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मंगलवार, 8 दिसंबर 2015

Easy Child Care Tips

  • Easy Child Care Tips 

  • सुबह स्कूल के लिए तैयार करने से करीब एक घंटे पहले उन्हें नींद से जगा देवें और 1-2 गिलास जल पिलावे और थोड़ी देर घर में या बाहर चक्कर  के लिए कहें, इससे शौच खुलकर आएगा तथा पेट साफ़ रहने से कब्ज नहीं होगी, और पेट सम्बन्धी बीमारी दूर रहेगी.
  • बच्चों में ऐसी आदत डालें की वो सुबह सुबह स्कूल जाने से पूर्व ही शौच स्नान आदि कर लेवें.
  • सुबह तथा रात को सोने के पहले बच्चों को टूथ ब्रश अवश्य करावें, डेंटल रोग की जानकारी प्राप्त करें.
  • सर्दियों में बिलकुल गर्म पानी से न नहलाकर, गुनगुने पानी का प्रयोग करें.
  • नाश्ते में हैवी डाइट न देकर लाइट नाश्ता जैसे पोहा, कॉर्न फ्लेक्स, सूजी, गाय का दुध, दुध दलिया आदि दे सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे हर रोज एक जैसा नाश्ता न देकर अलग -2 फ्रेश चीजें उपयोग में लेवें.
  • अत्यधिक तली भुनी मसालों वाले खाने का उपयोग अधिक न करें.
  • बाजार में मिलने वाले चिप्स, नमकीन, मैदा वाली वस्तुएं न खाने दें.
  • भोजन को खूब चबाचबा कर खाने के लिए कहें, और खाने के समय और एक ढेढ़ घंटे बाद तक पानी न पिलायें, लेकिन खाने के आधे घंटे पहले एक गिलास पानी अवश्य पिलायें. अन्य समय इच्छानुसार खूब पानी पीने के लिए देवें.
  • दोपहर के खाने में दाल, हरी सब्जी, सलाद, चावल, दही, रोटी आदि खिलाएं. फिर 3-4 घंटे बाद फल फ्रूट्स आदि भी खिलाएं. ध्यान रहे सलाद या फल फ्रूट्स भलीभांति पानी से धोकर साफ़ किये गए हों.
  • घर में बने किसी भी प्रकार के पानी भूमिगत की टंकी और छत की टैंक की सफाई हर 2-3 महीने में अवश्य करें और सुनिश्चित की पानी टंकी का ढक्कन आदि सही ढंग से लगा है, जिससे धुल मिटटी या और कोई गन्दगी उसमे जमा न हों.
  • पीने का पानी भलीभांति छानकर तथा उबालकर प्रयोग करें या बाज़ार में मिलने वाले purifier को लगवाएं.
  • कच्चा दुध कभी भी प्रयोग में न लेवें, दुध हमेशा छानकर तथा पूरी तरह से उबाल कर ही उपयोग में लेवें.
  • बच्चे को किसी भी प्रकार की समस्या या बीमारी में अपनी मर्जी से या केवल केमेस्ट से पुछकर दवाई लाकर न देवें, इसके स्थान पर अनुभवी डॉक्टर की सलाह लेवें और उचित ट्रीटमेंट करवाएं.
  • बच्चे के पैदा होते ही डॉक्टर्स के अनुसार सभी आवश्यक टीकें (Vaccine) अवश्य लगवा देवें.
  • बच्चे को सॉफ्ट गेम्स के बजाय ऐसे खेल खेलने के लिए प्रेरित करें जिससे पसीना बहे और शारीरिक व्यायाम हो.
  • बच्चों में बार बार हाथ धोने की आदत डालें, जिससे किसी भी प्रकार के हानिकारक बेक्टीरिया उसके शरीर में नहीं जा पावें.
  • सुबह में शौच आदि से निवृत होने के बाद कुछ समय योगासन, प्राणायाम आदि करवाएं या किसी योग्य व्यक्ति के पास बच्चों को लेजाकर सिखाएं.

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