Adsense responsive

मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

सपनों के बारे में कुछ खास बातें

Some special things about dreams


आमतौर पर सपने सभी को आते हैं। वो चाहे बच्चा हो या वृद्ध। सपने आना एक स्वभाविक प्रक्रिया है, लेकिन हमारे समाज में सपनों को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। ऐसा माना जाता है कि सपने हमें भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में सूचित करते हैं।


कुछ सपनों का फल शुभ माना जाता है तो कुछ का अशुभ। स्वप्न ज्योतिष के अनुसार सपने चार प्रकार के होते हैं- पहला दैविक, दूसरा शुभ, तीसरा अशुभ और चौथा मिश्रित। ये सभी भविष्य में होने वाली अच्छी-बुरी घटनाओं के बारे में हमें बताते हैं। कुछ सपने जल्दी सच हो जाते हैं तो कुछ देर से।
जानिए सपनों के बारे में कुछ खास बातें-

1. दैविक व शुभ सपने कार्य सिद्धि यानी काम में सफलता मिलने की सूचना देते हैं।

2. अशुभ सपने कार्य नहीं होने की सूचना देते हैं और मिश्रित स्वप्न मिश्रित फलदायक होते हैं।

3. स्वप्न ज्योतिष के अनुसार रात के पहले पहर में देखे गए सपने का फल एक साल के अंदर मिलता है। दूसरे पहर में देखे गए सपने का फल छ: महीने में मिलता है।


4. तीसरे पहर में देखे गए सपने का फल तीन महीने में मिलता है और चौथे पहर यानी सुबह देखे गए सपने का फल तुरंत मिलता है।

5. बुरा सपना देखकर यदि रात में ही किसी को बता दें तो उस सपने का फल नष्ट हो जाता है अथवा सुबह उठकर भगवान शंकर को नमस्कार कर उसके बाद तुलसी के पौधे को जल चढाएं तो भी उस बुरे सपने का फल नष्ट हो जाता है।


6. रात को सोने से पहले भगवान विष्णु, शंकर, महर्षि अगस्त्य और कपिल मुनि का स्मरण करने से बुरे सपने नहीं आते।

सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



रविवार, 23 अप्रैल 2017

Astrology and Vaastu remedies for studying in children



ज्योतिष और वास्‍तु दोनों कहते हैं कि बच्चों का कमरा उत्तर तथा पूर्व की ओर होना चाहिए। हमें अपने बच्चों को उनकी किताबें रखने की जगह, किताबों को सलीके से रखना, पढ़ने की टेबल पर कायदे से रखे होना, कमरे का वातावरण आपको एक ताजगी दे, इसके लिए उसके रंगों का सही चयन हो इस पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।




बच्चों के कमरे के लिए हल्के गुलाबी, पीले रंगों का प्रयोग करें या फिर सफेद रंग, उत्तर की दीवार पर हल्का पीला रंग, पूर्व की दीवार पर हल्का गुलाबी रंग पश्चिम की दीवार पर हल्का आसमानी रंग तथा दक्षिण की दीवार पर सफेद रंग का प्रयोग करें।




कमरे में ऐसे चित्र ही लगायें जो बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दें जैसे पूर्व की तरफ सूर्य देव तथा माता सरस्वती का चित्र लगाएं या वेदमाता, गायत्री का चित्र भी लगा सकते हैं। उत्तर की तरफ ब्रह्मदेव का चित्र लगायें, यह चित्र ज्ञान तथा शिक्षा को सरलता से ग्रहण करने में लाभ देगा।




पढ़ते समय बच्चों का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए क्योंकि संसार में समस्त प्रकार के अंधकार को दूर करना, अथवा ज्ञान की दृष्टि से सही दिशा में प्रेरणा पाने की ऊर्जा सूर्य देव से ही प्राप्त होती है।




पढ़ने वाले कमरे में इस बात का भी ध्यान रखें कि उस कमरे में प्रकाश की व्यवस्था कैसी है। रोशनी ऐसी न हो जो आंखों को चुभे, मुख्य रूप से बच्चों को पूर्व दिशा में देख कर ही पढ़ाई करनी चाहिए। कभी भी दरवाजे की तरफ पीठ करके ना पढ़ें।




अगर अधिक बच्चे एक साथ पढ़ते हों तो उस कमरे में सामूहिक रूप से पढ़ते हुए बच्चों का चित्र भी लगा सकते हैं। सुबह उठते ही बच्चों को सूर्य अघर्य और 10 बार गायत्री जप का नियम सिखायें। माता-पिता के चरण छूकर ही विद्यालय जायें, इस बात की आदत डालें। बच्चों को दूध में शहद का प्रयोग करके पिला कर ही स्कूल के लिए भेजें, चाहें तो मीठा गेहूं का दलिया खिलाकर भेजें।

सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शनिवार, 22 अप्रैल 2017

Rochak jankari,5 Common things that will make you special

Rochak jankari

पांच ऐसी बातें जिनको जीवन में उतारने से आपकी किस्मत के ताले खुल जाएंगे और सम्पन्नता आपके घर में रच बस जाएगी-

घर में ज्यादा जोर से नहीं बोलें
यदि किसी व्यक्ति की आदत जोर-जोर से बोलने की है तो उसे शनि के दोष का सामना करना पड़ता है। शनि ऐसे लोग से नाराज हो जाते हैं जो जोर-जोर से, चीख-चीखकर बात करते हैं। ऐसा करने पर अन्य लोगों को भी परेशानी होती है। बातचीत शांत होकर ही करनी चाहिए। साथ ही, व्यर्थ की बातों से बचना चाहिए।




इधर-उधर थूकना करें बंद--
अगर आपको इधर-उधर थूकने की आदत है तो यह आपके लिए अशुभ फल दे सकती है। शास्त्रों के अनुसार इस आदत से यश, मान-सम्मान खत्म होता है। ऐसे लोगों को यदि मान-सम्मान मिल भी जाता है तो वह अधिक समय तक टिकता नहीं है। महालक्ष्मी की कृपा नहीं मिल पाती है। इसीलिए इधर-उधर थूकने से बचना चाहिए, इस काम के लिए निर्धारित स्थान का ही उपायोग करना चाहिए।




स्नान के बाद कभी बाथरूम गंदा नहीं छोड़ें
चंद्र ग्रह सफाई का प्रतीक है। यदि कोई व्यक्ति नहाने के बाद बाथरूम की सफाई नहीं करता है, उसे गंदा ही छोड़ देता है तो चंद्र ग्रह से अशुभ फल प्राप्त होते हैं। जल तत्व को चंद्र प्रभावित करता है। इसीलिए नहाने के बाद बाथरूम को गंदा नहीं छोड़ना चाहिए। गंदगी को और फर्श पर फैले पानी को भी निकाल देना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार इस बात का ध्यान रखने पर शरीर का तेज बढ़ता है और चंद्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त होते हैं।




थाली में जूठन नहीं छोडें
लक्ष्मीं को प्रसन्न करने का यह सबसे शॉर्टकट रास्ता है। खाना खाने के बाद जूठी थाली छोड़कर उठ जाना अच्छी आदत नहीं है। इस आदत के कारण कार्यों में स्थाई सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है। अधिक मेहनत करने के बाद भी संतोषजनक फल प्राप्त नहीं हो पाते हैं। खाना खाने के बाद जूठे बर्तनों को सही स्थान पर रखा जाए तो शनि और चंद्र के दोष दूर होते हैं। साथ ही, लक्ष्मी की प्रसन्नता भी मिलती हैं।




जूते-चप्पल ना हो अस्त -व्यस्त
यदि आप घर में आते ही जूते-चप्पल इधर-उधर फेंक देते हैं तो अपनी आदत सुधार लें। शास्त्रों के अनुसार, घर में अव्यवस्थित ढंग से रखे हुए जूते-चप्पलों से शत्रु भय बढ़ता है। इस आदत से मान-सम्मान में भी कमी आती है।

सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

सात दिन के सात उपाय

सात दिन के सात उपाय

सोमवार का उपाय – ये चंद्र का दिन है और चंद्रदेव संपति के दाता हैं। इस दिन किसी गरीब को उसकी पत्नी सहित भोजन कराएं। भोजन में शुद्ध घी से बना पकवान अवश्य रखें। साथ ही, महालक्ष्मी की पूजा करें।


मंगलवार का उपाय – मंगलदेव इस वार के अधिपति हैं और वे बीमारियों को दूर करते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए मंगलवार को महाकाली की पूजा करें। साथ ही, किसी गरीब को भोजन कराएं। भोजन में उड़द, मूंग या तुवर की दाल जरूर रखें।

बुधवार का उपाय – इस वार के कारक बुध देव बुद्धि के देवता हैं। बुधवार को भगवान विष्णु को दूध से बने पकवान का भोग लगाएं। विष्णु की पूजा से बुध प्रसन्न होते हैं।


गुरुवार का उपाय – गुरुवार के स्वामी हैं बृहस्पति और वे आयु बढ़ाते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए गुरुवार को वस्त्र, यज्ञोपवीत और खीर से इष्टदेव की पूजा करें।

शुक्रवार का उपाय – सुख-सुविधा की चीज़ों के कारक देवता हैं शुक्र। इन्हें प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को किसी गरीब महिला को सुहाग का सामान और अन्न दान करें।


शनिवार का उपाय – शनिवार के कारक देव शनि हैं और वे मृत्यु भय दूर करते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए शनिवार को शिवलिंग पर तिल चढ़ाएं। किसी गरीब को तिल से बना भोजन कराएं।

रविवार का उपाय – रविवार के अधिपति देव सूर्य अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए रोज़ सूर्य को जल चढ़ाएं। ये उपाय रविवार से शुरू करें। किसी गरीब को गुड़ का दान करें।

सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

घर के लिए वास्तु टिप्स



कई लोग घर के चारों ओर परिक्रमा को अशुभ मानते हैं। ऐसे में जब उन्हें कोई समस्या घेर लेती है तो सबसे पहले वे घर की परिक्रमा को रोकते हैं जो वास्तु नियमों के विरुद्ध है। घर में हम मंदिर रखते हैं और घर को मंदिर की उपमा भी देते हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के चारों ओर परिक्रमा लगे तो वह अत्यंत शुभदायक है। शयनकक्ष में जूठे बर्तन रखने से घर की महिला के स्वास्थ पर प्रभाव पड़ता है तथा परिवार में क्लेश भी होता है।


शयन कक्ष में भारी वस्तु न रखें।



शयन कक्ष में गंदे व्यसन करने से आपकी तरक्की में बाधा आएगी।



सीढ़ी के नीचे बैठकर कोई भी कार्य न करें।



किसी भी द्वार पर अवरोध नहीं होना चाहिए।



प्रवेश द्वार की ओर पैर करके न सोएं, लक्ष्मी का अपमान होता है।



कोर्ट केस की फाइल मंदिर में रखने से मुकद्दमा जीतने में सहायता होगी।



स्वर्गवासी वृद्धों की तस्वीर हमेशा दक्षिण दिशा में ही लगानी चाहिए। घर में घड़ी के सैल पर विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उसके धीरे होने से घड़ी भी धीरे चलेगी तो गृहस्वामी का भाग्य भी धीमे चलेगा।



पलंग दीवार से मिलाकर न रखें। इससे पति-पत्नी में तकरार होती है।



किसी भी भवन का तीन राहों पर होना अशुभ होता है। इस दोष के लिए चारों दीवारों पर दर्पण होना चाहिए।



अधिक समय से बीमार को दक्षिण-पश्चिम कोना में सुलाना चाहिए। ईशान कोने में शीतल जल रखने से व्यक्ति जल्दी स्वस्थ होता है।



घर के मुख्य द्वार पर काले घोड़े की नाल, दुर्गा यंत्र त्रिशक्ति अंदर व बाहर की ओर गणपति अथवा दक्षिण मुखी द्वार पर हनुमान जी की तस्वीर अथवा भैरव यंत्र लगाकर लाभ लिया जा सकता है।


बुधवार, 19 अप्रैल 2017

12 राशियों के सरल ज्योतिष उपाय



मेष राशि – इस राशि का स्वामी मंगल, ग्रहों का सेनापति है। जिनकी राशि मेष है, उन्हें हर मंगलवार शिवलिंग पर लाल फूल चढाने चाहिए। साथ ही, मंगलवार को हनुमानजी की विशेष पूजा करनी चाहिए।

वृष राशि – जिन लोगों की राशि वृष है, वे शुक्र की विशेष पूजा करें। वृष राशि के स्वामी शुक्र को असुरों का गुरु माना जाता है। इन्हें प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर दूध चढ़ाना चाहिए।


मिथुन राशि – मिथुन राशि के लोगों को राशि स्वामी बुध ग्रह के लिए बुधवार को विशेष पूजा करनी चाहिए। बुध को प्रसन्न करने के लिए गाय को हरी घास खिलानी चाहिए।

कर्क राशि – कर्क राशि के स्वामी चंद्र का प्रिय दिन सोमवार हैं। इस दिन कर्क राशि के लोगों को शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। चंद्र से सम्बंधित वस्तु जैसे दूध का दान करना चाहिए।


सिंह राशि – जिनकी राशि सिंह है, वे राशि स्वामी सूर्य की पूजा करें। इस ग्रह को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा उपाय है, सूर्य को तांबें के लोटे से रोज़ जल चढ़ाएं।

कन्या राशि – कन्या राशि के स्वामी बुध को प्रसन्न करने के लिए हर बुधवार भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करनी चाहिए। इनकी पूजा करने पर सभी प्रकार के ग्रह दोषों को शांति हो जाती है।


तुला राशि – जिनकी राशि तुला है, वे शुक्र गृह की विशेष पूजा करें। इस राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को वस्त्रों का दान करें।

वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल को प्रसन्न करने के लिए हर मंगलवार हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना चाहिए। मंगल की प्रिय वस्तु मसूर की दाल का दान करें।

धनु राशि – जिनकी राशि धनु है, वे हर गुरुवार गुरु गृह के लिए दान-कर्म करें। इस राशि के स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति हैं। हर गुरुवार शिवलिंग पर चने की दाल, बेसन के लड्डू चढ़ाएं।

मकर राशि – इस राशि का स्वामी शनि है। मकर राशि के लोग शनि को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार तेल, काली उडद और काले कम्बल का दान करना चाहिए।

कुम्भ राशि – कुम्भ राशि के स्वामी शनि देव हैं। इन्हें न्यायधीश कहा जाता है। शनि को प्रसन्न करने के लिए हर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और छाते का दान करें।

मीन राशि – जिनकी राशि मीन है, वे लोग देव गुरु बृहस्पति की विशेष पूजा करें। गुरु को प्रसन्न करने के लिए हर गुरुवार साबूत हल्दी, पीले रंग के अन्न जैसे चने की दाल का दान करें।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



सोमवार, 17 अप्रैल 2017

Rochak jankari, Interesting Facts

Rochak jankari, Interesting Facts



* आप जिस लिफ्ट में हैं और वो नीचे गिर रही है तो आप लिफ्ट के बीच में लेटकर खुद को बचाएं।

* सबसे महंगी घड़ी लंदन में 1680 में 11 लाख के मूल्य में बनी थी।
* आप चौंक जायेंगे जब आप देखेंगे कि कोका कोला का इस्तेमाल टायलेट धोने में भी किया जा सकता है।
* सबसे भारी घड़ी सेस्टमिन्सटर पैलेस की ब्लॉक टॉवर है। इसे एडवर्ड प्रथम ने लगवाया था। इसके 4 डायल हैं, जो प्रत्येक 2 फुट 6 इंच व्यास के हैं। यह घड़ी 1856 में 7 लाख में बनी थी। इस घड़ी का घंटा ही 15 टन का है।
* बिल्लियां अपने चेहरे को अगर किसी चीज से घिसती हैं तो उसका मतलब है कि वो उसे अपनी चीज समझती हैं।
* अगर आप हेडफोन का एक घंटे तक इस्तेमाल करते हैं इसका मतलब होता है कि आपके कानों में बैक्टिरिया 700 गुना तक बढ गये हैं।
* विश्व की विशालतम घड़ी डेनमार्क में है, जिसका उद्घाटन वहां के सम्राट ने 15 दिसंबर 1955 में किया था। यह विश्व की सबसे अधिक ठीक समय देने वाली घड़ी मानी गई है। 
इसे घड़ी निर्माता व खगोलविद् जेम्स आल्सन ने दस वर्षों में तैयार किया था। इसमें 14000 पुर्जे 5,70,000 ढंग से कार्य करते हैं। निचले भाग के बीच में कैलेंडर है तथा अन्य भाग नक्षत्रों के बारे में बताते हैं।
* शहद अकेला ऐसा खाद्य पदार्थ है जो 3000 साल तक भी खराब नहीं होता।

* गुदगुदी प्राचीन चीन में प्रताड़ित करने का एक तरीका था क्योंकि इसके कोई निशान नहीं छूटते।
* जब आप झूठ बोलते है आपकी नाक गर्म हो जाती है।
* अगर बैकग्राउंड में हल्का संगीत बज रहा हो तो आप अधिक ध्यान से कार्य करते हैं।
* आपके पेट में एक दुसरा दिमाग होता है जिसे एनट्रेरिक नर्वस सिस्टम कहते हैं। इसी से अंग्रेजी में अक्सर कही जाने वाली लाइन 'गट फीलिंग' आती है।
* विश्व की सबसे ऊंची चार मुंह वाली घड़ी विलियम्स बर्ग बेंक बुकलिन न्यूयॉर्क में है। यह न्यूयॉर्क में सड़क की सतह से 430 फुट ऊंचाई पर लगी हुई है।
* महिलाएं सामान्य तौर पर ऐसे सवाल पुछती हैं जिनके जवाब उन्हें पहले से पता होते हैं, इसलिये बेहतर होगा कि आप सच ही कह दें।
* ज्यादा सोचना एक किस्म की निराशा की तरफ बढता है और आप खुद को सामाजिक और भावनात्मक तौर पर अकेला पाते हैं।

सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शनिवार, 15 अप्रैल 2017

काले तिलों के कुछ खास टोटके

Some special tricks of black sesame seeds


तंत्र साधना में काले तिलों का खासा योगदान है। अगर काले तिलों के कुछ खास टोटकों पर अमल किया जाए तो न केवल शुभ फल मिलने लगते हैं बल्कि जीवन में आने वाली सभी बाधाएं भी दूर होती है और किस्म त को नई रोशनी मिलने लगती है।

हर रोज एक लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें काले तिल डाल दें। अब इस जल को शिवलिंग पर ऊँ नम: शिवाय मंत्र जप करते हुए चढ़ाएं। जल पतली धार से चढ़ाएं और मंत्र का जप करते रहें।
जल चढ़ाने के बाद फूल और बिल्व पत्र चढ़ाएं। इस उपाय से शुभ फल प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

कुंडली में शनि के दोष हों या शनि की साढ़ेसाती या ढय्या चल रही हो तो किसी पवित्र नदी में हर शनिवार काले तिल प्रवाहित करना चाहिए। इस उपाय से शनि के दोषों की शांति होती है।

दूध में काले तिल मिलाकर पीपल पर चढ़ाएं। इससे बुरा समय दूर हो सकता है। यह उपाय हर शनिवार को करना चाहिए।




काले तिल का दान करें। इससे राहु-केतु और शनि के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। कालसर्प योग, साढ़ेसाती, ढय्या, पितृ दोष आदि में भी यह उपाय किया जा सकता है।




हर शनिवार काले तिल, काली उड़द को काले कपड़े में बांधकर किसी गरीब व्यक्ति को दान करें। इस उपाय से पैसों से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।




हर रोज शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें। इससे शनि के दोष शांत होते हैं। पुराने समय से चली आ रही बीमारियां भी दूर हो सकती हैं।

सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

पीपल की पूजा से जुड़े नियम



पीपल को हिन्दू धर्म में सबसे पूजनीय वृक्ष माना गया है। पीपल का शुद्ध तत्सम नाम अश्वत्थ है। इसे विश्व वृक्ष, चैत्य वृक्ष और वासुदेव भी कहा जाता है। हिंदू दर्शन की मान्यता है इसके पत्ते-पत्ते में देवता का वास रहता है। विशेषकर विष्णु का। ऋगवेद में अश्वत्थ की लकड़ी के पात्रों का उल्लेख मिलता है। अथर्ववेद और छंदोग्य उपनिषद में इस वृक्ष के नीचे देवताओं का स्वर्ग बताया गया है।


इस पेड़ की पूजा के कई धार्मिक और वैज्ञानिक कारण हैं। साथ ही, कुछ नियम भी। माना जाता है जो इन नियमों को मानकर पीपल की पूजा करता है वो निहाल हो जाता है, जबकि जो ध्यान नहीं रखता वो कंगाल हो जाता है। आइए जानते हैं पीपल की पूजा से जुड़े ऐसे ही कुछ धार्मिक वैज्ञानिक कारण और नियमों को….


धार्मिक कारण
श्रीमद्भगवदगीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि ‘अश्वत्थ: सर्ववृक्षाणाम, मूलतो ब्रहमरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे, अग्रत: शिवरूपाय अश्वत्थाय नमो नम:’ यानी मैं वृक्षों में पीपल हूं। पीपल के मूल में ब्रह्मा जी, मध्य में विष्णु जी व अग्र भाग में भगवान शिव जी साक्षात रूप से विराजित हैं। स्कंदपुराण के अनुसार पीपल के मूल में विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तों में भगवान श्री हरि और फलों में सभी देवताओं का वास है। भारतीय जन जीवन में वनस्पतियों और वृक्षों में भी देवत्व की अवधारणा की गई है और यही कारण है कि धार्मिक दृष्टि से पीपल को देवता मान कर पूजन किया जाता है।



वैज्ञानिक कारण
अधिकतर पेड़ दिन में आक्सीजन छोड़ते हैं और कार्बनडाइआक्साईड ग्रहण करते हैं। जबकि रात को सभी वृक्ष कार्बन-डाइआक्साईड छोड़ते हैं व आक्सीजन लेते हैं, इसी कारण यह धारणा है कि रात को कभी भी पेड़ों के निकट नहीं सोना चाहिए। वैज्ञानिकों के अनुसार पीपल का पेड़ ही एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो कभी कार्बन डाईआक्साइड नहीं छोड़ता वह 24 घंटे आक्सीजन ही छोड़ता है इसलिए इसके पास जाने से कई रोग दूर होते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है।


क्या है पूजन का फल
पीपल के पेड़ में जल चढ़ाने व पूजन और परिक्रमा करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। वहीं शत्रुओं का नाश भी होता है। यह सुख संपत्ति, धन-धान्य, ऐश्वर्य, संतान सुख व सौभाग्य प्रदान करने वाला है। इसकी पूजा करने से ग्रह पीड़ा, पितरदोष, काल सर्प योग, विष योग व अन्य ग्रहों से पैदा होने वाले दोषों का निवारण हो जाता है। अमावस्या और शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करने से पेरशानियां दूर होती हैं।

रोज सुबह नियम से पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर जप, तप और प्रभु नाम का सिमरण करने से जीव को शारीरिक व मानसिक लाभ प्राप्त होता है। पीपल के पेड़ के नीचे वैसे तो रोजाना सरसों के तेल का दीपक जलाना अच्छा काम है। यदि किसी कारणवश ऐसा संभव न हो तो शनिवार की रात को पीपल के नीचें दीपक जरूर जलाएं, क्योंकि इससे घर में सुख समृद्धि और खुशहाली आती है, कारोबार में सफलता मिलती है, रुके हुए काम बनने लगते हैं।


क्या न करें
शास्त्रानुसार शनिवार को पीपल पर लक्ष्मी जी का वास माना जाता है।उस दिन जल चढ़ाना जहां श्रेष्ठ है वहीं रविवार को पीपल पर जल चढ़ाना निषेध है। शास्त्रों के अनुसार रविवार को पीपल पर जल चढ़ाने से घर में दरिद्रता आती है। पीपल के वृक्ष को कभी काटना नहीं चाहिए। ऐसा करने से पितरों को कष्ट मिलते हैं आैर वंशवृद्धि में रुकावट आती है। किसी विशेष काम से विधिवत नियमानुसार पूजन करने व यज्ञादि पवित्र कामों के लक्ष्य से पीपल की लकड़ी काटने पर दोष नहीं लगता।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



बुधवार, 12 अप्रैल 2017

हर काम में सफलता के लिए याद रखें ये विदुर नीति



महाभारत में विद्वान विदुर ने कई नीतियों के बारे में बताया है। वे नीतियां न सिर्फ उस समय में उपयोगी थीं, बल्कि आज भी बहुत महत्व रखती हैं। अगर उन नीतियों का ध्यान रखा जाए, तो मनुष्य किसी भी परेशानी का हल आसानी से पा सकता है। विदुर ने ऐसी ही 4 बातों के बारे में बताया है, जिनका ध्यान रखने पर मनुष्य किसी भी काम या कला में एक्सपर्ट बन सकता है।

विदुर नीति

निश्चित्य यः प्रक्रमते , नान्तर्वसति कर्मणः ।
अवन्ध्यकालो वश्यात्मा , स वै पण्डित उच्यते ।।

जो कार्य आरम्भ करने के पहले निश्चय कर लेता है ,कार्य करने के बीच मे रुकता नही है ,अपने अमूल्य समय को व्यर्थ नही गँवाता ,और अपने मन को काबू मे रखता है । वही विद्वान या पण्डित है ।


दृढ़ निश्चय के बाद ही शुरू करें काम

विदुर के अनुसार, किसी भी काम में सफलता हासिल करने के लिए उसे शुरू करने से पहले उसके बारे में पूरी तरह से तैयारी कर लें और उसे सफल करने के निश्चय करें।


किसी भी कारण से काम को न रोकें

काम को शुरू करने पर किसी भी कारण से उसे बीच में न छोड़े। यह सफलता में सबसे बड़ी रुकावट होती है। इसलिए, चाहे कारण कोई भी हो, काम को पूरा किये बिना उसे नहीं छोड़े।


समय की कीमत को समझे

समय को व्यर्थ करने वाला मनुष्य कभी सफलता नहीं पा सकता। इसलिए अगर आप किसी कला या काम में सफल होना चाहते हैं तो किसी भी अन्य गतिविधि में समय बर्बाद न करें।

मन को रखे वश में


जो अपने मन और इच्छाओं को वश में नहीं रख पाता, वह किसी भी काम में सफल नहीं हो पाता। सफलता पाने के लिए अनावश्यक इच्छाओं को वश में रख कर, काम के प्रति समर्पित होना जरुरी है।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



सोमवार, 10 अप्रैल 2017

हनुमान जयंती पर ये खास उपाय

These special measures on Hanuman Jayanti


11 अप्रेल को पूरी दुनिया में महावीर बजंरगबली की जयंती मनाई जाएगी। आसुरी शक्तियों के विनाश के अलावा ग्रहजनित दोष या तंत्र-मन्त्र के ऋणात्मक प्रभावों का शमन हनुमान जी की उपासना व जाप से निम्नानुसार होता है-

ग्रह जनित बाधाएं---
नव ग्रहों में राहू ,केतू व शनि जातकों को सर्वाधिक पीड़ित करते हैं, ऐसे में राहू से बाधाएं होने पर आप हनुमान जी की नियमित आराधना के साथ इन्हें हर छह माह के अंतराल पर चोला चढ़ाएं। मंगलवार के दिन लौंग लगाकर बूंदी के लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाएं अौर हनुमाना चालीसा का पाठ करें। शनिकृत दोषों के शमनार्थ निरंतर हनुमान चालीसा का पाठ करें। एक पौराणिक कथानुसार शनि देव ने हनुमान जी से वादा किया हुआ है की वे उनके भक्तों को परेशान नहीं करेंगे। केतू कृत दोषों के शमनार्थ मंगल दोष संबंधी उपाय ही किए जाते हैं, इसके लिए हनुमान जी के सामने “ॐ हं हनुमते नमः’ मंत्र के 40000 जाप करे या कराएं क्योंकि शास्त्रनुसार ‘कुजवत केतू शनिवत राहू।




शत्रु से मुक्ति के लिए----
यदि कोई शत्रु परेशान कर रहा है या न्यायालय में मुकदमा कर रखा है तो इसके उपाय के लिए बजरंग बाण का पाठ नित्य सात बार घी का दीपक जलाकर रात्रि मे नौ बजे के बाद करें। शीघ्र मुक्ति मिलेगी|

रोगों के शमनाें के लिए---
हनुमान जी की प्रतिमा के सामने राम रसायन तुम्हारे पासा, सदा रहो रघुपटी के दासा की एक माला चमेली के तेल का दीपक जलाकर करें तो कैसा भी रोग हो, शीघ्र निदान होगा|




ऋण मुक्ति के लिए--
प्रत्येक माह की त्रयोदशी से पूर्णिमा तक हनुमान जी की प्रतिमा के आगे लाल वस्त्र पर ऋण मक्ति यंत्र व लक्ष्मी यंत्र की स्थापना कर हनुमान गायत्री मंत्र की तीन माला का जाप सुबह शाम करें| तीन महीनों में ही दिन बदलने लगेंगे।

टोने-टोटकों के उपाय--
टोने-टोटकों के दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए ॐ हं हनुमतये फट स्वाहा मंत्र से तीन माला नित्य जपा करें। कुछ ही दिनों में आपको असर दिखने लगेगा।




काला जादू या भूत प्रेत बाधा
किसी भी तरह की बाधा निवारणार्थ नित्य पंचमुखी हनुमान जी की पूजा करें और ॐ हं हनुमते नमः मंत्र का जाप मध्यान्ह काल में लाल आसन पर उत्तराभिमुख बैठकर करें| हनुमान जयंती के दिन हनुमान जी के सिंदूर,चमेली का तेल व चांदी के वर्क से चोला चढ़ाए, ध्वजारोहण करें, नारियल भेंट कर पूजा-प्रार्थना कर व हनुमानजी को रोट या चूरमे का भोग लगाएं|सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



रविवार, 9 अप्रैल 2017

बदल सकती है किस्मत ये 7 चीज़ें होती है चमत्कारिक



हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में कई ऐसी चमत्कारिक चीज़ों का वर्णन है, जिन पर सहज ही विश्वास करना कठिन होता है। हम यहां आपको 7 ऐसी ही वस्तुओं के बारे में बता रहे है जिनकी अब तक तो कोई प्रमाणिकता साबित नहीं हुई है, लेकिन अगर साबित हो जाए तो इन्हें पाने वाले की रातोंरात किस्मत बदल सकती हैं।



पारस मणि (Parasmani)
धर्म ग्रंथों में इसका उल्लेख कई बार आता है। हालांकि आज तक ऐसी कोई मणि किसी को मिली नहीं है। पारस मणि से लोहे की किसी भी चीज को छुआ देने से वह सोने की बन जाती थी। इससे लोहा काटा भी जा सकता है। कहते हैं कि कौवों को इसकी पहचान होती है और यह हिमालय के आस-पास ही पाई जाती है। हालांकि इन बातों में कितनी सच्चाई है यह कहना मुश्किल है।


सोमरस (Somras)
सोमरस का जिक्र हिंदू धर्म ग्रंथों में मिलता है। सोमरस एक ऐसा पदार्थ है, जो संजीवनी की तरह काम करता है यह शराब नहीं, बल्कि दूध और जड़ी बूटियों से बना एक पेय है। जो हमेशा जवान रखने के साथ ही गुस्से को शांत करता है और अमर बनाता है। ऋग्वेद 1-30-2 में इसका स्पष्ट वर्णन मिलता है।

नागमणि (Nagmani)
नागमणि के बारे में कहा जाता है कि यह जिसके भी पास होती है उसका भाग्य बदल जाता है। इसमें अलौकिक शक्तियां होती हैं। इसकी चमक के आगे हीरा भी फीका पड़ जाता है। मणि का होना उसी तरह है जिस तरह की अलादीन के चिराग का होना। मगर इसमें कितनी सच्चाई है, यह कोई नहीं जानता।


अक्षय पात्र (Akshy Patra)
माना जाता है कि यह चमत्कारी अक्षय पात्र प्राचीन ऋषि-मुनियों के पास हुआ करता था। महाभारत मे वनवास के दौरान द्राेपदी इसी पात्र से पांडवों को भोजन करवाती थी। अक्षय का अर्थ जिसका कभी क्षय या नाश न हो। दरअसल, एक ऐसा पात्र जिसमें से कभी भी अन्न और जल खत्म नहीं होता।

कल्पवृक्ष (Kalpavriksha)
वेद और पुराणों में कल्पवृक्ष के बारे में पढ़ने को मिलता है। कल्पवृक्ष स्वर्ग का एक पेड़ है। इस वृक्ष के नीचे बैठकर व्यक्ति जो भी इच्छा करता है, वह पूर्ण हो जाती है, क्योंकि इस वृक्ष में अपार सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है। यह वृक्ष समुद्र मंथन से निकला था।


संजीवनी बूटी (Sanjivani Buti)
कहते हैं ‍कि हिमालय में एक ऐसी बूटी पाई जाती है जिसके बल पर मरे व्यक्ति को भी जिंदा किया जा सकता है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार मूर्च्छित लक्ष्मण के लिए हनुमानजी यह बूटी लेकर आए थे। इस बूटी के दम पर ही शुक्राचार्य ने देवासुर संग्राम में असुरों को जीवित कर दिया था। आज कल इस पर कई शोध हो रहे हैं पर अब तक कोई परिणाम नहीं निकला है।


स्वर्ण बूूटी (Swarn Buti)
सोने के निर्माण में तेलिया कंद-जड़ी बूटी का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है। ऐसी भी औषधियां होती हैं, जो व्यक्ति को फिर से जवान बना देती हैं। औषधियों के बल पर व्यक्ति 500 वर्षों तक निरोगी रहकर जिंदा रह सकता है। इनसे धन पाने के साथ ही सभी दुख व दर्द दूर किए जा सकते हैं।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शनिवार, 8 अप्रैल 2017

धन दौलत और सुख शांति चाहिए तो यह सात चीजें घर में नहीं लाएं

धन दौलत और सुख शांति चाहिए तो यह सात चीजें घर में नहीं लाएं

वास्तु विज्ञान में बताया गया है कि हमारे आस-पास और घर में मौजूद चीजों का किसी न किसी रुप में हम पर जरुर असर होता है।

आपने महसूस भी किया होगा कि कोई चीज आपके घर में आई होगी और उसके बाद से घर में एक के बाद एक खुशखबरी और उन्नति होती गई होगी।

और कभी-कभी कुछ ऐसी चीजें घर में आ जाती हैं जिससे अचानक ही घर में परेशानियों का दौर शुरु हो जाता है। और हम यह भी नहीं समझ पाते हैं कि यह सब कैसे हो रहा है।

वास्तु विज्ञान में ऐसी ही सात चीजों का उल्लेख किया गया है जो घर में कभी भी नही लाना चाहिए। अगर ये चीजें घर में आ जाएं तो समझ लीजिए आपने खुद ही अपने घर में परेशानियों को निमंत्रण दिया है।

1. बहुत से लोग घर में टाइटेनिक जहाज और दूसरे डूबते हुए जहाज और नाव की तस्वीर घर में लगा लेते हैं। वास्तु विज्ञान कहता है कि इस तरत ही तस्वीर घर में नहीं लगानी चाहिए।

यह दृश्य दुर्भाग्य का सूचक है। इससे परिवार के सदस्यों का मनोबल गिरता और आपस में मतभेद और मनमुटाव बढ़ जाता है। ऐसी तस्वीर परिवार में नुकसान का सूचक माना जाता है।

धन संपत्ति एवं पारिवारिक सुख-शांति के लिए ऐसी तस्वीरों को घर में लगाना वास्तुविज्ञान के अनुसार उचित नहीं माना गया है।

2. वास्तु विज्ञान में बताय गया है कि घर में कभी भी जंगली जानवर खास तौर पर हिंशक पशुओं की तस्वीरों को घर में नहीं लगाना चाहिए।

इसका कारण यह है कि इन तस्वीरों से नकारात्मक उर्जा का संचार होता है और घर में रहने वालों की प्रवृति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लागों में आपसी तालमेल की जगह एक दूसरे के प्रति द्वेष बढ़ता है।

परिवार में आपसी कलह के कारण सुख-चैन खोने लगता है। इसलिए इस तरह की तस्वीरों को घर में नहीं लगाना चाहिए।

03. बहुत से लोग घर में भूत-प्रेम और राक्षसों की भी तस्वीरें लगाते हैं। जबकि इस तरह की तस्वीरों से भले ही आपको लगे कि आपने अपने घर के कुछ नयापन दिया हो लेकिन वास्तव में यह नुकसानदायक होता है।

वास्तु विज्ञान कहता है कि इस तरह की तस्वीरों को घर में नहीं लगाना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक उर्जा का संचार होता है जो घर में रहने वालों के लिए कष्टदायी होता है।

04. बहुत से लोग अपने घर में पानी का फव्वरा लगाते हैं या फिर घर की दीवार पर इनकी तस्वीर लगाते हैं। वास्तु विज्ञान कहता है कि इस तरह की तस्वीर और घर में इनकी मौजूदगी व्यय को बढ़ाता है।

इसका कारण यह है कि इस तरह की चीज गतिशीलता को दर्शाती है। धन के मामले में जितना ठहराव होगा यह आपकी खशहाली के लिए उतना ही बेहतर होगा।

वास्तु विज्ञान के अनुसार इनसे घर में आई हुई खशी और लक्ष्मी अधिक दिनों तक घर में नहीं ठहरती है। 

05. भगवान शिव के कई रुप हैं। इनमें कुछ तो शांत सौम्य और मंगलकारी हैं तो कुछ ऐसे भी रुप हैं जो विनाशकारी माने जाते हैं। ऐसे भयंकर रुपों में काल भैरव और नटराज का नाम आता है।

नटराज की मूर्ति और तस्वीर कलात्मक रुप से आकर्षक होते हैं इसलिए बहुत से लोग इसे अपने घरों में लाकर सजाते हैं। लेकिन वास्तु विज्ञान कहता है कि शिव का यह विनाशकारी रुप घर में नहीं होना चाहिए।

नटराज रुप में भगवान शिव तांडव करते हैं, जो विनाशकारी नृत्य है इसलिए न तो इसकी तस्वीर और न इसकी मूर्ति घर में होनी चाहिए।

06. ताजमहल की खूबसूरती लोगों को आकर्षित करती है। यही कारण है कि देश विदेश से लोगा ताजमहल देखने आते हैं। ताजमहल को आगरा आकर देखना और इसकी तस्वीर या मूर्ति को घर में सजा कर रखना दो अलग बातें हैं।

वास्तु विज्ञान के अनुसार ताजमहल एक समाधि है जो मौत की निशानी और नकारात्मकता का प्रतीक है।

इसे प्रेम का प्रतीक मानकर घर में नहीं रखना चाहिए। इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ने की बजाय दूरी बढ़ने का ख्याल बार-बार आता है।

07. बहुत से लोग घर में महाभारत की तस्वीर लगाते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार महाभारत की तस्वीर घर की सुख-शांति में बाधक होती है।

महाभारत एक पारिवारिक युद्ध था जो परिवार में संघर्ष की भावना को बढ़ाता है। इसलिए महाभारत की तस्वीर घर में नहीं रखनी चाहिए।

वास्तु विज्ञान में यह भी कहा गया है कि युद्ध से संबंधित चीजें जैसे, तलवार, बंदूक, तोप और सैनिक की तस्वीरें घर में नहीं लगानी चाहिए। इससे क्रोध एवं आपस में द्वेष बढ़ता है।

बुधवार, 5 अप्रैल 2017

ऐसा शहर, जहां सूरज नहीं निकलता 40 दिन

ऐसा शहर, जहां सूरज नहीं निकलता 40 दिन


आपने अक्सर दुनिया को लेकर अलग-अलग बातें सुनी होंगी। दुनिया जल्द खत्म हो जाएगी, धरती फट जाएगी और न जाने क्या-क्या। कई देशों के अजीब और गरीब रहस्य भी सुने होंगे।
लेकिन क्या कभी ऐसा सुना है कि किसी देश में कई दिनों तक सूरज न निकलता हो। या फिर डूबता न हो। लेकिन ये सच है आज आपको दूनिया के ऐसे देश के शहर के बारे में बताएंगे जहां कई दिनों तक सूरज नहीं निकलता है
इससे भी बड़ी चौकाने वाली बात ये है कि यहां 60 दिनो तक सूरज डूबता भी नहीं है। आप सोच रहे होंगे कि क्या सूरज के बिना जीवन संभव है। 40 दिन तक सूरज से महरूम रहने के बावजूद क्या यहां ज़िंदगी पूरी रफ्तार से चलती है।
रूस के मुरमैन्स्क शहर के लोगो ने पिछले 2 दिसंबर से सूरज नहीं देखा है। यहां के लोग 11 जनवरी को सूरज देखते है 3 लाख आबादी वाले इस शहर में हर साल पोलर डे और पोलर नाइट होती है।
पोलर डे की वजह से लोग हर साल दो महिंने तक रात नहीं देख पाते हैं और पोलर नाइट की वजह से 40 दिन तक दिन से महरूम रहते हैं। लेकिन फिर भी इनकी लाइफ उसी रफ्तार से चल रही है, जैसे अन्य देशों की।

मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

दुर्वा घास को बहुत ही चमत्कारिक उपाय

दुर्वा घास को बहुत ही चमत्कारिक उपाय 


धार्मिक ग्रंथो एवं पुराणों में दुर्वा घास को बहुत ही चमत्कारिक माना गया है। सफेद गाय का दूध तथा दुर्वा घास को मिलाकर उसका तिलक करने से भी धन का योग बनता है तथा व्यक्ति को धन प्राप्ति होती है।

कहा जाता है की यह समुद्र मंथन से मिली थी, अतः यह लक्ष्मी जी की छोटी बहन है। दूर्वा गणेश जी को प्रिय है और गौरा माँ को भी। वाल्मिकी रामायण में श्री राम जी का रंग दुर्वा की तरह बताया गया है।

पुराणों में कथा है कि पृथ्वी पर अनलासुर राक्षस के उत्पात से त्रस्त ऋषि-मुनियों ने इंद्र से रक्षा की प्रार्थना की। इंद्र भी उसे परास्त न कर सके। देवतागण शिव के पास गए। शिव ने कहा इसका नाश सिर्फ गणेश ही कर सकते हैं। देवताओं की स्तुति से प्रसन्न होकर श्रीगणेश ने अनलासुर को निगल लिया। जब उनके पेट में जलन होने लगी तब ऋषि कश्यप ने 21 दुर्वा की गांठ उन्हें खिलाई और इससे उनकी पेट की ज्वाला शांत हुई। दुर्वा गहनता और पवित्रता की प्रतीक है। इसे देखते ही मन में ताजगी और प्रफुल्लता का अनुभव होता है। शाक्तपूजा में भी भगवती को दुर्वा अर्पित की जाती है।




अपनी तिजोरी में 9 लक्ष्मीकारक कौड़ियां और एक तांबे का सिक्का रखने से आपकी तिजोरी में धन हमेशा भरा रहेगा।

पंचदेव उपासना में दुर्वा का महत्वपूर्ण स्थान है। यह गणपति और दुर्गा दोनों को अतिप्रिय है।

दुर्वा जिसे आम भाषा में दूब भी कहते हैं एक प्रकार ही घास है। इसकी विशेषता है कि इसकी जड़ें जमीन में बहुत गहरे (लगभग 6 फीट तक) उतर जाती हैं। विपरीत परिस्थिति में यह अपना अस्तित्व बखूबी से बचाए रखती है




दुर्वा गहनता और पवित्रता की प्रतीक है। इसे देखते ही मन में ताजगी और प्रफुल्लता का अनुभव होता है। शाक्तपूजा में भी भगवती को दुर्वा अर्पित की जाती है।

पांच दुर्वा के साथ भक्त अपने पंचभूत-पंचप्राण अस्तित्व को गुणातीत गणेश को अर्पित करते हैं। इस प्रकार तृण के माध्यम से मानव अपनी चेतना को परमतत्व में विलीन कर देता है।

श्रीगणेश पूजा में दो, तीन या पांच दुर्वा अर्पण करने का विधान तंत्र शास्त्र में मिलता है। इसके गूढ़ अर्थ हैं। संख्याशास्त्र के अनुसार दुर्वा का अर्थ जीव होता है जो सुख और दु:ख ये दो भोग भोगता है। जिस प्रकार जीव पाप-पुण्य के अनुरूप जन्म लेता है।

दुर्वा अपने कई जड़ों से जन्म लेती है। दो दुर्वा के माध्यम से मनुष्य सुख-दु:ख के द्वंद्व को परमात्मा को समर्पित करता है। तीन दुर्वा का प्रयोग यज्ञ में होता है। ये आणव (भौतिक), कार्मण (कर्मजनित) और मायिक (माया से प्रभावित) रूपी अवगुणों का भस्म करने का प्रतीक है।
सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शुक्रवार, 31 मार्च 2017

Easy Measures to Increase Income



उपाय-1
जब भी आप बैंक में पैसा जमा कराने या निकालने जाएं तो मन ही मन मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करते रहें। यदि लक्ष्मी मंत्र याद न हो तो विष्णु मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। ऐसा करने से लेन-देन में आपको लाभ होगा, साथ ही बैंक में जमा राशि में भी बरकत होगी। नीचे कुछ मंत्र दिए गए हैं। इनमें से किसी भी मंत्र का जाप आप कर सकते हैं।
मंत्र
1. ऊं महालक्ष्म्यै नम:
2. ऊं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:
3. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम:
4. ऊं विष्णवे नम:
5. ऊं नमो नारायण:


उपाय-2
शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को यथाशक्ति (जितना संभव हो) चावल भगवान शिव के मंदिर ले जाएं। अब अपने दोनों हाथों में जितने चावल आ जाएं उतने शिवजी को अर्पण कर दें और भगवान शिव से धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। जितने चावल के दानें शिवजी को अर्पण किए जाते हैं, उसका उतने ही हजार गुना फल मिलता है। अब बचा हुआ चावल गरीबों में बांट दें। यह इनकम बढ़ाने का अचूक उपाय है।

उपाय-3
हर शुक्रवार को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं व नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें। इस उपाय से आपके बैंक अकाउंट में धन सदैव बढ़ता रहेगा। यदि आप किसी ऑफिस में काम करते हैं या आपकी कोई दुकान है तो आप अपने वर्क टेबल पर मोती शंख भी रखें। यह उपाय करने से निश्चित ही आपका बैंक बैलेंस बढ़ने लगेगा।
मंत्र- ऊं श्रीं श्रीं श्रीं

उपाय-4
जब किसी महीने के कृष्ण पक्ष में भरणी नक्षत्र आए तो उस दिन पानी से भरे हुए चार कलश लेकर किसी सुनसान जगह पर जाएं और वहां उन कलशों को रखकर चुपचाप चले आएं। फिर दूसरे दिन जाकर जो कलश खाली मिले, उसे घर ले आएं। शेष को वहीं छोड़ दें। खाली कलश को घर के एकांत कोने में रखकर रोज उसकी पूजा करें तो उस व्यक्ति पर लक्ष्मी प्रसन्न होकर उसी के घर में निवास करती हैं।


उपाय-5
धन प्राप्ति के उपायों में कई वस्तुओं का उपयोग भी किया जाता है, जो माता लक्ष्मी को प्रिय हैं। ऐसी ही एक वस्तु है समुद्र से निकलने वाली कौड़ियां। दिखने में यह बहुत साधारण होती है लेकिन इसका प्रभाव बहुत अधिक होता है। इसके उपायों से इनकम बढ़ने लगती है-
1. चांदी के सिक्कों के साथ यदि कौड़ियां धन स्थान पर रखी जाएं तो निश्चित ही धन लाभ होता है।
2. कौड़ियों को केसर या हल्दी से रंग कर पीले कपड़े में बांध कर तिजोरी में रखने से लाभ होता है।
3. गल्ले में, तिजोरी में या आलमारी में जहां पैसे रखते हैं वहां कौड़ियां रखने से अचानक धन लाभ होता है।

उपाय-6
बुधवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कामों से निपटकर लक्ष्मीजी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद मूर्ति या तस्वीर की विधिवत पूजा करें। लक्ष्मीजी के चरणों पर इत्र लगाएं और इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का 5 माला जप करें-
ऊँ ह्लीं ऐं क्लीं श्री:
इसके बाद किसी ब्राह्मण और कुंवारी कन्या को भोजन करवाकर उसे दक्षिणा, वस्त्र, आदि भेंट स्वरूप प्रदान करें। तत्पश्चात लक्ष्मीजी की वह मूर्ति या तस्वीर अपने पूजा स्थान या कार्यस्थल पर स्थापित कर दें। आप देखेंगे कि कुछ ही दिनों में आपकी हर समस्या का निदान हो जाएगा और धन का आगमन भी होने लगेगा।

उपाय-7
किसी गुरुवार को एक पीले रंग का रूमाल या कपड़ा लेकर किसी ऐसे मंदिर जाएं, जहां तुलसी का पौधा लगा हो। अब उस तुलसी के पौधे के आस-पास जो घास उगी हो, उसे तोड़कर पीले कपड़े या रूमाल में रखकर वापस घर ले आएं। इसको व्यापार स्थल तथा घर में रख दें। कुछ ही दिनों में व्यापार में वृद्धि तथा धन की बरकत दिखाई देने लगेगी।


उपाय-8
एक पीले कपड़े पर कुंकुम से 5 बार नीचे बताया गया मंत्र लिखें। अब इस कपड़े पर 5 कमल के फूल, 5 कौड़ी, 5 गोमती चक्र व 1 मोती शंख रखकर शुक्रवार की रात किसी लक्ष्मी मंदिर में चुपचाप रख आएं। इस उपाय से जल्दी ही आपकी इनकम का स्त्रोत स्थाई हो जाएगा और उसमें बढ़ोत्तरी भी होगी।
मंत्र- ऊं श्रीं शिवत्वं श्रीं ऊं

उपाय-9
किसी शुभ योग में रात के समय लाल वस्त्र पहन कर आसन पर बैठें। सामने दस लक्ष्मीकारक कौड़ियां रखकर एक बड़ा तेल का दीपक जला लें और प्रत्येक कौड़ी को सिंदूर से रंग हकीक माला से इस मंत्र की पांच की माला मंत्र जाप करें
मंत्र
ऊँ ह्रीं श्रीं श्रियै फट्
इस प्रयोग से लक्ष्मी शीघ्र ही प्रसन्न हो जाती है और आपके जीवन में फिर कभी धन की कमी नहीं होती।

उपाय-10
रास्ते में जाते समय या कहीं और कोई किन्नर नजर आए तो उसे अपनी इच्छा के अनुसार कुछ रुपए आदि भेंट करें। संभव हो तो उसे भोजन भी कराएं। इसके बाद उस किन्नर से आप एक सिक्का (उसके पास रखा हुआ, आपके द्वारा दिया हुआ नहीं) मांग लें। इस सिक्के को अपने गल्ले, कैश बॉक्स या धन स्थान पर रख दें। आप देखेंगे कि कुछ ही दिनों में आपकी सेविंग बढ़ जाएगी और साथ में इनकम भी।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



बुधवार, 29 मार्च 2017

महिलाओं के शरीर से जुड़े तथ्य

महिलाओं को गंध का अहसास बेहतर होता है
जन्म से ही स्त्रियों की नाक में गंध का अहसास करने वाले रिसेप्टर ज्यादा होते हैं। इसलिए वे पूरी जिंदगी पुरुषों के मुकाबले सुगंध और दुर्गंध का अहसास ज्यादा अच्छे तरीके से कर पाती हैं। इस गुण का फायदा उन्हें रसोई में भी मिलता है।

महिलाओं को स्वाद का अहसास भी बेहतर होता है
महिलाओं की जीभ को चटोरी कहा जाता है। इसकी एक वजह यह भी है कि उनकी जीभ में टेस्ट बड्स ज्यादा संख्या में होती हैं। मतलब यह कि उन्हें हर तरह के स्वाद का अहसास जल्दी और बेहतर तरीके से हो सकता है। इसीलिए तो वे जरा-सा खाना चखकर पूरा हाल बता देती हैं। यह गुण परिवार की सुरक्षा के लिए डेवलप हुआ है, ताकि रसोई की इंचार्ज महिलाएं खराब खाने को पहले ही पहचान जाएं।

महिलाएं ज्यादा भावुक होती हैं
संभवत: यही एक फैक्ट है, जो जगजाहिर है। सालभर में महिलाएं 30 से 60 बार तक रो डालती हैं, जबकि पुरुष 6 से 12 बार। इस भावुकता के चलते महिलाओं के दिल का गुबार निकल जाता है और उन्हें सेहत संबंधी फायदे मिलते हैं।

महिलाएं रंग ज्यादा अच्छी तरह पहचानती हैं
पुरुष लाल-पीला-हरा-नीला जैसे रंग जानते हैं, जबकि महिलाएं लाल या नीले जैसे रंगों के भी दसियों शेड्स में अंतर कर सकती हैं। यह भी मानव इतिहास के हजारों सालों में धीरे-धीरे विकसित हुआ गुण है। इससे खतरों को पहचानने में मदद मिलती है।

इसलिए ज्यादा लचीला होता है शरीर
महिलाओं की मसल्स हल्की और ज्यादा लचीली होती हैं। कुदरत ने उन्हें यह खूबी इसलिए दी है, ताकि उनका शरीर प्रेगनेंसी के दौरान आराम से बदल सके और चाइल्ड डिलेवरी के बाद आसानी से रिकवर भी कर सके। महिलाओं के एस्ट्रोजन हॉर्मोन के कारण उनकी मसल्स में यह खूबी होती है। यही वजह है कि लड़कियां ज्यादा अच्छी जिम्नास्ट होती हैं। इसके अलावा उनकी गर्दन भी ज्यादा फ्लेक्सिबल होती है। वे अपनी गर्दन ज्यादा घुमा सकती हैं।

महिलाओं के बाल इसलिए होते हैं रेशमी
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के बालों की मोटाई आधी ही होती है। उनके बाल चिकने भी होते हैं। यही वजह है कि स्त्रियों के बाल रेशमी और मुलायम लगते हैं। यही नहीं, किसी महिला के बालों की क्वालिटी से उसकी रिप्रोडक्शन क्षमता का पता भी चलता है। यानी बालों की क्वालिटी जितनी अच्छी होगी, महिला द्वारा सेहतमंद बच्चे को जन्म देने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।

महिलाएं ज्यादा दर्द सहन कर सकती हैं
महिलाओं में दर्द के रिसेप्टर अधिक होते हैं। इसका मतलब है कि उन्हें दर्द का अहसास जल्दी और ज्यादा होता है। इसके बावजूद वे ज्यादा दर्द सहन कर सकती हैं। यही वजह है कि महिलाएं सिरदर्द, बदन दर्द होते हुए भी काम करती रहती हैं।


नींद में भी एक्टिव रहता है दिमाग
जागते रहने की तुलना में नींद में महिलाओं की दिमागी एक्टिविटीज सिर्फ 10 प्रतिशत ही कम होती हैं। इसका अर्थ है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का ब्रेन सोते समय भी काम करता रहता है। इस खासियत के चलते औरतें छोटे बच्चों की बेहतर देखभाल कर पाती हैं। आपने देखा होगा कि आधी रात को भी शिशु की हल्की-सी आवाज से मां की नींद तुरंत खुल जाती है।

उनका दिल तेजी से धड़कता है
महिलाओं का दिल ज्यादा मजबूत माना जाता है। वह मर्दों के दिल के मुकाबले छोटा होता है। महिलाओं के दिल का एवरेज वजन 118 ग्राम होता है, जबकि पुरुषों के दिल का वजन इससे 60 ग्राम ज्यादा होता है। महिला का दिल पुरुष के मुकाबले ज्यादा तेजी से धड़कता है।

महिलाएं गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं
दिल लगा लेना वाक्य महिलाओं पर सटीक बैठता है। वे किसी भी रिश्ते में अधिक गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं। उनके दिमाग में ऐसे हिस्से ज्यादा डेवलप होते हैं, जो अफेक्शन का अहसास कराते हैं। इसलिए महिलाएं किसी भी रिश्ते को अच्छे ढंग से निभाती हैं।

महिलाएं इसलिए ज्यादा बोलती हैं
औरतों के दिमाग में स्पीच और वर्ड प्रोसेसिंग के लिए दो सेंटर होते हैं, जबकि मर्दों के दिमाग में ऐसा एक ही सेंटर होता है। इसी कारण महिलाएं तेजी से और साफ-साफ बोल सकती हैं। उनके पास नॉनवर्बल इशारे भी पुरुषों की तुलना में दुगने होते हैं। यानी वे बिना बोले भी बहुत कुछ कह सकती हैं।

महिलाएं कम फैट बर्न करती हैं
महिलाओं के शरीर में भीतरी अंग छोटे होते हैं। यही कारण है कि अगर महिला और पुरुष दोनों बैठे हों, तो महिला का शरीर कम कैलोरी बर्न करेगा। मातृत्व की तैयारी के लिए उनके शरीर में फैट जमा करने की प्रवृत्ति भी होती है।

ऊंचे सुर ज्यादा अच्छी तरह सुनती हैं महिलाएं
महिलाएं हायर फ्रिक्वेंसी की आवाज, यानी ऊंचे सुर ज्यादा साफ-साफ सुन सकती हैं। यह भी उन्हें बच्चे पालने में मदद करता है, क्योंकि बच्चों के रोने की आवाज हायर फ्रिक्वेंसी की होती है। इसलिए माताएं अपने बच्चे का रोना तुरंत पहचान जाती हैं और उसके पास पहुंच जाती हैं।

महिलाओं की स्किन ज्यादा सेंसेटिव होती है
महिलाआें की स्किन पुरुषों के मुकाबले ज्यादा पतली और सेंसेटिव होती है। उन्हें स्पर्श का अहसास भी अच्छी तरह होता है। इसीलिए वे बारीक चीजों को छूकर पहचान जाती है। टेस्टोस्टेरॉन हॉर्मोन के कारण मर्द मोटी स्किन वाले होते हैं।

महिलाएं अपनी पलकें ज्यादा झपकती हैं
पुरुषों की तुलना में महिलाओं की पलकें दो गुना तक ज्यादा झपकती हैं। पुरुषों को लगता है कि पलकें झपकना महिलाओं की अदा है, जबकि वे स्वाभाविक रूप से ऐसा करती हैं। इसके चलते उनकी आंखों में लुब्रिकेशन ज्यादा होता है और उन्हें ड्राई आई की समस्या कम सताती है। हालांकि मीनोपॉज के बाद हॉर्मोनल बदलाव से उन्हें यह समस्या हो सकती है।


सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



सोमवार, 27 मार्च 2017

दांत भी बताते है आपके स्वभाव के बारे में



1. जिन स्त्रियों के दांत थोड़े बाहर की ओर निकले हुए होते है, वे बहुत बोलती हैऔर अपनी बात मनवाने में माहिर होती है। इसी कारण परिवार वालों से इनकी कम बनती है। ये कभी हंसमुख तो कभी गुस्सैल हो जाती है।

2. जिसके दांत सीधे और सपाट रेखा में होते हैं, वह धनवान होता हैं। ऐसे लोग किसी की नौकरी नहीं करते। अपने परिचितों व रिश्तेदारों के प्रति इनका स्वभाव बहुत अच्छा होता है। इन्हें दिखावा करना पसंद होता है।

3. सफ़ेद व सुन्दर दांत वाले व्यक्ति किस्मत वाले होते हैं। ये सभी से जल्दी घुल-मिल जाते हैं। ये इमोशनल किस्म के लोग होते है जो जल्दी ही किसी पर भी भरोसा कर लेते हैं। इस कारण इन्हें कभी-कभी धोखा भी खाना पड़ता है।


4. जिस व्यक्ति के दांतों के बीच थोड़ी दूरी होती है, वह दूसरों के पैसों पर ऐश करने वाले हो सकते हैं। ऐसे लोगों को पैतृक संपति भी मिल जाती है और ये जीवन भर उसी पर निर्भर रहते है। ये बहुत खर्चीले होते हैं।

5. जिन लोगों के दांत हल्के काले होते है, वो बहुत चतुराई से अपना काम निकालते है, ये झगड़ालू स्वभाव के भी होते हैं। ऊपर से दिखने में ये जेंटलमेन लगते हैं, लेकिन अंदर से बहुत ही स्वार्थी होते हैं।

6. जिन लोगों के दांत पीले या हल्के लाल रंग के होते है, खुशमिजाज होते हैं। इन पर भरोसा किया जा सकता हैं। इन्हें लोगों से मिलना और हंसना-हंसाना अच्छा लगता है।

7. काले व आड़े-टेड़े दांत वाले व्यक्ति पहले अपने बारे में सोचते है। अपना हित साधने के लिए ये किसी से भी दोस्ती कर लेते हैं और मतलब निकलते ही उसे छोड़ देते हैं। ये लालची स्वभाव के भी होते है।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 



शुक्रवार, 24 मार्च 2017

ये है दुनिया के 5 सबसे रहस्मय खजाने, जो भी खोजने गया वो वापस नहीं आया



ये है दुनिया के 5 सबसे रहस्मय खजाने, जो भी खोजने गया वो वापस नहीं आया



दुनिया के सबसे हॉन्टेट प्लेसेज में शुमार 5 पांच ऐसी जगहें हैं जहां अकूत खजाने भरे पड़े हैं, लेकिन ये बेहद डरावने हैं। माना जाता है कि इन रहस्यमय खजानों को खोजने में कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा कई लोगों को खजाने का कुछ हिस्सा भी मिला, लेकिन वो जिंदा नहीं लौट सके।



द अंबेर रूम का निर्माण 1707 ईस्वी में पर्सिया में किया गया था। यह एक पूरी तरह से एक सोने का चेंबर है। 1941 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नाजियों ने इस पर कब्जा कर लिया था। इस खजाने को सुरक्षित रखने के लिए इसे अलग-अलग भागों में बांट दिया। इसके बाद 1943 में इसे एक म्यूजियम में प्रदर्शन के लिए रखा गया। लेकिन आश्चर्य तो यहां है कि उसके बाद ये पूरा चेंबर ही गायब हो गया। इसके बाद आज तक चेंबर का पता नहीं चला और जो इसकी तलाश में गए उनकी मौत हो गई।..

ओक आइलैंड (oak island) के रहस्य को सबसे 1795 में कुछ लड़कों द्वारा उजागर किया गया था। इन लड़कों को कनाडा के नोवा स्कोटिया तट के पास एक छोटे से द्वीप पर हल्की रोशनी दिखी थी। इसके बाद जब ये वहां पहुंचे तो उन्होंने पाया कि किसी ने यहां खुदाई की है। इसके बाद जब इन्हीं लड़कों ने वहां और खुदाई की तो उन्हें लकड़ी और नारियल की परतें मिली। इन लड़कों को यहां एक पत्थर भी मिला जिस पर लिखा था कि 40 फीट की गहराई पर दो मिलियन पाउंड गड़े हैं। इसके बाद बहुत से लोगों ने इस खजाने को खोजने के कोशिश की और आज भी खोज कर रहे हैं, लेकिन किसी को अभी तक कुछ नहीं मिला। बल्कि खजाना खोजते समय अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है।...

अमरीका के दक्षिण-पश्चिम इलाके में सोने की खदान (the lost dutchman mine) थी। 1510-1524 के बीच स्पेन के फ्रांसिस्को वास्क डी कोरोनाडो ने इस खदान को खोजने की कोशिश की। इस खजाने को खोजने के लिए उन्होंने जिन लोगों को इस काम में लगाया उनकी एक के बाद एक मौत हो गई। हालांकि यहां 1845 में डॉन मिगुएल पेराल्टा को कुछ सोना मिला, लेकिन स्थानीय अपाचे आदिवासियों ने उनको मौत के घाट उतार डाला। 1931 में इसी खजाने को खोजने के चक्कर में एडोल्फ रूथ लापता हो गए और इसके 2 साल बाद उनका कंकाल मिला था। 2009 में भी डेनवर निवासी जेस केपेन ने यह खजाना खोजने की कोशिश की थी लेकिन 2012 में उनका शव मिला।

मैक्सिको के राष्टपति बेनिटो जुआरेज ने 1864 अपने सैनिकों को खजाने के साथ सेन फ्रांसिस्को भेजा था। इसमें सोने के सिक्के और कीमती जेवरात भरे थे। इसके बाद एक सैनिक की रास्ते मौत हो गई तो बाकी सैनिकों इस खजाने को रास्ते में ही गाड़ दिया। सैनिकों को ऐसा करते हुए डियागो मोरेना ने देख लिया था और उसने बाद में इस खजाने को निकाला और दूसरी जगह गाड़ दिया। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि डियागो की मौत के बाद एक दोस्त जीसस मार्टिनेज ने इस खजाने को पाना चाहा लेकिन उसकी भी मौत हो गई। 1885 में बास्क शेफर्ड को इस खजाने का कुछ हिस्सा मिला था, लेकिन वो ही बाद में उसकी मौत का कारण बना। इसके बाद 1939 में इस खजाने की खुदाई की गई, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। इस खजाने को खोजने के वालों में से 9 लोगों की मृत्यु हो गई।


अमरीका में मिलफोर्ड के पास एक छोटा द्वीप (charles island) है। लेकिन इस द्वीप को शापित माना जाता है। कहा जाता है कि 1721 में मैक्सिकन सम्राट गुआजमोजिन का खजाना चोरी कर चोरों ने इस द्वीप पर छुपा दिया था। इसके बाद 1850 में कुछ लोग यहां पर खजाने की तलाश में आए लेकिन उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद जो भी इस खजाने को खोजने गया उसकी मौत हो गई।






सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 


गुरुवार, 23 मार्च 2017

These miraculous signs are indicative of receipts

धनप्राप्ति के संकेत देते है ये चमत्कारी लक्षण

प्रकृति कई बार धनप्राप्ति के संकेत देती है लेकिन हम उनको प्रहचान नहीं पाते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में जो लक्ष्मी (धन) आगमन के बारे में हमें पहले से ही सूचित कर देते हैं।

1- अगर आपके शरीर के दाहिने भाग में या सीधे हाथ में लगातार खुजली हो, तो समझ लेना चाहिए कि आपको धन लाभ होने वाला है।
2- यदि कोई सपने में देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसमें वह निर्दोष छूट गया है, तो उसे अतुल धन संपदा की प्राप्ति होती है।
3- लेन-देन के समय यदि पैसा आपके हाथ से छूट जाए, तो समझना चाहिए कि धन लाभ होने वाला है।
4- जो व्यक्ति सपने में मोती, मूंगा, हार, मुकुट आदि देखता है, उसके घर में लक्ष्मी स्थाई रूप से निवास करती है।

5- जिसे स्वप्न में कुम्हार घड़ा बनाता हुआ दिखाई देता है, उसे बहुत धन लाभ होता है।
6- दीपावली के दिन यदि कोई किन्नर संज-संवर कर दिखाई दे, तो अवश्य ही धन लाभ होता है। ये धन लाभ अप्रत्याशित रूप से होता है।
7- सोकर उठते ही सुबह-सुबह कोई भिखारी मांगने आ जाए, तो समझना चाहिए कि आपके द्वारा दिया गया पैसा (उधार) बिना मांगे ही मिलने वाला है। इसलिए भिखारी को अपने द्वार से कभी खाली हाथ नहीं लौटाना चाहिए।
8- यदि कोई सपने में स्वयं को कच्छा पहनकर कपड़े में बटन लगाता देखता है, तो उसे धन के साथ मान-सम्मान भी मिलता है।

9- यदि कोई स्वप्न में किसी को चेक लिखकर देता है, तो उसे विरासत में धन मिलता है तथा उसके व्यवसाय में भी वृद्धि होती है।
10- गुरुवार के दिन कुंवारी कन्या पीले वस्त्रों में दिख जाए, तो इसे भी शुभ संकेत मानना चाहिए। ये भी धन लाभ होने के संकेत है।
11- अगर आप धन संबंधित काम के लिए कहीं जाने के लिए कपड़े पहन रह हैं और उसी समय आपकी जेब से पैसे गिरें, तो यह आपके लिए धन प्राप्ति का संकेत है।
12- यदि कोई सपने में दियासलाई जलाता है, तो उसे अनपेक्षित रूप से धन की प्राप्ति होती है।

9- यदि कोई स्वप्न में किसी को चेक लिखकर देता है, तो उसे विरासत में धन मिलता है तथा उसके व्यवसाय में भी वृद्धि होती है।
10- गुरुवार के दिन कुंवारी कन्या पीले वस्त्रों में दिख जाए, तो इसे भी शुभ संकेत मानना चाहिए। ये भी धन लाभ होने के संकेत है।
11- अगर आप धन संबंधित काम के लिए कहीं जाने के लिए कपड़े पहन रह हैं और उसी समय आपकी जेब से पैसे गिरें, तो यह आपके लिए धन प्राप्ति का संकेत है।
12- यदि कोई सपने में दियासलाई जलाता है, तो उसे अनपेक्षित रूप से धन की प्राप्ति होती है।

17- जो व्यक्ति सपने में फल-फूलों का भक्षण करता है, उसे धन लाभ होता है। जो स्वप्न में ध्रुमपान करता है, उसे भी धन प्राप्ति होती है।
18- कुत्ता यदि अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और यह क्रिया बार-बार करे तो उस स्थान पर गढ़ा धन होने की संभावना होती है।
19- यदि यात्रा करते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पूड़ी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ लाता दिखे, तो उस व्यक्ति को धन लाभ होता है।
20- यदि कोई यात्री घर को लौट रहा हो और गधा उसके बाईं ओर रेंके तो उसे थोड़े समय बाद धन लाभ होता है।सरकारी नौकरियों के बारे में ताजा जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपरोक्त पोस्ट से सम्बंधित सामान्य ज्ञान की जानकारी देखने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । 

देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ  देखने के लिए यहाँ क्लिक करें ।