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मंगलवार, 26 मई 2015

दलदल जानलेवा क्यों होते हैं ?


दलदल जानलेवा क्यों होते हैं ?

दलदल में फंसे जाने पर उससे निकल पाना प्रायः आसान  नहीं होता। इसमें फंसे लोग अक्सर इसमें धँसकर डूब जाते  हैं और मर जाते हैं। दलदल उन स्तनों में बनते हैं जन्हा की मिट्टी चिकनी और रेतीली होती हैं। जब इन स्थानों पर पानी जमा हो जाता है और निकल नहीं पाता तो वहां कीचड़ बनाने लगता है। चिकनी मिट्टी पानी को नीचे जमीन में भी नहीं जाने देती और नीची जमीन के कारण वर्षा आदि का पानी आकर जमा हो जाता है परन्तु निकल नहीं पाता। अब धीरे - धीरे पानी और मिट्टी मिलकर लपसी की तरह गहरे कीचड़ में बदल जाते हैं। देखने पर यह सूखी भूमि की तरह लगते हैं लेकिन वास्तव में गहरे कीचड़ होते हैं। इसमें जो भी वस्तु या प्राणी किसी तरह आ जाते हैं वे ढीली कीचड़ में धंसने लगते हैं और बाहर निकलने के लिए जितने हाथ - पैर चलाते हैं, उतने ही इसमें धँसकर डूबते जाते हैं। 
पानी के स्त्रोतों, नदियों के किनारों तथा समुद्र - तटों के आस - पास की भूमियों में लहरों का पानी आकर भर तो जाता है लेकिन वापस नहीं जा पाता। यदि वहां के मिट्टी चिकनी हो और उसमें रेत की मात्रा अधिक हो, जो प्रायः समुद्र तथा नदियों आदि के किनारे होती है , तो पानी और मिट्टी के सड़ते रहने से कालांतर में ये स्थान दलदल बन जाते हैं। अतः ऐसे स्थानों पर सावधानीपूर्वक जाना चाहिए,अन्यथा दलदल में फंसकर जानलेवा विपत्ति की चपेट में आ सकते हैं।


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