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मंगलवार, 26 मई 2015

पानी से भरी बाल्टी कुएं में हल्की और बाहर भरी क्यों हो जाती है ?


पानी से भरी बाल्टी कुएं में हल्की और बाहर भरी क्यों हो जाती है ?

वास्तविकता तो यह है कि पानी से बाल्टी का भार हवा में और पानी में बराबर ही होता है। लेकिन फिर भी वह हवा में भारी और पानी के अंदर हल्की लगती है। आर्कमिडीज का सिद्धांत कहता है कि जब कोई भी वस्तु किसी द्रव में पूरी तरह या आंशिक रूप से डुबोई जाती है तो उसके भार में कुछ कमी आ जाती है यह कमी बराबर होती है उस वस्तु के द्वारा हटाये गए द्रव के भार के। 
इसलिए जब बाल्टी पानी में डुबी होती है तो बाल्टी द्वारा हटाये गए आयतन के भार के बराबर उसके भार मे कमी महसूस होती है, लेकिन जब बाल्टी पानी से बाहर हवा में होती है ,जो उसके नीचे की ओर खींचने लगता है इसके परिणामस्वरूप पानी से भरी बाल्टी कुएं के पानी से बाहर आने पर भारी लगने लगती है। अतः हम कह सकते हैं कि द्रवों के उछाल बल के कारण बाल्टी हल्की और पृथ्वी के गुरुत्व बल के कारण बाल्टी अधिक भारी लगता है।


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