती है जैसे – उसे इतना मिला तो मुझे क्‍यों नहीं। इसके पीछे कारण यह है कि वह हमेशा खुद को लड़की होना एक अभिशाप मानती हैं, उन्‍हे ऐसा लगता है कि उन्‍हे भी उतनी ही आजादी चाहिये, जितनी लड़कों को मिलती है।

11. शिक्षा-भारतीय महिलाओं की साक्षरता दर 54.6 प्रतिशत है। इस आंकडे के हिसाब से भारत में महिलाओं की शिक्षा दर अन्‍य विकासशील देशों की अपेक्षा कम है।

12. सुन्दरता -भारतीय महिलाएं, दुनिया में सबसे सुंदर मानी जाती हैं। माना जाता है कि सांवलेपन और खूबसूरती का सबसे अच्‍छा कॉम्‍बीनेशन, इंडिया में देखने को मिलता है।

13. मोलभाव करने में सबसे आगे-पिछले 12 तथ्य पढने के बाद अब तक आप कुछ मिस कर रहे होंगे .. जी हाँ .. भारतीय महिलाओं की अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इस “स्किल” के बिना पोस्ट अधूरी है .. “भैया कुछ कम कर लो न” , “हम पहली बार थोड़ी न खरीद रहे है” “पिछले बार भी आपके यहाँ से ही ले गये थे इतने में” “ठीक ठीक लगा लो” ये भारतीय महिलाओं के कॉमन डायलॉग होते है .. एक सोच के अनुसार मोलभाव करना आना ही एक अच्छी गृहणी की पहचान है

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रोचक जानकारी


रोचक जानकारी 

१. अगर कोई व्यक्ति , दिन में ११ घंटे से अधिक बैठता है तो , ५ साल में उसकी म्रत्यु होने के ५० % चांस बढ़ जाते है |
२. अगर आप बिना तकिये के सोते है तो आपको बेक पैन कम होगा और रीड़ कि हड्डी भी मजबूत होगी |
३. किसी शिशु कि ऊंचाई उसके पिता कि ऊंचाई से निश्चित होती है , जबकि उसका वजन उसकी माँ के वजन से निश्चित होता है |
४. कोई भी पर्सन बिना खाये ३ से ४ हफ्तो तक ज़िंदा रह सकता है , पर बिना सोये केवल ११ दिन ही ज़िंदा रह सकता है |
५. जो लोग खुल कर हसा करते है , वो नही हसने वालो से ज़यादा स्वस्थ होते है |
६. हमारे शरीर का तापमान १.५ लीटर पानी को ३० मिनट में गर्म करने के लिए काफी होता है |
७. पेट में बन ने वाला अम्ल , किसी रेज़र ब्लेड को भी गला सकता है |

संसार की सबसे ऐतिहासिक घटना

संसार की सबसे ऐतिहासिक घटना जो कि १०० साल में फिर दोहराई गई
अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन और राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी के बीच मे यह घटना घटी ।
1) अब्राहम लिंकन 1846 मे काँग्रेस के लिए चुने गए।
....जॉन एफ़ केनेडी 1946 मे काँग्रेस के लिए चुने गए।
2) अब्राहम लिंकन 1861 मे राष्ट्रपति बने ।
....जॉन एफ़ केनेडी 1961 मे राष्ट्रपति बने।
3) लिंकन के सेक्रेटरी का नाम केनेडी था ।
....केनेडी के सेक्रेटरी का नाम लिंकन था ।
4) दोनों ही सिविल राइट्स से संबंध रखते थे ।
5) व्हाइट हाउस मे रहने के दौरान दोनों की पत्नियो ने अपने बच्चे खोये ।
6) दोनों राष्ट्रपति को शुक्रवार के दिन गोली मार के हत्या की गई थी ।
7) दोनों राष्ट्रपति के सिर मे गोली मारी गई थी ।
8) दोनों राष्ट्रपति दक्षिण क्षेत्र से विजय हुवे थे।
9) दोनों राष्ट्रपति को दक्षिण क्षेत्र के निवासी ने ही गोली मारी ।
10) दोनों राष्ट्रपतियों को मारने वाले दोनों हत्यारो का नाम भी जॉनसन ही था।
11) लिंकन को मारने वाले हत्यारे का नाम एंड्रू जॉनसन था जो की 1808 मे पैदा हुवा था ।
12) केनेडी को मारने वाले हत्यारे का नाम लिंडन जॉनसन था जो की 1908 मे पैदा हुआ था।
13) दोनों हत्यारे थिएटर से भागे थे , और वियर हाउस मे पकड़ाये थे ।
14) दोनों राष्ट्रपतियों के हत्यारो को अदालत मे पेश करने से पहले ही मार डाला गया।

शुक्रवार, 29 जनवरी 2016

शास्त्रों के अनुसार जानें किस दिन पति-पत्नी को एक-दूसरे से दूर रहना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार जानें किस दिन पति-पत्नी को एक-दूसरे से दूर रहना चाहिए


पारस्परिक आकर्षण

स्त्री-पुरुष के बीच पारस्परिक आकर्षण, सृष्टि का एक अटल सत्य है। सृष्टि की रचना ही इस आकर्षण और मिलन पर निर्भर है इसलिए यह कहना उचित ही होगा कि महिला-पुरुष का संगम अगर सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार किया जाए तो यह एक बेहद पवित्र घटनाक्रम है।

स्त्री-पुरुष का संगम

वे लोग जो धार्मिक मान्यताओं को समझते और उनका पालन करते हैं, वो ये जानते हैं कि बिना विवाह के स्त्री-पुरुष का संगम निकृष्ट कर्म माना जाता है।

वैवाहिक बंधन

हमारा समाज महिला और पुरुष के बीच संबंधों को तभी मान्यता देता है जब कि वे दोनों वैवाहिक बंधन में बंधे हों।

स्त्री-पुरुष के बीच संबंध

यूं तो विवाह पश्चात स्त्री-पुरुष के बीच संबंध को पूरी तरह शुभ और मान्यताओं के अनुरूप माना जाता है।

ब्रह्मवैवर्तपुराण

लेकिन ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार कुछ ऐसे दिन भी हैं जिस दिन पति-पत्नी को किसी भी रूप में शारीरिक संबंध स्थापित नहीं करने चाहिए।

निषेध

आइए जानते हैं उन अशुभ दिनों के विषय में जब पति-पत्नी के मिलन को निषेध माना गया है।

अमावस्या

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या के दिन पति-पत्नी को एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। यह उनके विवाहित जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

पूर्णिमा की रात

इसके अलावा पूर्णिमा की रात भी विवाहित दंपत्ति को एक दूसरे से अलग ही रहना चाहिए।

संक्रांति

संक्रांति का समय भी पति-पत्नी की नजदीकी का समय नहीं है। इस दौरान नजदीक आना उनके लिए हितकर नहीं है।

एक दूसरे से दूरी

तिथियों की बात करें तो चतुर्थी और अष्टमी तिथि पर भी विवाहित दंपत्ति को एक दूसरे से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

रविवार

पुराणों के अनुसार रविवार के दिन भी पति-पत्नी को एक दूसरे से दूर ही रहना चाहिए। शारीरिक संबंधों के लिए भी यह समय नहीं है।

श्राद्ध या पितृ पक्ष

श्राद्ध या पितृ पक्ष के दौरान भी पति-पत्नी को संबंध बनाने के विषय में नहीं सोचना चाहिए।

व्रत

जिस दिन स्त्री या पुरुष व्रत रखते हैं, उस दिन किसी प्रकार से अपने साथी के निकट जाना, संभोग करना सही नहीं माना गया है।

नवरात्रि

नवरात्रि के दिनों में भी स्त्री-पुरुष के बीच शारीरिक संबंध स्थापित होना निषेध करार दिया गया है।

हिन्दू परंपरा

हिन्दू एक धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है, सफल जीवन और निर्बाधित खुशियों को प्राप्त करने के लिए बहुत जरूरी है हिन्दू परंपरा के अनुसार कार्य किया जाए।

ऎसे घरो में करते है भूत प्रेत निवास रखे इन बातो का ध्यान

ऎसे घरो में करते है भूत प्रेत निवास रखे इन बातो का ध्यान 



भारतीय ज्योतिष और वास्तु में हर स्थान पर नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन होता है। वास्तुशास्त्र में किसी भी वस्तु विषय पर पड़ने वाली ऊर्जा तथा उसमें रहने वाले प्रणीयों पर उसके अच्छे या बुरे ऊर्जा के प्रभाव का अकलन किया जाता है। शास्त्रों में हर दिशा का अपना महत्व है। उसी के अनुरूप उस जगह पर नकारात्मक अथवा सकारात्मक शक्तियों का वास होता है। वास्तु में सूर्य को ब्राह्म में ऊर्जा का स्त्रोत माना जाता है। इसी कारण पूर्व दिशा ऊर्जा का केंद्र रहती है पश्चिम में सूर्य अस्त होता है जहां उसकी उर्जा का हास होता है और इसी दिशा पर शनिदेव वास करते हैं।शास्त्रों में दैवीय ऊर्जा का उद्गमन उत्तर पूर्व दिशा कही गई है। इसे ईशान कोण भी कहा जाता है। इसी दिशा से सारी दैवीय शक्तियां संचालित होती हैं। यही स्थान ईश्वर को भी समर्पित है इस के विपरीत दक्षिणी पश्चिम दिशा अर्थात साउथ वैस्ट दिशा पर दैत्यों और पिशाचों का काल वास होता है।जब किसी घर में पूर्व से सूर्य की किरणों को प्रवेश करने में बाधा उत्पन्न हो, उत्तर पश्चिम दिशा से वायु का संचालन बंद हो जाए, उत्तर पूर्व दिशा से जल का स्थान दूषित हो जाए, देव स्थान या घर का मंदिर दूषित हो जाए तो उन जगहों पर नकारात्मक शक्तियों का वास हो जाता है तथा भूत-प्रेत अपना बसेरा बना लेते हैं।जिस स्थान पर 43 दिन तक सूर्य की किरणों का संचालन न हो तथा वहां की दिवारों पर नमी के कारण सीलन हो तथा हवा के न संचालित होने से दुर्गुन्ध आती हो ऐसे स्थान पर भूत प्रेत निवास करते हैं। जिस जमीन पर पूर्वजों का मरघट स्थान हो तथा उस जगह पर कोई व्यक्ति अपना आशियाना बना ले तो वहां नकारात्मक शक्तियां अपना वास बना लेती हैं।पीपल अथवा बरगद को काट कर घर बनाया गया हो। वहां भी पिशाच वास करते हैं।जो घर किसी कॉलोनी अथवा सड़क का आखरी घर हो और जिसके आगे जाकर रास्ता समाप्त हो जाता हो वहां पर भी नकारात्मक शक्तियों का वास होता है।

मूलांक से जानिए इस साल कैसे रहेंगे आपके सितारे

मूलांक से जानिए इस साल कैसे रहेंगे आपके सितारे


ज्योतिष विद्या

ज्योतिष विद्या की कई शाखाएं अस्तित्व में मौजूद हैं और इनकी विशेषता यह है कि हर दौर, हर काल में ये उतनी ही प्रमाणिक होती हैं जितनी अपने शुरुआती दौर में हुआ करती थीं।

कुंडली

जन्म का समय, स्थान और दिनांक के आधार पर आपकी कुंडली बनाई जाती है, जो आपके अतीत, वर्तमान और भविष्य, तीनों का आइना होती है। भविष्य जानने की यह विधा सबसे ज्यादा चर्चित और मान्य है। जन्म का समय, स्थान और दिनांक के आधार पर आपकी कुंडली बनाई जाती है, जो आपके अतीत, वर्तमान और भविष्य, तीनों का आइना होती है। भविष्य जानने की यह विधा सबसे ज्यादा चर्चित और मान्य है।

मूलांक

लेकिन मूलांक के जरिए आने वाले वक्त के बारे में जानना भी एक अद्भुत विद्या है। आइए जानते हैं आपका मूलांक आपके लिए क्या कहता है: लेकिन मूलांक के जरिए आने वाले वक्त के बारे में जानना भी एक अद्भुत विद्या है। आइए जानते हैं आपका मूलांक आपके लिए क्या कहता है:

मूलांक 1

वे लोग जिनका जन्म किसी भी माह की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, वे मूलांक 1 के जातक होते हैं। ये साल आपके लिए बहुत कुछ नया लेकर आने वाला है। वे लोग जो अपने जीवन में प्रेम के आगमन का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए कुछ अच्छा हो सकता है। वे लोग जिनका जन्म किसी भी माह की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, वे मूलांक 1 के जातक होते हैं। ये साल आपके लिए बहुत कुछ नया लेकर आने वाला है। वे लोग जो अपने जीवन में प्रेम के आगमन का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए कुछ अच्छा हो सकता है।

सूर्य

आपके अंक का स्वामी सूर्य है जो आपके रुके हुए कार्यों को पूरा करने में सहयोग देंगे। आपको अपने क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। आपके अंक का स्वामी सूर्य है जो आपके रुके हुए कार्यों को पूरा करने में सहयोग देंगे। आपको अपने क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

मूलांक 2

2,11,20 या 29 तारीख को जन्में जातक मूलांक 2 के अंतर्गत आते हैं। निकट भविष्य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने किए गए प्रयासों के हिसाब से ही परिणाम हासिल होंगे। आपको खान-पान और आराम करने का अच्छा मौका मिलने वाला है। किसी दूरस्थ स्थान की यात्रा के लिए जाना हो सकता है। 2,11,20 या 29 तारीख को जन्में जातक मूलांक 2 के अंतर्गत आते हैं। निकट भविष्य में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने किए गए प्रयासों के हिसाब से ही परिणाम हासिल होंगे। आपको खान-पान और आराम करने का अच्छा मौका मिलने वाला है। किसी दूरस्थ स्थान की यात्रा के लिए जाना हो सकता है।

मूलांक 3

आपकी रचनात्मक क्षमता काफी बढ़ सकती है, जिसकी वजह से आपको काफी सराहना मिलने वाली है। प्रेमी या जीवनसाथी के साथ खट्टे-मीठे अनुभव हो सकते हैं जो आपके जीवन से बोरियत को दूर करेंगे। छात्रों के लिए अच्छा समय है, मेहनत कीजिए और अच्छे फल पाइए। आपकी रचनात्मक क्षमता काफी बढ़ सकती है, जिसकी वजह से आपको काफी सराहना मिलने वाली है। प्रेमी या जीवनसाथी के साथ खट्टे-मीठे अनुभव हो सकते हैं जो आपके जीवन से बोरियत को दूर करेंगे। छात्रों के लिए अच्छा समय है, मेहनत कीजिए और अच्छे फल पाइए।

मूलांक 4

यह साल आपके लिए सावधान रहने की चेतावनी लेकर आया है, विशेषकर सेहत और व्यवसाय को लेकर आपको गंभीर रहने की जरूरत है। आपके विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। निजी या प्रेम संबंधों के मामले में ये साल सुखद होगा। यह साल आपके लिए सावधान रहने की चेतावनी लेकर आया है, विशेषकर सेहत और व्यवसाय को लेकर आपको गंभीर रहने की जरूरत है। आपके विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। निजी या प्रेम संबंधों के मामले में ये साल सुखद होगा।

मूलांक 5

5,14, या 23 तारीख को जन्में जातक मूलांक 5 की श्रेणी में आते हैं। इस वर्ष आपको ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है जिसकी कल्पना तक आपने ना की हो। अब घटनाएं अच्छी होंगी या बुरी यह हम नहीं कह सकते। आर्थिक मामलों और यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। 5,14, या 23 तारीख को जन्में जातक मूलांक 5 की श्रेणी में आते हैं। इस वर्ष आपको ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है जिसकी कल्पना तक आपने ना की हो। अब घटनाएं अच्छी होंगी या बुरी यह हम नहीं कह सकते। आर्थिक मामलों और यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरूरत है।

मूलांक 6

किसी भी माह की 2, 15 या 24 तारीख को जन्में लोग मूलांक 6 के अंतर्गत आते हैं। धन के मामले में यह वर्ष फलदायी साबित होने वाला है। अगर खर्चों पर नियंत्रण रख सकते हैं तो आपकी जमा पूंजी भी बढ़ेगी। प्रेम और पारिवारिक मामलों में अच्छे परिणाम हासिल हो सकते हैं। अपने महत्वपूर्ण कार्यों का जिम्मा दूसरों पर ना डालें। किसी भी माह की 2, 15 या 24 तारीख को जन्में लोग मूलांक 6 के अंतर्गत आते हैं। धन के मामले में यह वर्ष फलदायी साबित होने वाला है। अगर खर्चों पर नियंत्रण रख सकते हैं तो आपकी जमा पूंजी भी बढ़ेगी। प्रेम और पारिवारिक मामलों में अच्छे परिणाम हासिल हो सकते हैं। अपने महत्वपूर्ण कार्यों का जिम्मा दूसरों पर ना डालें।

मूलांक 7

माह की 7, 16 और 25 तारीख को जन्में लोगों को इस वर्ष सिर्फ अपने बारे में सोचना चाहिए। आपको अपनी सेहत, उन्नति और जॉब में सफलता के विषय में सोचना चाहिए, तभी अच्छे परिणाम हासिल होंगे। पारिवारिक जनों के साथ मतभेद संभव है लेकिन फिर भी प्रेम बना रहेगा। माह की 7, 16 और 25 तारीख को जन्में लोगों को इस वर्ष सिर्फ अपने बारे में सोचना चाहिए। आपको अपनी सेहत, उन्नति और जॉब में सफलता के विषय में सोचना चाहिए, तभी अच्छे परिणाम हासिल होंगे। पारिवारिक जनों के साथ मतभेद संभव है लेकिन फिर भी प्रेम बना रहेगा।

मूलांक 8

8, 17 और 26 तारीख पर जन्में लोगों को इस साल कड़ी मेहनत और कठोर परिश्रम की आवश्यकता है। वैसे भी आपको आसानी से सफलता हासिल नहीं होती, इसलिए इस साल आपको अपनी मेहनत पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। अपने बड़े-बुजुर्गों की सलाह को नजरअंदाज ना करें, आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। 8, 17 और 26 तारीख पर जन्में लोगों को इस साल कड़ी मेहनत और कठोर परिश्रम की आवश्यकता है। वैसे भी आपको आसानी से सफलता हासिल नहीं होती, इसलिए इस साल आपको अपनी मेहनत पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। अपने बड़े-बुजुर्गों की सलाह को नजरअंदाज ना करें, आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

मूलांक 9

किसी भी माह की 9, 18 या 27 तारीख को जन्में लोग मूलांक 9 के अंतर्गत आते हैं। इस वर्ष का अंक और आपका मूलांक एक ही है, यह संयोग आपके लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। आप जीवन के कई क्षेत्रों में अपने लिए बेहतर बदलाव देख सकते हैं। किसी भी माह की 9, 18 या 27 तारीख को जन्में लोग मूलांक 9 के अंतर्गत आते हैं। इस वर्ष का अंक और आपका मूलांक एक ही है, यह संयोग आपके लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। आप जीवन के कई क्षेत्रों में अपने लिए बेहतर बदलाव देख सकते हैं।

ऑल द बेस्ट

जाते-जाते आपको इस साल के लिए ऑल द बेस्ट, ताकि आपके मूलांक आपको अच्छा फल ही प्रदान करें। जाते-जाते आपको इस साल के लिए ऑल द बेस्ट, ताकि आपके मूलांक आपको अच्छा फल ही प्रदान करें।

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय क्यों बड़ा दिखता है सूर्य ?

अक्सर हम यह देखते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय हमें सूर्य बड़ा दिखता है। लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य बड़ा क्यों दिखता है? उस वक्त उसकी किरणें हल्की होती हैं। ऐसे में वह हमें पूर्ण रूप में दिखता है। लेकिन जब वह पूरी तरह उदित हो जाता है तो उसकी किरणों की रोशनी बहुत तेज हो जाती हैं। हमारी आंखें उसपर नहीं ठहरती हैं। तब हमें वह छोटा दिखता है क्योंकि हम उसके भीतरी भाग को ही देख पाते हैं।

सूर्य हमारी पृथ्वी से 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बना है। इसकी बाहरी सतह की अपेक्षा अंदर की सतह ज्यादा गर्म होती है। सूक्ष्म तौर पर देखने पर यह हमें दो भागों में दिखाई देता है। जब सूर्य उदय होता है तब धीरे-धीरे इसकी किरणों पृथ्वी पर पहुंचती हैं।

सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक आने में आठ मिनट उन्नीस सेकेंड का समय लगता है। शाम के समय प्रकाश के हल्के और कमजोर होने से सूर्य हमें स्पष्ट और पूरा दिखाई देता है परंतु जब सूर्य दोपहर के समय ठीक पृथ्वी के ऊपर होता है,उस समय उसकी तेजस्वी किरणें पृथ्वी की ओर आती हैं। उन तेज किरणों के असर से हमें सूर्य का बाहरी हिस्सा न दिखकर सिर्फ अंदर का ही भाग नजर आता है। 

इस दौरान सूर्य को देखना आंखों के लिए हानिकारक होता है। इन अवधि में सूर्य के आकार में भी बदलाव दिखता है जो वायुमंडलीय दबाव की वजह से है। 

चूंकि ऊंचाई घटने पर परिवर्तन में ज्यादा फर्क दिखता है इसलिए ऊध्र्वतल छोटा हो जाता है जबकि क्षितिज तल बढ़ जाता है। इसलिए सूर्योदय और उसके अस्त होते समय आकार बड़ा नजर आता है।



गुरुवार, 28 जनवरी 2016

कुछ राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली है साल 2016

कुछ राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली है साल 2016


नया साल

नए साल से हमें बेहद उम्मीदें होती हैं, यह नया साल पुराने साल की बुराइयों को पीछे को छोड़ हमारे लिए नई खुशियां लाएगा यही हमारी इच्छा होती है। कुछ लोग नए साल को और भी स्पेशल और नया रूप देने के लिए खुद से एक वादा करते हैं। अपनी कोई बुरी आदत छोड़ने का वादा, रोज़ाना एक नया काम करने का निर्णय... यह आज का ट्रेंड बन गया है।

ज्योतिष शास्त्र की नजर से

लेकिन ज्योतिष शास्त्र नए साल में आपके लिए बहुत कुछ नया लाता है, यह मत भूलिए। नया साल चढ़ते ही यकीनन आपकी कुंडली के सितारे बदल जाएंगे, आपके जीवन में नए बदलाव आएंगे। इन्हीं बदलावों में से एक आज हम यहां विस्तार से बताने जा रहे हैं।

कॅरियर

व्यक्ति की लाइफ में दो-तीन चीज़ें बेहद महत्वपूर्ण होती हैं.... पहला उसका प्यार या परिवार और दूसरा यदि वह नौकरी पेशेवर है तो उसका काम उसके लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए उसकी दुनिया इन्हीं दो चीजों के ईर्द-गिर्द घूमती रहती है। इसलिए आज हम आपको यहां राशि अनुसार नए साल में आपका कॅरियर कैसा रहेगा यह बताने जा रहे हैं।

12 राशियों के आधार पर

ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत 12 राशियों के आधार पर हम आगे की स्लाइड्स में बताएंगे कि कॅरियर के क्षेत्र में आपका नया साल कैसा रहने वाला है। क्या तरक्की मिलेगी, आर्थिक रूप से सब सही रहेगा या फिर आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इन सभी सवालों के जवाब जानिए....

मेष राशि

21 मार्च से लेकर 19 अप्रैल के भीतर जन्म लेने वाले जातक मेष राशि के कहलाते हैं। यदि आप इस राशि से संबंध रखते हैं तो आपको बता दें कि वर्ष 2016 में आपके कॅरियर में काफी बदलाव आने वाले हैं और यह बदलाव आप ही से आरंभ होंगे। क्योंकि नए साल के शुरुआत से ही आप अपने कॅरियर को लेकर काफी संवेदनशील होने वाले हैं, ध्यानपूर्वक सभी कार्य करने की ठान कर बैठे हैं।

तरक्की के योग

आधा जनवरी बीतने से लेकर फरवरी के महीने तक आप खुद को अपने ऑफिस में एक चमकता हुआ सितारा मान सकते हैं। इसके बाद अप्रैल और मई का महीना भी तरक्की दिलवाएगा, और यह सिलसिला जुलाई माह तक खिंचा चला जाएगा। इसी बीच संभावना है कि आपको नई नौकरी का ऑफर भी मिले, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। क्योंकि साल खत्म होते-होते आपके कार्य में थोड़ी कमी आने वाली है, इसलिए ऑफिस में अपनी जगह बनाए रखें।

वृषभ राशि

20 अप्रैल से 20 मई के भीतर जन्म लेने वाले जातक वृषभ राशि के होते हैं, और इनके कॅरियर ग्रोथ की बात करें तो नया साल इन्हें आगे बढ़कर खुद को साबित करने का मौका देने वाला है। यदि अब तक आप ऑफिस या अपने बिजनेस वालों के बीच अधिक प्रचलित नहीं थे, तो अब समय आ गया है जब लोग खुद आगे बढ़कर आपके साथ काम करने के इच्छुक होंगे।

साल की शुरुआत

साल का शुरुआती दौर काफी अच्छा होगा, मार्च का महीना आपके कॅरियर के लिए खास होने वाला है, इस बीच किसी भी तरह का अवसर अपने हाथ से ना जानें दें। अप्रैल की महीना काम में कुछ कमी लाएगा, लेकिन मई के महीने में पिछले कुछ समय से रुका हुआ सारा काम धीरे-धीरे पूरा होता चला जाएगा। लेकिन जून का महीना दिक्कतों वाला है, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें। लेकिन फिर अगस्त और सितंबर का महीना आपके कॅरियर में ऐसा बदलाव लाएगा जो साल के अंत तक आपके लिए चमत्कारी ही होगा।

मिथुन राशि

21 मई से 20 जून के भीतर जन्म लेने वाले जातक मिथुन राशि के हैं। आपके लिए नया साल अपने शुरुआती दौर में मुश्किलें लेकर आएगा। फरवरी माह तक कॅरियर और बिजनेस में तरक्की देखना मुश्किल है, लेकिन जुलाई आते-आते समय बदल जाएगा और आपके भीतर कुछ कर दिखाने की चाहत आपके लिए अच्छे दिन लाएगी।

बनी हैं कुछ संभावनाएं

लेकिन अगस्त में फिर से कुछ समस्याएं उत्पन्न्न हो सकती हैं, इसलिए सतर्क रहें। यह समस्याएं आपके प्रमोशन के लिए भी घातक साबित हो सकती हैं। इसलिए धैर्य बनाए रखें और जितना संभव हो सकता है अपने काम पर ध्यान दें।

कर्क राशि

21 जून से 22 जुलाई के भीतर जन्म लेने वाले जातक कर्क राशि के कहलाते हैं। नया साल कर्क राशि के लिए भी कुछ मुश्किलें लाया है। साल के आरंभ में ही इन्हें बुरी आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन फरवरी आते-आते समस्याओं के बादल छंट जाएंगे, जिन्हें जॉब नहीं मिली उन्हें इस दौरान नई नौकरी मिलने के संकेत बने हुए हैं।

नौकरी बदलने के योग

लेकिन आप यहीं नौकरी करते हैं तब भी तरक्की मिलेगी, और यदि आपने सही तरीके से काम किया तो यह तरक्की मई के महीने तक साथ देगी। आगे चलकर आपको एक और खुशखबरी मिल सकती है, अगस्त का आधा समय बीतने के बाद आपको प्रमोशन मिलने की संभावना है। और यह प्रमोशन साल के अंत तक आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

सिंह राशि

23 जुलाई से 22 अगस्त के भीतर जन्म लेने वाले जातक सिंह राशि के होते हैं। सिंह राशि के लिए नया साल कॅरियर में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, संभावना है कि शायद आप अपना कॅरियर ही बदल देने की सोचें। यदि नहीं, तो ऑफिस में माहौल अच्छा होने की संभावना है। मई के महीने में आपको ऑफिस में नए-नए अवसर प्राप्त होंगे, साथ ही हो सकता है कि किसी नई जॉब का ही ऑफर मिल जाए।

संयम रखें

सिंह राशि के वे जातक जो अभी तक नौकरी ना मिलने से परेशान हैं उन्हें साल 2016 के मई महीने में यकीनन नौकरी मिल जाएगी। अंत में एक बात का ध्यान रखें, नया साल अपने हर महीने में आपके लिए अच्छी ग्रोथ लेकर आया है लेकिन यह तब तक ही संभव है जब तक आप संयम रखें। स्वभाव में हल्का सा भी बुरा बदलाव आपसे सब कुछ छीन सकता है।

कन्या राशि

23 अगस्त से 22 सितंबर के भीतर जन्म लेने वाले जातक कन्या राशि के हैं। यदि आप इस राशि के हैं तो नया साल आपके लिए यकीनन तरक्की लाएगा, लेकिन यह ग्रोथ धीरे-धीरे मिलेगी। जैसे-जैसे साल बीतेगा, वैसे ही आपको कॅरियर में सुधार दिखाई देगा।

अच्छी ग्रोथ मिल सकती है

खासतौर से जुलाई माह के बाद आपको अच्छी ग्रोथ मिलेगी। नया काम मिलेगा, ऑफिस में नए अवसर प्राप्त होंगे और यदि आप मन लगाकर काम करते रहे तो सफलता अधिक दूर नहीं होगी।

तुला राशि

23 सितंबर से 22 अक्टूबर के भीतर जन्म लेने वाले जातक तुला राशि के कहलाते हैं। आपके लिए नए साल चढ़ते ही अच्छी कॅरियर अवसर आएंगे, कंपनी में बेहतर सहयोगी प्राप्त होंगे जो आपके कॅरियर को और अच्छा बनाने में मदद करेंगे। लेकिन जून आने तक कुछ समस्याएं आ सकती हैं, पर यह समस्याएं इतनी भी बड़ी नहीं होंगी कि आपको नौकरी बदलने जैसा फैसला लेना पड़े।

धैर्य बनाए रखें

बस धैर्य बनाए रखें, क्योंकि अगस्त माह से पहले आपके कॅरियर की गाड़ी धीमा-धीमा ही रफ्तार पकड़ेगी। इसके बाद साल के अंत तक शायद ही आपको किसी बड़ी सम्स्या का सामना करना पड़े।

वृश्चिक राशि

23 अक्टूबर से 21 नवंबर के भीतर जन्म लेने वाले जातक वृश्चिक राशि के होते हैं। यदि नए साल में कॅरियर को लेकर वृश्चिक राशि की बात करें, तो साल की शुरुआत में इनकी कुंडली में कॅरियर संबंधी कोई खास सितारे हैं ही नहीं। क्योंकि इनका खुद का सारा ध्यान अपनी निजी जिंदगी में रहेगा। लेकिन फरवरी आने तक ये अपनी निजी लाइफ को छोड़ कॅरियर की ओर रुख करेंगे।

धीमी शुरुआत

शुरुआत धीमी रफ्तार से ही होगी, लेकिन मई महीने के बाद कॅरियर में सुधार दिखाई देगा। हो सकता है कि जून के खत्म होने तक कुछ आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़े, लेकिन अगस्त के आरंभ होते ही आप खुद में नई ऊर्जा को महसूस करते हुए तेजी से काम में पकड़ बनाएंगे। और यही तेजी साल के अंत तक कॅरियर अच्छा बनाए रखेगी।

धनु राशि22 नवंबर से 21 दिसंबर के भीतर जन्म लेने वाले जातक धनु राशि से संबंध रखते हैं। साल के शुरुआत में धनु राशि के जातक

22 नवंबर से 21 दिसंबर के भीतर जन्म लेने वाले जातक धनु राशि से संबंध रखते हैं। साल के शुरुआत में धनु राशि के जातक अपने दोस्तों एवं घर-परिवार को काफी समय देने वाले हैं लेकिन साथ ही काम को लेकर भी सीरियस रहेंगे। फरवरी का महीना इनके लिए काफी व्यस्त होने वाला है, काम इतना होगा कि ऑफिस के साथ-साथ घर पर भी करना पड़ेगा।

बेहतरीन साल

मार्च का महीना आपके लिए बीते समय में की गई मेहनत का इनाम लाएगा। हो सकता है कि आपको ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी का खिताब हासिल हो जाए। कॅरियर में ऐसी तरक्की मई के महीने तक चलेगी, जिसके चलते संभव है कि ऑफिस के अन्य कर्मचारी आपके प्रति ईर्ष्या की भावना रखने लगें। लेकिन आप यूं ही मेहनत करते रहें, क्योंकि काम का प्रेशर आने वाले अगस्त माह तक भी खत्म नहीं होगा।

मकर राशि

22 दिसंबर से 19 जनवरी के भीतर जन्म लेने वाले लोग मकर राशि के हैं। यदि आप मकर राशि के जातक हैं तो आपको बता दें कि नया साल आपके कॅरियर के लिए बहुत बड़े अवसर नहीं लाया है। लेकिन यदि आपने ध्यानपूर्वक कार्य किया तो हो सकता है कि आपकी किस्मत के सितारे चमकने लगें।

मार्च का महीना परफेक्ट

आप स्वयं मार्च के महीने में खुद के एक नई ऊर्जा देखेंगे जो आपको ऑफिस के कार्य को लेकर सक्षम बनाएगी। लोग आपके काम की सराहना करेंगे और आपको एक नई पहचान मिलेगी। इस मेहनत का परिणाम आपको मई महीने में जरूर मिलेगा। इसके बाद अगस्त माह तक यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो आपका प्रमोशन होने से कोई नहीं रोक सकता।

कुंभ राशि

धीरे-धीरे कैसे ऊंचाईयों को छू सकते हैं, नए साल में आप लोगों को यही समझाने वाले हैं। यदि आपका जन्म 20 जनवरी से 18 फरवरी के भीतर हुआ है तो आप कुंभ राशि के जातक हैं, और यह नया साल आपके लिए बेहतरीन साबित होने वाला है। फरवरी, मार्च, अप्रैल, तीनों महीन काफी खास होंगे। नए अवसर प्राप्त होंगे, मई महीने के आने तक आपको इन अवसरों के अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

कुछ दिक्कतें उत्पन्न हो सकती हैं

संभावना है कि मई के महीने में काम को लेकर कुछ दिक्कतें उत्पन्न हों लेकिन जुलाई खत्म होते-होते यह परेशानियां भी खत्म हो जाएंगी। अच्छी बात तो यह है कि यदि अक्टूबर के महीने तक आप अपनी जॉब से खुश ना हों, तो यह माह आपके लिए नौकरी बदलने के लिए सर्वश्रेष्ठ साबित होगा।

मीन राशि

19 फरवरी से 20 मार्च के भीतर जन्म लेने वाले जातक मीन राशि के कहलाते हैं। कॅरियर के मामले में साल 2016 आपके लिए ढेर सारे अवसरों से भरा होगा, यदि आप एक-एक करके इन अवसरों को हासिल करने में सफल हुए तो आप आर्थिक रूप से धनवान बन सकते हैं।

भाग्यशाली मार्च

आपके लिए मार्च का महीना भाग्यशाली साबित होगा, इसके बाद जुलाई और सितंबर का महीना बेहतरीन अवसरों से युक्त होगा। लेकिन इस सबके बीच यदि आपको किसी नई जगह से जॉब ऑफर आए तो आप उसे अपना भी सकते हैं, क्योंकि नौकरी बदलने के लिए भी यह समय सही है।

रिश्ता खत्म होने का साफ संकेत देती हैं ऐसी बातें

रिश्ता खत्म होने का साफ संकेत देती हैं ऐसी बातें


प्यार

रिश्ते बनाना आसान है, शायद उन्हें तोड़ना भी आसान ही है लेकिन रिश्ते बनाकर उन्हें हर पल टूटने से बचाना काफी कठिन है। उन सभी के लिए जो उस रिश्ते का हिस्सा हैं, यह एक विशेष कार्य बन जाता है कि किस तरह से रिश्ते को मजबूत बनाया जाए।

रिश्ता

रिश्ता चाहे कोई भी हो, मां-संतान का, पिता और संतान का, भाई-बहन का या पति-पत्नी का... सभी के बीच तकरार तो आती ही है। लेकिन रिश्ते की मजबूती इसी बात में है जब बड़ी से बड़ी चोट लगने पर भी उसके ज़ख्म प्यार के मरहम से भर दिए जाएं। लेकिन तब क्या जब हज़ारों दफा मरहम लगाने पर भी ज़ख्म ना भरे?

रिलेशनशिप

प्रेमी-प्रेमिकाओं के रिश्ते में ऐसी दिक्कत काफी आती है, एक लंबे अरसे से रिलेशनशिप चलाने के बाद एक दौर ऐसा आता है जब छोटी-छोटी बातें एक बड़े झगड़े में तब्दील हो जाती हैं। और चाहकर भी उन्हें सॉल्व करने का रास्ता नहीं मिलता। हल निकालना तो दूर की बात है, कई बार झगड़ा किस बात पर है यह ही पता नहीं लगता।

रिश्ते की कमज़ोरी

इसलिए आज हम यहां आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो एक रिश्ते की कमज़ोरी को दर्शाती हैं। यह बातें बताती हैं कि चाहे आप कितनी ही कोशिश कर लें, यह रिश्ता अपने आखिरी चरम सीमा पर आ गया है और खत्म हो जाने की कगार पर है। यदि आप भी लव रिलेशनशिप में हैं, एवं आगे की स्लाइड्स में बताई जा रही एक-एक बात आपको भी अपने रिश्ते में नज़र आती है तो सावधान हो जाइए। क्योंकि यह बातें आपके रिश्ते के जल्द ही खत्म हो जाने के संकेत देती हैं

जब केवल रूठना मनाना हो

कभी-कभी साथी का रूठ जाना और फिर उसे प्यार से मनाना, यह रिश्ते की खूबसूरती होती है। लेकिन तब क्या जन साथी बार-बार, बिना किसी विशेष कारण के रूठ जाए और बात ना करे? तब भी रिश्ते को बनाए रखने की होड़ में लोग साथी को मनाते हैं, गलती ना होते हुए भी माफी मांगते हैं लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं होता।

रूठने-मनाने का सिलसिला

यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है, दिन में एक या दो बार नहीं बल्कि हर थोड़ी देर बाद उसे मनाना पड़ रहा है तो यह रूठने-मनाने का सिलसिला हमेशा के लिए खत्म कीजिए। क्योंकि इससे आपको कोई लाभ नहीं मिलेगा। आप केवल और केवल अपने आत्म सम्मान की धज्जियां उड़ाएंगे।

केवल समझौता

जब रिश्ते में प्यार के बजाय पल-पल का समझौता होने लगे, तो वह रिश्ता किसी काम का नहीं रहता। उनके हिसाब से आप उठें, उनके हिसाब से सो जाएं, वे कहें तो आप कहीं घूमने का प्लान बनाएं नहीं तो घर बैठे रहें। कुछ भी ऐसा ना करें जिससे वे नाराज़ हों, तो यह कोई रिश्ता नहीं वरन् गुलामी है।

चिक-चिक होने लगे

कुछ समय पहले मैंने सोशल मीडिया पर एक जबर्दस्त मैसेज पढ़ा था, वह कुछ इस प्रकार था – यदि आपका रिलेशनशिप आपको हरदम दर्द दे, आपको रुलाए तो शांति से एक जगह बैठ जाएं और तसल्ली से खुद से पूछें कि आप एक इंसान के साथ रिश्ता निभा रहे हैं या फिर एक प्याज़ के साथ? जो आपको रोज़-रोज़ रुला रहा है।

एक बड़ी चोट

यदि आप भी इस बात से सहमत हैं और अगर आपको भी लग रहा है कि आप एक इंसान को नहीं बल्कि शायद एक प्याज़ को डेट कर रहे हैं तो उसे तुरंत रास्ते से हटा दें। पल-पल मरने से अच्छा एक ही बार में एक बड़ी चोट लगाना होता है, कम से कम कुछ समय के बाद आप उस दर्द से उभर जाएंगे।

भविष्य, जिसकी जिम्मेदारी है सिर्फ आपकी

जब एक रिश्ते को दो लोग आरंभ करते हैं तो उसे सफलतापूर्वक चलाने से लेकर उसे निभाना और उसे भविष्य में एक नाम देना भी दोनों की जिम्मेदारी होती `है। यदि यह काम केवल कोई एक करने लगे तो उस रिश्ते का कोई भविष्य नहीं।

प्लानिंग

घर वालों से बात कैसे करनी है, क्या बात करनी है, शादी कैसे होगी, शादी करने के लिए क्या प्लानिंग हो, यह सभी बातें यदि दोनों की बजाय केवल आप ही सोच रहे हैं तो मान लीजिए कि आगे चलकर दिक्कत होगी। यदि ऐसे इंसान के साथ शादी हो भी गई तो खुशियों के लिए भी आपको अकेले ही संघर्ष करना होगा।

जब रिश्ता बोझ बन जाए

शायद रिश्ते में आ रही यही दरारें रिश्ते को एक बोझ बना देती हैं। कई बार लोग इन समस्याओं का समझदारी से हल निकालकर, रिश्ते को वापस ट्रैक पर लाने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन फायदा क्या? जब तक रिलेशनशिप में दोनों ही खुशियों को पाने की कोशिश ना करें, तब तक रिश्ता कामयाब नहीं होता।

खुद को झूठा दिलासा ना दें

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने साथी से बहुत दिनों बाद मिलने वाली खुशी को भी बड़ी खुशी मान लेते हैं। और भूल जाते हैं कि वह असल खुशी नहीं है। खुद को धोखा ना दें, रिश्ते का असल अहमियत क्या रह गई है उसे पहचानें।

सवाल लेकिन कोई जवाब नहीं

रिश्ते में बार-बार परेशानी आने पर हमारे मन में कई सवाल आते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है, पहले जैसा कुछ क्यों नहीं है? अंत में हम फिर साथी से सीधा सवाल कर भी लेते हैं, क्या परेशानी है? ढंग से बात क्यों नहीं करते? दिक्कत कहां आ रही है?

सवाल लेकिन कोई जवाब नहीं

रिश्ते में बार-बार परेशानी आने पर हमारे मन में कई सवाल आते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है, पहले जैसा कुछ क्यों नहीं है? अंत में हम फिर साथी से सीधा सवाल कर भी लेते हैं, क्या परेशानी है? ढंग से बात क्यों नहीं करते? दिक्कत कहां आ रही है?

सवालों का जवाब ना मिले

लेकिन जब इतने सारे सवालों का जवाब ना मिले तब? ता मान लीजिए कि आपका पार्टनर आपको महत्व नहीं दे रहा। उसको आपके सारे सवाल फिजूल लगते हैं। यदि ऐसा है तो उसे अपना महत्व समझाओ और उसके हाल पर छोड़ दो।

जब बात तुम और मैं पर आ जाए

नए-नए रिश्ते में हम मेरा और तुम्हारा से ‘हमारा’ पर आ जाते हैं। अपनी बातें, चीज़ें और हर भावना बांटते हैं। दो रुह एक जान मानते हैं, लेकिन कुछ समय के बाद सब बदल जाता है।

रिश्ते में प्यार नहीं बचा

जब छोटे-छोटे झगड़ों के बाद बात मेरे-तुम्हारे पर आ जाए तब मान लीजिए कि रिश्ते में प्यार नहीं बचा। यानि अब आप के बीच दरार आ गयी है और आप उसे चाहे जितना पाटें ये बढ़ती ही जायेगी। ऐसे कल के अफसाने  को एक खूबसूरत मोड़ देकर भूलना ही अच्‍छा है।

बस शिकायतें!

बहस, तकरार और शिकायतें... जब रिश्ते में प्यार की बजाय केवल इन तीन चीज़ों पर जोर आने लगे तब समझ जाएं कि रिश्ता खराब हो गया है। झगड़ा किस बात पर हुआ है, उसकी क्या जड़ है और उसे कैसे हल किया जाए... जब इसे छोड़कर केवल एक-दूसरे को शिकायत करन और इल्ज़ाम लगाना एक कमज़ोर रिश्ते की निशानी है।

जन्म से ही मौजूद ऐसे निशान बनाते हैं स्त्री को सौभाग्यशाली

जन्म से ही मौजूद ऐसे निशान बनाते हैं स्त्री को सौभाग्यशाली


सौभाग्यशाली स्त्री

स्त्री को घर की लक्ष्मी कहा जाता है। भारतीय समाज में उसे देवी का दर्जा देकर आदि शक्ति का स्वरूप माना जाता है। प्रकृति ने भी उसे ऐसी नेमत से नवाजा है की उसके बिना संसार की सरंचना ही अधूरी है। जब भी किसी घर में बेटी का जन्म होता है तो यही कहा जाता है कि घर में लक्ष्मी आई है। इसके अलावा विवाह के बाद जब वह ससुराल आती है तो वहां भी उसके पहले कदम को लक्ष्मी का आगमन ही माना जाता है।

सामुद्रिक शास्त्र

स्त्री अपने साथ घर में सौभाग्य लेकर आती है। यूं तो हर बेटी या हर स्त्री, अपने ससुराल और अपने माता-पिता के लिए लकी ही होती है लेकिन सामुद्रिक शास्त्र के अंतर्गत सौभाग्यशाली महिलाओं की कुछ विशेषताओं का भी उललेख किया गया है। आप भी जानें महिलाओं की वो ख़ासियतें जो उन्हें अपने प्रेमी, पति और पूरे परिवार के लिए लकी बनाती हैं…….

पैरों के तलवे

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार ऐसी महिलाएं जिनके पैरों के तलवों के नीचे त्रिकोण का निशान हो, ऐसी महिलाएं बुद्धिमान और सूझ-बूझ वाली होती हैं। वे अपनी समझ और ज्ञान से अपने परिवार की हर संभव सहायता करती हैं और सभी को खुशहाल रखती है।

नाभि

अगर किसी महिला की नाभि के आसपास या ठीक नीचे मस्सा या तिल होता है तो वे अपने परिवार के लिए बहुत लकी साबित होती हैं। यहा उसके सुखी और सम्पन्न जीवन का भी संकेत होता है।

पैर का अंगूठा

जिस महिला के पैर का अंगूठा ज्यादा लंबा होता है उसे अपने जीवन में बार-बार परेशानी उठानी पड़ती है, लेकिन जिस महिला का अंगूठा चौड़ा, गोल और लालिमा लिए होता है वह स्त्री बेहद भाग्यशाली होती है।

ईश्वर की कृपा

जिन महिलाओं के पैरों के तलवे सर्पाकार होते हैं उनकी क़िस्मत हमेशा उनके साथ रहती है। उन्हें जीवन में बहुत ही कम मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। ऐसी महिलाओं पर ईश्वर की कृपा हमेशा बनी रहती है।

तलवों पर शंख

महिलाओं के पैरों के तलवों पर शंख, कमल या चक्र बना हो तो वह महिला क़िस्मत की धनी होती है। या तो वे स्वयं या फिर उनके पति किसी बड़े ओहदे पर विराजमान होते हैं।

नाक के पास मस्सा

महिला की नाक के अगले हिस्से पर तिल या मस्सा होना स्वयं ये बताता है कि किस्मत उस पर कितनी मेहरबान है।

गहरी नाभि

ऐसी स्त्रियां जिनकी नाभि गहरी तो होती है लेकिन अंदर की ओर से उठी हुई नहीं होती, वे अपने जीवन में सिर्फ और सिर्फ सुख ही भोगती हैं।

कोमल जीभ

लाल और कोमल जीभ वाली स्त्रियाँ जीवन में खुद भी सुख भोगती हैं और अपने परिवार को भी सिर्फ सुख ही देती हैं।

हिरणी जैसी आँखें

हिरणी की तरह आँखों वाली स्त्रियों के जीवन में प्रेम और सुख हमेशा बना रहता है। इसके अलावा जिन महिलाओं की आँखों के सफेद भाग के अंत में लाल रंग दिखाई देता है वे अपने परिवार के लिए बहुत लकी होती हैं।

गुलाबी पांव

ऐसी महिलाएं जिनके पैर बहुत सॉफ्ट, रंग में गुलाबी और पूरी तरह विकसित होते हैं, अपने पति या प्रेमी को बेहद खुश रखती हैं, शारीरिक सम्बन्धों में उनकी रुचि कुछ इस कदर होती है कि उनका साथी उनसे हमेशा नजदीकी बनाए रखता है।

समान लंबाई की अंगुलियां

जिस महिला के पांव की हर अंगुली समान लंबाई की होती है वह महिला अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ खुशियां ही हासिल करती है और अपने परिवार को भी हमेशा खुशहाल रखती है।

शरीर पर तिल

जिस महिला की देह के बाएं हिस्से पर ज्यादा तिल या मस्से होते हैं, सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार वे महिलाएं अपने परिवार के लिए लकी साबित होती है।

माथे पर तिल

जिस महिला के माथे के बीचोबीच तिल होता है उसका विवाह अत्याधिक धनी और सम्पन्न व्यक्ति से होता है।

धूल उड़ना

महिला जब चलती है, अगर उसके कदमों से लगातार धूल उड़ती है तो ऐसी महिला अपने परिवार के लिए शर्मिंदगी का कारण बनती है।

बाएं गाल पर तिल

जिस महिला के बाएं गाल पर तिल होता है वह महिला खाने की बहुत शौकीन होती है और हर तरह के व्यंजन का लुत्फ उठाती है। वह बहुत अच्छी कुक भी होती है जिसकी वजह से उसका परिवार उससे खुश रहता है।

चमकते नाखून

गुलाबी रंग के चमकते नाखून वाली लड़कियां अच्छी सेहत और अच्छे चरित्र वाली होती हैं।

दुर्भाग्यशाली

जिस महिला के पांव की मध्यमा अंगुली अपेक्षाकृत बढ़ी होती है वह बहुत दुर्भाग्यशाली होती हैं, ऐसी महिला से विवाह करने से पहले बहुत बार सोचना चाहिए।

गोल एड़ी

जिस महिला के पांव की एड़ी गोलाकार और कोमल होती है वह आजीवन सूख-सुविधाओं का आनंद उठाती है और उसका परिवार भी प्रसन्न रहता है।

दांत

लंबे दांतों वाली महिलाओं को कभी भी धन से जुड़ी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता

अंगुलियों का जुड़ना

जिस महिला के पैरों की अंगुलियां एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं, ऐसी महिलाएं धनी और कोमल स्वभाव की होती हैं।

अरेंज्ड मैरेज़

अगर आप अरेंज्ड मैरेज़ करने का खयाल कर रहे हैं तो अब जब अगली बार आप कोई लड़की देखने जाएँ तो उपरोक्त बातों पर भी ध्यान दे ही दीजिएगा। क्या पता आपकी होने वाली पत्नी आपके लिए भी लकी साबित हो जाए