Adsense responsive

मंगलवार, 26 मई 2015

धीरे से दूध गिराएं, तो वह गिलास पर बाहर की ओर चिपककर क्यों चलने लगता है ?

धीरे से दूध गिराएं, तो वह गिलास पर बाहर की ओर 

चिपककर क्यों चलने लगता है ?

गिलास पतली चादर या शीट के बने होते हैं। इसलिए गिलास के किनारे बहुत पतली दीवार के होते हैं। अतः पतली दीवार के संपर्क में आई तरल पदार्थ की परत किनारे से दूर की परत की अपेक्षा जल्दी गोलाकार मुड़ जाती है। इससे तरल की भीतरी परत पर दबाव कम हो जाता है। बाहर की परत पर वायुमंडलीय दबाव कार्य कर रहा होता है, यह तरल की धारा को दीवार की ओर दबाता  है, जिससे तरल दूध गिलास की बाहरी सतह पर बहने लगता है.ऐसा केवल दूध के ही साथ नहीं होता;बल्कि यह क्रिया किसी भी तरल के साथ हो सकती है। 
यहाँ  यह बात याद रखने की है कि यदि हम गिलास से जल्दी और बड़ी तेज़ी के साथ दूध गिराएं, तो दोनों परतों के दबाव में शायद ही कोई अंतर होता है। इसलिए दूध एक समूची धार के रूप में गिलास से बाहर निकलने लगता है, अतः इस स्थिति में गिलास की बाहरी परत पर दूध चिपककर नहीं चल पाता।










घरेलु उपचार सम्बंधित देशी नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें 















कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें