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मंगलवार, 10 फ़रवरी 2015

सुबह उठने के बाद हाथ के दर्शन क्यों करने चाहिए ?

प्रातःकाल कर (हाथ) दर्शन क्यों करना चाहिए? 

प्रातःकाल उठते ही भगवतस्मरण करते हुए कर अर्थात् हाथ का दर्शन का शास्त्रीय विधान है।
करागे्र वसति लक्ष्मीः, करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्द, प्रभाते करदर्शनम्।।
हाथ के अग्र भाग में लक्ष्मी का निवास है, हाथ के मध्य भाग में सरस्वती रहती हैं और हाथ के मूलभाग में गोविन्द भगवान रहते है।, इसलिए प्रातःकाल हाथ का दर्शन करना चाहिए। मानव-जीवन की सफलता के लिए तीन वस्तुएं आवश्यक हैं- धन,ज्ञान और ईश्वर। ये तीनों वस्तुएं प्राप्त करना मनुष्य के हाथ में है। यही भाव कर-दर्शन में सन्निहित है।

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