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गुरुवार, 10 दिसंबर 2015

क्या संकेत लाती है शादी के दिन होने वाली बारिश, जानें कुछ अनजाने तथ्य

क्या संकेत लाती है शादी के दिन होने वाली बारिश, जानें कुछ अनजाने तथ्य


दरअसल विभिन्न मान्यताओं में शादी के दिन बारिश हो जाने जैसी बात से कई सारे विश्वास एवं अंधविश्वास जुड़े हैं। कोई कहता है यह गुड लक है तो कोई भगवान से यह मिन्नतें करता है कि काश मेरी शादी के दिन बारिश ना हो, क्योंकि यह एक बुरा प्रभाव माना जाता है।

लेकिन सामान्य नज़रिये से देखें तो शादी एक ऐसा दिन है जब कोई भी वर या वधु किसी भी प्रकार की अड़चन को पसंद नहीं करता। लेकिन जब बात बारिश जैसी प्राकृतिक घटना की हो, तो यह किसी के वश में नहीं।

कुछ संस्कृतियों का मानना है कि वर्षा जिस प्रकार से वातावरण को स्वच्छ करने का काम करती है, उसी प्रकार से यह शादी के दिन को भी अच्छा बनाती है। बारिश आने से सभी जगह खुशहाली बंटती है और इसीलिए किसी की शादी के दिन यदि वर्षा हो जाए तो यह एक शुभ प्रतीक माना जाता है।

शादी के दिन वर्षा होने को वर-वधु के आने वाले दाम्पत्य जीवन से भी जोड़ा जाता है। यह वर्षा उनके वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाती है और साथ ही संतान योग भी सुखमय बनाती है।

कई लोगों ने यह दावा किया है कि उनकी शादी के दिन वर्षा होने से उन्हें जल्द से जल्द संतान का सुख प्राप्त हुआ है। दरअसल एक मान्यतानुसार शादी के दिन वर्षा होने जैसी स्थिति को ‘प्रजनन’ से जोड़ा जाता है।

जिस वर-वधु की शादी के दिन वर्षा हो जाए, इसका अर्थ है कि उन्हें संतान का सुख जल्द से जल्द प्राप्त होगा। इसके अलावा वर्षा को सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है।

हिन्दू संस्कृति में शादी के दिन होने वाली वर्षा को ‘रिश्तों की मजबूती’ से भी जोड़ा जाता है। कहते हैं शादी के दिन वर्षा का पानी जब वर-वधु को एक साथ बांधने वाली ‘कन्यादान की गांठ’ पर पड़ता है तो वह उसे मजबूत बना देता है।

कपड़े पर पड़ने वाला पानी उस गांठ को पक्का कर देता है और यही गांठ दोनों के रिश्ते की गहरी मजबूती को दर्शाती है। इससे यह साबित होता है कि उनका आने वाला दाम्पत्य जीवन अटूट है।

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