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रविवार, 22 फ़रवरी 2015

पूजा-पाठ, प्रत्येक कार्य पूर्वाभिमुख होकर क्यों करने चाहिए ?

हिन्दू लोग पूजा-पाठ, प्रत्येक कार्य पूर्वाभिमुख होकर क्यों करते हैं? 


हिन्दू लोग सूर्य को प्रधान देवता के रूप में पूजते हैं। सूर्य पूर्व में उदित होता है। प्रातः में सूर्य को अघ्र्य दिया जाता है जो कि पूर्वाभिमुख होकर ही दिया जा सकता है। वेदों में भी प्रत्येक कार्य एवं सस्कारों में पूर्वाभिमुख होकर बैठने के आदेश मिलते हैं।

इसके पीछे  वैज्ञानिक कारण क्या है ?  

प्रसिद्ध लोकोक्ति है कि उदित होते हुए सूर्य को सारी दुनिया नमस्कार करती है क्योंकि उसमें आगे बढ़ने का, उन्नति का, ऊंचा उठने का संदेश छिपा होता है। ब्रह्ममुहूर्त से लकर मध्याह्म तक सूर्य का आकर्षण सामने रहने से मानवपिण्ड के ज्ञानतन्तु अधिक-से-अधिक स्फूर्ति सम्पन्न रहेंगे। जिससे देवी गुणों के विकास के कारण हमारे धार्मिक अनुष्ठान भी प्रभावशाली सिद्ध होंते हैं।









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