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मंगलवार, 10 फ़रवरी 2015

पीपल की पवित्रता का वैज्ञानिक कारण क्या है?


पीपल की पवित्रता का वैज्ञानिक कारण क्या है? 

वैज्ञानिक अनुसंधानों से पता चला है कि पीपल ही एकमात्र वृक्ष है जो रात-दिन प्रचुर मात्रा में जीवनोपयोगी आॅक्सीजन का विसर्जन करता है। इसकी छाया सर्दी में उष्णता प्रदान करती है तथा गर्मी में शीतलता देती है। विष्णु को जगत् का पालक कहा है। पीपल प्राणवायु प्रदाता है अतः स्वतः ही जगत् का पालक सिद्ध है। निरंतर अनुसंधानों द्वारा यह भी सिद्व हुआ है कि पीपल के पत्तों से संस्पृष्ट वायु के प्रवाह व ध्वनि से बीमारी के संक्रामक कीटाणु धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं। वैद्यक ग्रंथों के अनुसार इसके पत्ते, फल, छाल, सभी रोग-नाशक हैं। रक्त-विकार, कफ, पित्त, दाह वमन, शोथ, अरूचि, विष-दोष, खांसी, विषम-ज्वर, हिचकी, उरःक्षत, नासारोग, विसर्प, कृमि, कुष्ठ, त्वचा, वर्ण, अग्निदग्धवर्ण, बागी आदि अनेक रोगों में इसका उपयोग होता है।











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