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बुधवार, 8 अप्रैल 2015

रंग बदलते पहाड़

कुछ पहाड़ रंग क्यों बदलते हैं ?

               किसी पहाड़ के रंग बदलने की बात विचित्र लगती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में एक पहाड़ है जो सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रंग बदलता है। यह पहाड़ उत्तरी क्षेत्र के आयर्स रॉक पर स्थित है। वैसे तो 335 मीटर ऊंचे, 7 किलोमीटर घेरे वाले और 2.4 किलोमीटर चोडे इस पहाड़ का रंग लाल रहता है, लेकिन सूर्योदय के समय यह जैसे आग उगलने लगता है और इसमें बैंगनी और गहरे लाल रंग की लपटें निकलने लगती है। कभी यह लाल होता है, कभी पीला और कभी नारंगी। इस चट्टान के रंग बदलने का कारण इसकी संरचना है। असल में यह पहाड़ी बलुआ पत्थर से बनी है और सुबह व शाम को सूर्य की किरणों में लाल और नारंगी रंग अधिक मात्रा में होते हैं। इसी कारण यह पहाड़ी इस रंग की दिखती है। दोपहर के समय अन्य रंग भी किरणों के साथ आते हैं और बलुआ पत्थरों की विशेष संरचना के कारण  पहाड़ी में ये रंग भी दिखने लगते हैं। इस पहाड़ी के रंग बदलने के कारण ही प्राचीन काल में यहाँ रहने वाले लोग इसे भगवान का घर मानकर इसकी पूजा किया करते थे। आयर्स रॉक की खोज 1873 में ' डब्लयू जी गोसे ' नामक अंग्रेज यात्री ने की थी और इसका नामकरण दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री हेनरी आयर्स के नाम पर आयर्स रॉक कर दिया गया था।

























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