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रविवार, 22 फ़रवरी 2015

पूजा या कोई धार्मिक अनुष्ठान करते वक्त आसन के प्रयोग के पीछे क्या कारण है

पूजा या कोई धार्मिक अनुष्ठान करते वक्त आसन का प्रयोग क्यों करना चाहिए 


पूजा-पाठ व धार्मिक अनुष्ठान करने से व्यक्ति के भीतर एक विशेष प्रकार के आध्यात्मिक शक्ति-पुंज का संचय होता है। यह शक्ति-संचय ‘लीक’ होकर पृथ्वी में न चला जाए अर्थात् अर्थ (म्ंतजी) न हो जाए इसलिए आसन इसके बीच विघुत कुचालक का काम करता है। इसी शक्ति संचय के कारण इष्टबली व्यक्ति के चेहरे पर तेज एवं विशेष प्रकार की चमक प्रत्यक्ष देखी जाती है। यह कारण है कि भारतीय ऋषि मृग-चर्म, गोबर का चैका एवं लकड़ी का खड़ाऊं का प्रयोग किया करते थे।


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