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सोमवार, 7 दिसंबर 2015

इंडोनेशिया के एक गांव में लोग सिर्फ इशारों में ही करते हैं बात

इंडोनेशिया के एक गांव में लोग सिर्फ इशारों में ही करते हैं बात

इंडोनेशिया में एक गांव हैं बेंगकला। इस गांव के लोग पिछली सात पीढ़ियों से मुंह से बोलने की बजाए हाथों के इशारों से ही बातें करते हैं। इस गांव के लोगों को डीफ विलेज के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही हैरान करने वाली बात ये भी है कि गांव के रहने वाले ही नहीं, बल्कि यहा कं कई ऑफिस में भी इसी तरह से - 
इंडोनेशिया में एक गांव हैं बेंगकला। इस गांव के लोग पिछली सात पीढ़ियों से मुंह से बोलने की बजाए हाथों के इशारों से ही बातें करते हैं। इस गांव के लोगों को डीफ विलेज के नाम से भी जाना जाता है।
साथ ही हैरान करने वाली बात ये भी है कि गांव के रहने वाले ही नहीं, बल्कि यहा कं कई ऑफिस में भी इसी तरह से हाथों के इशारों से ही कार्य चलता है। बाहरी लोग यहां कम ही आते हैं। इसलिए स्थानीय लोग ही यहा की सारी व्यवस्था संभालते हैं।
बताया जाता है कि इस सांकेतिक भाषा को काटा कोलोक कहा जाता है। यह सांकेतिक भाषा सैकड़ों साल पुरानी है। इस गांव के अधिकतर लोग बोलने और सुनने में सझम नही हैं और ये समस्या यहां सामान्य से पंद्रह गुना ज्यादा है। यहां के बच्चे जन्म से ही सुनने और बोलने की बीमारी से ग्रस्त होते हैं। यहां कि भौगोलिक स्थिति को इसका कारण बताया गया है।

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