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रविवार, 1 मार्च 2015

कुत्ते के सूंघने की क्षमता अधिक क्यों होती है ?

कुत्ते के सूंघने की क्षमता अधिक क्यों होती है ?


कुत्ता एक ऐसा प्राणी है, जिसकी दृष्टि काफी कमजोर होती है। वह थोड़ी दूर की ही चीजें साफ देख पता है और उसे भूरा रंग तथा इसकी शेड यानि छाया ही स्पष्ट दिखाई देती है । अपनी इस कमी को वह अपनी तेज घ्राण सूंघने की शक्ति से पूरा करता है । कुत्ते को एक बार कोई चीज सूंघने को दे दी जाए, तो उस गंध को वह आसानी से पहचान लेता है । यही कारण  हैं की कुत्तो को विशेष प्रशिक्षण देकर उनका उपयोग विष्फोटक और नशीले पदार्थ पकड़ने  अपराधियो की तलाश के लिए किया जाता है । कुत्तो की नाक के दोनों छेदो में एक क्षेत्र ऐसा होता है, जहां लाखों की संख्या में विशेष तरह की गंध संवेदनशील कोशिकाए होती है । इन कोशिकाओ को कीमोरिसेप्टर कहते हैं । इनकी संरचना बालों जैसी होती है और  ये बाल  हमेशा म्यूकस नामक तरल पदार्थ से गीले रहते हैं । ये नाड़ियो के जरिये मस्तिक से जुड़ी होती हैं । मस्तिक के इस भाग को आल्फैक्टरी बल्ब कहते हैं । यह भाग जितना बड़ा होता है,घ्राण शक्ति भी उतनी ही अधिक होती हैं । मनुष्य की अपेक्षा कुत्ते का आल्फैक्टरी बल्ब कई गुना बड़ा होता है और इस कारण उसकी सूंघने की क्षमता भी काफी अधिक होती हैं ।











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